आईआरसीटीसी के शेयरों में आ सकता है 20 प्रतिशत का उछाल, ब्रोकरेज ने 560 रुपये का लक्ष्य रखा लगातार गिरावट झेल रहे आईआरसीटीसी के शेयर में चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिकवरी की संभावना जताई है और 560 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी की सलाह दी है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी के शेयरों में लंबे समय से जारी दबाव के बाद अब वित्तीय विश्लेषकों का नजरिया सकारात्मक होता दिख रहा है। पिछले एक साल के दौरान लगभग 36 फीसदी का नुकसान झेल चुके इस रेलवे शेयर पर ब्रोकिंग फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने तेजी का भरोसा जताया है। ब्रोकरेज फर्म का आंकलन है कि मौजूदा कीमत से यह शेयर करीब 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर सकता है, जिसके आधार पर निवेशकों को इस काउंटर में खरीदारी करने का सुझाव दिया गया है। हालिया कारोबारी रुझान और शेयरों का प्रदर्शन बीते कुछ कारोबारी सत्रों से आईआरसीटीसी के शेयरों में सुस्ती देखी गई है। सोमवार के दिन यह शेयर 471 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। अल्पकालिक और मध्यम अवधि के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में इसकी कीमत में 2 फीसदी की कमजोरी आई है, जबकि छह महीने के अंतराल में इसमें 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा साल 2026 में अब तक इस काउंटर ने 31 फीसदी का गोता लगाया है और एक साल की अवधि में यह शेयर कुल मिलाकर करीब 36 फीसदी नीचे आ चुका है। टारगेट प्राइस और कंपनी का मौजूदा मूल्यांकन चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस रेलवे शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे 'BUY' रेटिंग दी है और प्रति शेयर ₹560 रुपये का नया टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। यह लक्ष्य मौजूदा भाव से लगभग 20% तक की संभावित रैली को रेखांकित करता है। बीएसई पर लगभग ₹37,700 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली इस कंपनी के शेयरों का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹736.80 रहा है। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि ऊपरी स्तरों से भारी बिकवाली के बाद मौजूदा भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन काफी आकर्षक स्तर पर आ पहुंचा है। बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और सुपर ऐप से विकास को गति एनालिस्ट्स के इस तेजी वाले दृष्टिकोण के केंद्र में कंपनी का जारी कारोबारी बदलाव यानी बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन है। आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में रेलवे के कुल आरक्षित टिकटों में से लगभग 89% टिकट पहले से ही ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जा रहे हैं। इसका साफ संकेत यह है कि कोर टिकटिंग कारोबार में नए ग्राहकों को सीधे जोड़ने की गति अब एक निश्चित सीमा तक पहुंच रही है। इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने विशाल यूजर बेस से प्रति यूजर औसत आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। आईआरसीटीसी वर्तमान में एक एकीकृत सुपर ऐप पर काम कर रहा है, जिसके माध्यम से रेल टिकट के साथ होटल, फ्लाइट, बस सेवा, कैटरिंग और हॉलिडे टूर पैकेज की एंड-टू-एंड बुकिंग एक ही जगह उपलब्ध होगी। यह क्रॉस-सेलिंग व्यवस्था आने वाले समय में कंपनी की नॉन-टिकटिंग आमदनी को कई गुना तेज कर सकती है। रेलवे आधुनिकीकरण और वंदे भारत नेटवर्क का असर रेल नेटवर्क के व्यापक आधुनिकीकरण से आईआरसीटीसी की बैलेंस शीट को महत्वपूर्ण वित्तीय और परिचालन मजबूती मिल रही है। आंकड़ों से पता चलता है कि कुल आरक्षित टिकटिंग में प्रीमियम एसी वर्ग की हिस्सेदारी बढ़कर 51% के स्तर को पार कर चुकी है। इसके साथ ही वर्तमान में पूरे देश में लगभग 164 वंदे भारत ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। ब्रोकरेज के विश्लेषण के अनुसार वर्ष 2030 तक इन ट्रेनों की संख्या लगभग 800 और वर्ष 2047 तक 4,500 तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। रेल नेटवर्क के इस अभूतपूर्व विस्तार से न सिर्फ हाई-मार्जिन टिकटिंग श्रेणी को मजबूती मिलेगी, बल्कि ऑन-बोर्ड फूड कैटरिंग तथा प्रीमियम पैकेजिंग व्यवसाय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसका आप पर असर आईआरसीटीसी के शेयरों में संभावित रिकवरी और कारोबारी विस्तार का खुदरा निवेशकों और रेल यात्रियों दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • खुदरा निवेशकों पर प्रभाव: मौजूदा 471 रुपये के भाव पर निवेश करने वाले शेयरधारकों को 560 रुपये तक के संभावित उछाल का लाभ मिल सकता है। जो निवेशक बीते एक साल की 36 फीसदी गिरावट के दौरान नुकसान में थे, उनके लिए यह स्तर रिकवरी का मौका दे सकता है। • रेल यात्रियों के लिए सुविधाएं: कंपनी द्वारा विकसित किए जा रहे सुपर ऐप से यात्रियों को टिकट के साथ-साथ होटल और टूर पैकेज की एक जगह बुकिंग मिलेगी। यात्रियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए विभिन्न पोर्टल्स पर जाने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी। • प्रीमियम यात्रा का अनुभव: 164 मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों के अलावा भविष्य में बड़े पैमाने पर नए रूट्स जोड़े जाएंगे। इससे प्रीमियम एसी श्रेणी और ऑन-बोर्ड आधुनिक खानपान सेवाओं का लाभ अधिक यात्रियों को प्राप्त होगा। • पोर्टफोलियो जोखिम प्रबंधन: बाजार में अनिश्चितता के बीच रेलवे पीएसयू में निवेश करने से पहले सर्टिफाइड एडवाइजर की सलाह लेना जरूरी है। किसी भी लक्ष्य तक पहुंचने में समय लग सकता है, इसलिए जोखिम क्षमता का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ आईआरसीटीसी के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज के आशावादी होने के पीछे कई बुनियादी और रणनीतिक कारक मौजूद हैं। लगातार गिरावट के बाद कंपनी का मजबूत बुनियादी ढांचा और आधुनिकीकरण योजनाएं इस बदलाव को गति दे रही हैं। • आकर्षक मूल्यांकन और गिरावट की सीमा: पिछले एक साल में 36 फीसदी और 2026 में 31 फीसदी लुढ़कने के बाद शेयर ₹736.80 के 52-वीक हाई से काफी नीचे आ गया था। इस स्तर पर ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को वैल्यूएशन काफी अनुकूल नजर आया। • कोर टिकटिंग में ठहराव और सुपर ऐप की तैयारी: कुल आरक्षित टिकटिंग का 89% हिस्सा पहले से ही डिजिटल होने के कारण नए यूजर जोड़ने की रफ्तार धीमी पड़ रही थी। इसके समाधान के रूप में कंपनी ने होटल, कैटरिंग और हॉलिडे बुकिंग को जोड़ने वाले सुपर ऐप के जरिए प्रति यूजर कमाई बढ़ाने पर जोर दिया है। • रेलवे आधुनिकीकरण और प्रीमियम ट्रेन विस्तार: आरक्षित श्रेणी में एसी सीटों की हिस्सेदारी 51% से अधिक हो चुकी है और वर्तमान में 164 वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर हैं। सरकार की योजना 2030 तक 800 और 2047 तक 4,500 वंदे भारत ट्रेनें चलाने की है, जिससे टिकटिंग और ऑन-बोर्ड कैटरिंग आय में तेज इजाफा होगा। सवाल-जवाब 1. आईआरसीटीसी शेयर के लिए क्या टारगेट प्राइस दिया गया है? चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस शेयर के लिए 560 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। 2. वर्तमान में आईआरसीटीसी का शेयर किस भाव पर बंद हुआ था? सोमवार के कारोबारी सत्र में यह शेयर 471 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। 3. पिछले एक साल में इस रेलवे शेयर में कितनी गिरावट दर्ज की गई है? पिछले एक वर्ष की अवधि के दौरान आईआरसीटीसी के शेयर में करीब 36 प्रतिशत की गिरावट आई है। 4. आईआरसीटीसी का 52-वीक हाई कितना है? बीएसई पर इस शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹736.80 रहा है। 5. रेलवे के कुल आरक्षित टिकटों में ऑनलाइन बुकिंग का कितना हिस्सा है? वर्तमान में लगभग 89 प्रतिशत आरक्षित रेल टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए जाते हैं। 6. वर्तमान में देश में कुल कितनी वंदे भारत ट्रेनें दौड़ रही हैं? वर्तमान समय में देश भर के रेल नेटवर्क पर लगभग 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। 7. वर्ष 2030 तक कितनी वंदे भारत ट्रेनें चलाने का अनुमान जताया गया है? ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2030 तक लगभग 800 और वर्ष 2047 तक 4,500 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का अनुमान है। https://trendkia.com/money/irctc-ke-sheyaron-men-a-sakata-hai-20-pratishata-ka-uchhala-brokareja-ne-560-rupaye-ka-lakshya-rakha-37108 TrendKia — Har trend, sabse pehle.