ITR फाइलिंग से पहले AIS जांचना क्यों जरूरी है? कहीं कोई बड़ी गलती न हो जाए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि फाइल करने से पहले अपना एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जरूर देखें। यह आपके सभी वित्तीय लेन-देन का एक विस्तृत रिकॉर्ड है जिसे आयकर विभाग द्वारा सीधे ट्रैक किया जाता है। इन दिनों आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने का दौर चल रहा है। उन करदाताओं के लिए, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है, रिटर्न भरने की अंतिम समय सीमा 31 जुलाई निर्धारित है। यदि आप भी अपना ITR भरने की तैयारी में हैं, तो सबसे पहले एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) की जांच करना अनिवार्य है। AIS में बैंक ब्याज, शेयर बाजार में निवेश, म्यूचुअल फंड की गतिविधियां और अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री जैसी हर वित्तीय जानकारी दर्ज रहती है। आयकर विभाग के पास यह सारा डेटा पहले से मौजूद होता है। यदि आप अपनी आय के किसी स्रोत को ITR में बताना भूल जाते हैं, तो विभाग की तरफ से आपको नोटिस भेजा जा सकता है, क्योंकि AIS में दर्ज होने के कारण वह जानकारी पहले ही अधिकारियों के पास उपलब्ध होती है। AIS क्या है और इसमें क्या-क्या जानकारी शामिल होती है? AIS आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध एक व्यापक डिजिटल विवरण है, जो पैन (PAN) कार्ड से जुड़े एक वित्तीय वर्ष के सभी महत्वपूर्ण लेन-देन का ब्यौरा रखता है। इसमें लाभांश (डिविडेंड), ब्याज, शेयर बाजार से जुड़े ट्रांजैक्शन, म्यूचुअल फंड निवेश और विदेश से प्राप्त धन का पूरा रिकॉर्ड शामिल है। यह डेटा सीधे उन वित्तीय संस्थानों से प्राप्त होता है जहां आपने लेन-देन किया है। बैंक, सूचीबद्ध कंपनियां, म्यूचुअल फंड हाउस, स्टॉक ब्रोकर्स और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार जैसे संस्थान हर बड़े लेन-देन की रिपोर्ट सीधे आयकर विभाग को सौंपते हैं, जो अंततः आपके AIS में दिखाई देता है। AIS ऑनलाइन चेक करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया ITR दाखिल करने से पहले, आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी जानकारी देख सकते हैं। इसका तरीका नीचे दिया गया है • आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं और लॉग-इन करें। यदि आप पहले से पंजीकृत नहीं हैं, तो पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें। • वेबसाइट पर लॉग-इन करने के बाद डैशबोर्ड पर स्थित 'AIS' विकल्प पर क्लिक करें। • अब ड्रॉप-डाउन मेन्यू का उपयोग करके संबंधित वित्तीय वर्ष (Financial Year) को चुनें। इसके बाद आपके सामने आपका AIS प्रदर्शित हो जाएगा। AIS के दो मुख्य भाग जब आप अपना AIS ओपन करेंगे, तो यह मुख्य रूप से दो हिस्सों में बटा हुआ होगा Part A: इसमें करदाता की बुनियादी व्यक्तिगत जानकारियां होती हैं, जैसे आपका नाम, पैन (PAN), आधार संख्या, जन्म तिथि, पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल पता और घर का पता। Part B: यह सबसे महत्वपूर्ण भाग है जिसमें आयकर विभाग आपके लेन-देन का हिसाब रखता है। इसमें TDS/TCS का विवरण, बड़ी मात्रा में नकद जमा, म्यूचुअल फंड और शेयरों से संबंधित वित्तीय गतिविधियां, टैक्स भुगतान का रिकॉर्ड, टैक्स डिमांड, रिफंड की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय सूचनाएं दर्ज होती हैं। डाउनलोड की गई PDF के लिए सुरक्षा निर्देश आप अपनी सुविधा के लिए AIS को डाउनलोड कर सकते हैं। सुरक्षा मानकों के कारण, यह PDF फाइल पासवर्ड से सुरक्षित (Password Protected) होती है। इसे खोलने के लिए आपको एक विशेष पासवर्ड का उपयोग करना होगा। पासवर्ड के रूप में अपना पैन (छोटे अक्षरों में) और अपनी जन्म तिथि (DDMMYYYY प्रारूप में) को बिना किसी गैप के एक साथ लिखना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आपका पैन AAAAA1335A है और आपकी जन्म तिथि 21 जनवरी 1991 है, तो आपकी फाइल का पासवर्ड aaaaa1335a21011991 होगा। इसका आप पर असर भारत में: सभी करदाताओं को अपनी आय का मिलान एआईएस से करना चाहिए ताकि गलती से कोई कटौती या आय छूटने पर नोटिस न आए। सवाल-जवाब 1. आईटीआर भरने की आखिरी तारीख क्या है? जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। 2. एआईएस (AIS) क्या है? एआईएस एक डिजिटल विवरण है जिसमें आपके पैन कार्ड से जुड़े सभी बड़े वित्तीय लेन-देन, जैसे बैंक ब्याज, शेयर बाजार निवेश और म्यूचुअल फंड की जानकारी होती है। 3. डाउनलोड की गई पीडीएफ का पासवर्ड क्या है? पीडीएफ फाइल खोलने के लिए पासवर्ड आपका पैन कार्ड नंबर (छोटे अक्षरों में) और जन्म तिथि (DDMMYYYY) को बिना किसी स्पेस के मिलाकर बनाना होगा। 4. एआईएस में डेटा कहां से आता है? यह डेटा सीधे बैंकों, कंपनियों, म्यूचुअल फंड हाउस और स्टॉक ब्रोकर्स जैसे वित्तीय संस्थानों द्वारा आयकर विभाग को दिया जाता है। https://trendkia.com/money/itr-phailinga-se-pahale-ais-janchana-kyon-jaruri-hai-kahin-koi-bari-galati-na-ho-jae-7002 TrendKia — Har trend, sabse pehle.