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  "type": "article",
  "title": "ईरान वार्ता टूटने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड उछलने से सोना फिसला, चांदी 60 डॉलर पर अटकी",
  "summary": "अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अटकने, मजबूत आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के बीच सर्राफा बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार की सुबह बिकवाली का गहरा दबाव देखा जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के बेपटरी होने के बाद कीमती धातुओं में यह तेज गिरावट आई है। हाजिर सोना मंगलवार के शुरुआती सत्र में 4,100 डॉलर प्रति औंस के नाजुक दायरे के आसपास संघर्ष करता दिखाई दिया। इससे ठीक पहले के कारोबारी सत्र में पीली धातु करीब 4 फीसदी टूट चुकी थी। इस तेज बिकवाली के चलते सोना सात हफ्तों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जबकि महीने-दर-महीने आधार पर इसमें 7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।\n\nचांदी के बाजार में स्थिति और भी ज्यादा कमजोर नजर आ रही है। पिछले सत्र में सफेद धातु लगभग 6 प्रतिशत टूट गई और मंगलवार को यह 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और केंद्रीय बैंक के कड़े रुख ने वित्तीय बाजारों में हलचल तेज कर दी है। इन कारकों के चलते डॉलर इंडेक्स चढ़कर 101 के पार चला गया है, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.23 प्रतिशत तक जा पहुंची है, जो कि वर्ष 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। बिना ब्याज देने वाली कीमती धातुओं को रखने की लागत बढ़ने के कारण निवेशक सर्राफा से दूरी बना रहे हैं।\n\nतकनीकी संकेतकों में टूट और भारी दैनिक गिरावट\nतकनीकी चार्ट पर सोने के भविष्य को लेकर भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। सोने के वायदा अनुबंधों ने अपने अहम फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तरों को तोड़ दिया है। अगस्त महीने में दर्ज की गई तेजी के बाद कीमतें 61.8 प्रतिशत और 78.6 प्रतिशत के दोनों प्रमुख रिट्रेसमेंट स्तरों के नीचे फिसल गईं, जिससे चार्ट पर काफी नुकसान हुआ है।\n\nबीते सत्र में सोने को 9 जून के बाद की अपनी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट झेलनी पड़ी। यह शुक्रवार के बंद भाव की तुलना में 172 डॉलर टूटकर 3.98 प्रतिशत की शुद्ध हानि के साथ बंद हुआ। चिंता की बात यह भी रही कि सोना दिन के निचले स्तर 4,148 डॉलर से महज कुछ ही डॉलर ऊपर संभल सका। प्रति घंटे की कैंडलस्टिक संरचना पर नजर डालें तो इस बिकवाली की तीव्रता और भी स्पष्ट नजर आती है।\n\nभारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर अहम स्तर टूटे\nघरेलू बाजार में भी अंतरराष्ट्रीय कमजोरी का सीधा असर दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर रात के कारोबार के दौरान सोने ने अपने 1.47 लाख रुपये के स्तर को गंवा दिया। एमसीएक्स सोना 0.20 फीसदी गिरकर 1,46,513 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसके साथ ही इसने 1.50 लाख रुपये का अत्यंत महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर भी खो दिया है।\n\nचांदी की कीमतों में भी तेज उथल-पुथल देखने को मिली। एमसीएक्स चांदी एक समय टूटकर 2,25,800 रुपये तक नीचे आ गई थी, जिसके बाद कुछ मामूली सुधार आया और यह 2,27,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। चांदी ने भी घरेलू मोर्चे पर अपने 2.30 लाख रुपये प्रति किलो के मजबूत आधार को तोड़ दिया है। मौजूदा महीने के भीतर अब तक सोना करीब 3 प्रतिशत और चांदी 4 प्रतिशत से अधिक सस्ती हो चुकी है।\n\nखुदरा बाजार में 24, 22 और 18 कैरेट के ताजा भाव\nस्थानीय खुदरा बाजारों में मंगलवार की सुबह 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में विभिन्न वजन श्रेणियों में 1 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की नरमी देखी गई। इस गिरावट के बाद 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,50,160 रुपये पर आ गया। वहीं जेवराती मांग वाला 22 कैरेट सोना 1,37,460 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,12,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।\n\nप्रति ग्राम के आधार पर देखें तो 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 15,016 रुपये प्रति ग्राम रही। 91.6 प्रतिशत शुद्धता वाला 22 कैरेट सोना 13,764 रुपये प्रति ग्राम तथा 18 कैरेट सोना 11,262 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। खुदरा चांदी की बात करें तो 1 किलोग्राम चांदी 2,39,900 रुपये पर आ गई, जो कि इसका मासिक निचला स्तर है। इसके अलावा 100 ग्राम चांदी 23,990 रुपये और 10 ग्राम चांदी 2,399 रुपये में मिल रही है।\n\nकच्चे तेल की चाल और अमेरिकी राजनीति का दबाव\nभू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी बुलियन पर गहरा दबाव बनाया है। तेहरान के ताजा प्रस्ताव को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज किए जाने के बाद ईरानी अधिकारियों ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले किसी समझौते पर पहुंचने को लेकर संशय जाहिर किया है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी लौटने लगी है। ऊर्जा के महंगे होने से महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप बॉन्ड यील्ड नए बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर पहुंच गई है।\n\nब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने से मुंह मोड़ रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में तीन वर्षों में पहली बार की गई ब्याज दर वृद्धि के बाद, बाजार अब अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की लगभग 70 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।\n\nआगामी आर्थिक आंकड़े और विश्लेषकों की राय\nबाजार का ध्यान अब इस हफ्ते जारी होने वाले प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर टिक गया है। इनमें बुधवार को आने वाली कोर पीसीई मुद्रास्फीति रिपोर्ट और शुक्रवार के गैर-कृषि रोजगार आंकड़े शामिल हैं, जिनसे भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा तय होगी।\n\nकोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला के अनुसार, महंगी ऊर्जा और अमेरिकी आंकड़ों ने बॉन्ड यील्ड को ऊपर धकेला है। कोटक विश्लेषक ने कहा, \n \"A hot inflation print followed by a second consecutive month of strong employment data would heavily solidify expectations for an October rate hike and could open the path toward $4,000 for gold, while silver may head for $56-$57 if it fails to reclaim the $61 level. Conversely, a precious metals rebound would likely need a combination of softer labor metrics, a more patient Fed tone, or diplomatic breakthroughs in West Asia that drag crude lower.\"\n\nविश्लेषकों का मानना है कि यदि मुद्रास्फीति गर्म रही तो सोने में 4,000 डॉलर तक की गिरावट आ सकती है, जबकि चांदी 61 डॉलर का स्तर न बचा पाने पर 56 से 57 डॉलर की तरफ जा सकती है। इसके विपरीत कीमती धातुओं में किसी भी सुधार के लिए रोजगार के कमजोर आंकड़े, फेड का नरम रुख या पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रगति की जरूरत होगी जो कच्चे तेल को नीचे ला सके।\n\nतकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस के प्रमुख स्तर\nनिकट अवधि में सोने और चांदी के रुझान को मंदी की ओर देखते हुए वेंचुरा में कमोडिटी और सीआरएम प्रमुख एन एस रामास्वामी ने प्रमुख स्तरों को रेखांकित किया है। एमसीएक्स दिसंबर सोना वायदा के लिए, जो 149,427 रुपये के पास चल रहा है, तात्कालिक रेजिस्टेंस 151,000 रुपये, 153,500 रुपये और 155,500 रुपये पर बना हुआ है। वहीं निचले स्तर पर 148,000 रुपये, 145,000 रुपये और 140,000 रुपये पर सपोर्ट देखा जा रहा है।\n\nकॉमेक्स दिसंबर सोना वायदा के संदर्भ में, जो लगभग 4,194 डॉलर पर है, ऊपर की तरफ रेजिस्टेंस 4,260 डॉलर और 4,350 डॉलर पर मौजूद है। गिरावट की स्थिति में इसके लिए सपोर्ट 4,130 डॉलर, 4,050 डॉलर और 4,000 डॉलर के स्तरों पर आंका गया है। आगामी डेटा के आने तक सर्राफा बाजार में अस्थिरता बनी रहने की पूरी संभावना है।\n\nइसका आप पर असर\nकीमती धातुओं में आई इस तेज गिरावट से खुदरा आभूषण खरीदारों को फौरी राहत मिलेगी, जबकि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।\n\n• खुदरा खरीदारों के लिए: 24 और 22 कैरेट सोने के दामों में आई नरमी से आगामी त्योहारी और वैवाहिक खरीदारी के लिए बजट थोड़ा सुधरेगा। 10 ग्राम 22 कैरेट सोना गिरकर 1,37,460 रुपये पर आ गया है, जिससे शादी-विवाह के आभूषण पहले के मुकाबले सस्ते मिलेंगे।\n• वायदा और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए: एमसीएक्स पर 1.50 लाख का स्तर टूटने से स्टॉप-लॉस हिट होने का खतरा बढ़ गया है। ट्रेडर्स को 148,000 और 145,000 रुपये के सपोर्ट स्तरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए ताकि अचानक होने वाले नुकसान से बचा जा सके।\n• चांदी के निवेशकों के लिए: चांदी की कीमत मासिक निचले स्तर 2,39,900 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। यदि यह 61 डॉलर के पार नहीं संभलती है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसमें और गिरावट आ सकती है, इसलिए नया निवेश किस्तों में करना बेहतर होगा।\n• फिक्स्ड डिपॉजिट व डेट निवेशकों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.23 प्रतिशत होने से वैश्विक ब्याज दरों में सख्ती का माहौल बना रहेगा। इसका संकेत है कि निवेशकों को सुरक्षित बॉन्ड और फिक्स्ड इनकम विकल्पों में कुछ समय तक बेहतर रिटर्न मिलते रहने की संभावना है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई यह गिरावट मुख्य रूप से भू-राजनीतिक अनिश्चितता, कच्चे तेल में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के संयुक्त प्रभाव के कारण हुई है।\n\n• ईरान और अमेरिका में वार्ता का टूटना: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान के प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत रुक गई है। ईरानी अधिकारियों ने आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले समझौते की उम्मीद बहुत कम जताई, जिससे कच्चे तेल के भाव फिर से बढ़ गए।\n• बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में उछाल: ऊर्जा लागत बढ़ने से मुद्रास्फीति की चिंताएं गहरी हो गईं और अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.23 प्रतिशत तक जा पहुंची। मजबूत डॉलर इंडेक्स के 101 के पार निकलने से बिना यील्ड वाली धातुओं की होल्डिंग लागत काफी बढ़ गई।\n• फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि की आशंका: अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के बाद अक्टूबर महीने में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग 70 प्रतिशत तक आंकी जा रही है। तीन साल में पहली बार इस महीने दरें बढ़ाने के बाद केंद्रीय बैंक के सख्त रुख ने बुलियन से निवेशकों को दूर किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हाजिर सोने और चांदी में कितनी गिरावट आई है?\nहाजिर सोना 4 फीसदी की गिरावट के साथ 4,100 डॉलर प्रति औंस के पास आ गया है, जबकि चांदी 6 फीसदी टूटकर 60 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।\n\n2. एमसीएक्स पर सोने और चांदी के क्या भाव रहे?\nएमसीएक्स पर सोना गिरकर 1,46,513 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी टूटकर 2,27,390 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।\n\n3. खुदरा बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमत क्या है?\nखुदरा बाजार में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,50,160 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,460 रुपये पर दर्ज किया गया।\n\n4. सोने के भाव गिरने का मुख्य वैश्विक कारण क्या है?\nअमेरिका-ईरान वार्ता अटकना, महंगे कच्चे तेल से 10 वर्षीय अमेरिकी यील्ड का 5.23 प्रतिशत पहुंचना और अक्टूबर में फेड रेट बढ़ने की 70 फीसदी संभावना मुख्य वजह है।\n\n5. विश्लेषकों के अनुसार सोने और चांदी का अगला सपोर्ट स्तर क्या हो सकता है?\nमहंगाई मजबूत रहने पर सोना 4,000 डॉलर तक फिसल सकता है, जबकि चांदी 61 डॉलर के नीचे रहने पर 56 से 57 डॉलर तक गिर सकती है।",
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  "publishedAt": "2026-09-29",
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