जिओ प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के तीसरे दिन संस्थागत निवेशकों की भारी मांग, ग्रे मार्केट में 22 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत जिओ प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 5.94 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने सबसे ज्यादा बोली लगाई है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में 245 रुपये की बढ़त के साथ 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। जिओ प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को अपनी बोली प्रक्रिया के तीसरे दिन निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। इस सार्वजनिक निर्गम को अब तक कुल 5.94 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने इस मांग की अगुवाई की है और सबसे ज्यादा बोलियां जमा की हैं, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। 21 अक्टूबर को खुले इस आईपीओ में संस्थागत रुचि से प्राथमिक बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और निवेशक अब इसके शेयर आवंटन तथा लिस्टिंग की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और बोली की मुख्य शर्तें इस सार्वजनिक निर्गम के तहत प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। खुदरा और अन्य निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयरों का रखा गया है। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए 13,428 रुपये का निवेश करना आवश्यक है। शुरुआती दो दिनों के रुझान के बाद तीसरे दिन योग्य संस्थागत खरीदारों ने आक्रामक रुख दिखाया, जिससे कुल सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 5.94 गुना तक पहुंच गया। हालांकि, खुदरा श्रेणी में अभी उस स्तर की होड़ देखने को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम चरण तक भागीदारी में और वृद्धि होगी। फंड जुटाने का उद्देश्य और कर्ज में कमी की रणनीति जिओ प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित है और इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई घटक शामिल नहीं है। यानी इस निर्गम से जुटाई गई पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी। कंपनी की योजना के अनुसार, इस इश्यू से प्राप्त होने वाली लगभग 27,500 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग उसकी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के मौजूदा कर्ज को समय से पहले चुकाने (प्रिपैमेंट) के लिए किया जाएगा। इस बड़े कदम से कंपनी के बैलेंस शीट पर वित्तीय बोझ कम होगा और ब्याज लागत में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। वित्तीय स्थिति और कंपनी का बाजार मूल्यांकन कारोबारी मोर्चे पर जिओ प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। वित्तीय वर्ष FY26 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर (YoY) 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कर पश्चात शुद्ध लाभ (PAT) में भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। प्रति शेयर 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। वित्तीय सेहत में निरंतर सुधार और मजबूत ग्राहक आधार के चलते विश्लेषक कंपनी के इस सार्वजनिक निर्गम को दीर्घकालिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग का टाइमलाइन अनौपचारिक ग्रे मार्केट में जिओ प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। 23 अक्टूबर को सुबह 9:37 बजे कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 245 रुपये दर्ज किया गया। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये में इस प्रीमियम को जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 1,364 रुपये प्रति शेयर निकलकर आता है, जो लगभग 21.89 प्रतिशत यानी करीब 22 प्रतिशत के लिस्टिंग लाभ की ओर इशारा करता है। ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट केवल एक अनौपचारिक संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग मूल्य बाजार की तात्कालिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। आईपीओ के शेयरों का आवंटन अगले सप्ताह पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग होगी। इसका आप पर असर जिओ प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में मजबूत सब्सक्रिप्शन से आम निवेशकों और शेयर बाजार के कारोबारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। • खुदरा निवेशकों के लिए: आईपीओ में आवेदन करने वाले खुदरा निवेशकों को अगले सप्ताह अपने शेयर आवंटन की स्थिति का पता चलेगा। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये पर आवंटन मिलने पर लिस्टिंग के दिन संभावित मुनाफा हासिल हो सकता है। • बाजार के कारोबारियों के लिए: 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग से शेयर बाजार में बड़ी तरलता आएगी। 10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाली कंपनी के सूचीबद्ध होने से बाजार के रुख पर असर पड़ेगा। • भारत भर में: 27,500 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान से दूरसंचार परिचालन पर ब्याज का बोझ घटेगा। इससे देश भर में डिजिटल नेटवर्क और ढांचागत सुविधाओं में और सुधार की संभावना बनेगी। • दूरसंचार क्षेत्र पर असर: इस सार्वजनिक निर्गम से तय हुआ मूल्यांकन भारतीय डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों के लिए नया मानदंड स्थापित करेगा। प्रतिस्पर्धी कंपनियों के शेयरों पर भी इसका असर देखा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ जिओ प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम को मिली मजबूत मांग के पीछे मजबूत वित्तीय परिणाम और जुटाए गए फंड का कर्ज चुकाने में स्पष्ट उपयोग मुख्य कारण हैं। • संस्थागत निवेशकों का भरोसा: योग्य संस्थागत खरीदारों ने सब्सक्रिप्शन में सबसे ज्यादा रुचि दिखाई क्योंकि बड़े फंड भारत के बढ़ते डिजिटल क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं। • कर्ज कम करने की रणनीति: रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने के लिए 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग करने से कंपनी का ब्याज खर्च कम होगा और लाभप्रदता बढ़ेगी। • मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: वित्तीय वर्ष FY26 में कंपनी के राजस्व में 16% और कर पश्चात लाभ (PAT) में 15% की सालाना वृद्धि ने संस्थागत निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। • ग्रे मार्केट के सकारात्मक संकेत: 245 रुपये का ग्रे मार्केट प्रीमियम लिस्टिंग से पहले द्वितीयक बाजार में निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। सवाल-जवाब 1. जिओ प्लेटफॉर्म्स आईपीओ तीसरे दिन तक कितना सब्सक्राइब हुआ है? यह आईपीओ कुल 5.94 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) की ओर से सबसे ज्यादा बोलियां मिली हैं। 2. इस आईपीओ का प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश कितना है? इसका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम 12 शेयरों के लॉट के तहत 13,428 रुपये का निवेश जरूरी है। 3. आईपीओ का शेयर आवंटन और लिस्टिंग कब होगी? शेयरों का आवंटन अगले सप्ताह पूरा होने की उम्मीद है, जबकि 28 अक्टूबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग तय है। 4. ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुसार अनुमानित लिस्टिंग प्राइस क्या है? 245 रुपये के ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 1,364 रुपये प्रति शेयर है, जो 21.89 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है। 5. आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कहां करेगी? कंपनी प्राप्त होने वाली लगभग 27,500 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के बकाए कर्ज को समय से पहले चुकाने में करेगी। https://trendkia.com/money/jio-platforms-ipo-ke-tisare-dina-snsthagata-niveshakon-ki-bhari-manga-gre-marketa-men-22-pratishata-primiyama-ka-snketa-50839 TrendKia — Har trend, sabse pehle.