कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से टूटे सोना-चांदी, MCX पर चांदी एक साल के निचले स्तर पर पहुंची अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गई है, जबकि सोना भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने कीमती धातुओं के बाजारों में बड़ी गिरावट ला दी है। 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों ही भारी दबाव में कारोबार करते दिखे। चांदी की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह पिछले एक साल के सबसे निचले स्तर पर फिसल गई। वैश्विक स्पॉट मार्केट में भी सोने और चांदी के भाव लगातार गिर रहे हैं, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी का हाल वैश्विक स्पॉट मार्केट में सोने की कीमत 4,015 डॉलर प्रति औंस के आसपास दर्ज की गई, जो लगातार गिरते हुए 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्पॉट चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखी गई। यह फिसलकर 54 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई, जो नवंबर 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में 5 प्रतिशत से भी अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। भारतीय बाजारों की बात करें तो ओवरनाइट सत्र में MCX पर चांदी का भाव दिसंबर 2025 के बाद पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे चला गया। दूसरी ओर, MCX पर सोना 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर होने की कोशिश करता दिखा। हालांकि, 23 अक्टूबर के शुरुआती कारोबारी घंटों में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। MCX पर चांदी जोरदार गैप-डाउन के साथ 196,590 रुपये के स्तर पर खुली और 1.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 196,050 रुपये के आसपास कारोबार करती नजर आई। दिन के दौरान चांदी ने 1,92,800 रुपये प्रति किलोग्राम का intraday निचला स्तर छुआ, जिसमें कुल मिलाकर 4,550 रुपये यानी 2.3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। MCX सोने का अनुबंध भी गैप-डाउन के साथ 142,060 रुपये पर खुला। हालांकि शुरुआती निचले स्तर से मामूली सुधार के बाद यह 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 142,450 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,806 रुपये प्रति 10 ग्राम का intraday निचला स्तर छुआ। इस तरह सोने में करीब 1,300 रुपये यानी 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड का 4,000 डॉलर के स्तर की ओर फिसलना रहा। कच्चे तेल में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव का असर कीमती धातुओं में आई इस तेज गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष और तनाव के चलते कच्चे तेल में नई खरीदारी शुरू हो गई है। US WTI क्रूड ऑयल 1 प्रतिशत उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। कच्चे तेल के इस उछाल ने वैश्विक ऊर्जा संकट और महंगाई के दबाव को फिर से बढ़ा दिया है। उच्च मुद्रास्फीति के कारण वित्तीय बाजारों में यह आशंका प्रबल हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड (बॉन्ड रिटर्न) अधिक आकर्षक हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक बिना ब्याज या रिटर्न देने वाले सुरक्षित निवेश विकल्पों (जैसे सोना और चांदी) से अपना पैसा निकालकर डॉलर और बॉन्ड्स में लगाने लगते हैं। इसी वजह से कीमती धातुओं के प्रति निवेशकों का आकर्षण कम हो गया है। चांदी की कीमतों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण एनरिच मनी के CEO पोंमुडी आर के अनुसार, MCX चांदी 200,000 रुपये से 202,000 रुपये के अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को तोड़कर नीचे आ चुकी है। अब यह रेंज चांदी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस (ऊपरी बाधा) का काम करेगी। इसके बाद अगला रेजिस्टेंस स्तर 206,000 रुपये से 208,000 रुपये के बीच देखा जा रहा है। नीचे की तरफ, चांदी के लिए तत्काल सपोर्ट 192,000 रुपये से 194,000 रुपये के दायरा में मौजूद है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो अगला मजबूत सपोर्ट जोन 183,000 रुपये से 185,000 रुपये के पास है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 24 के स्तर के आसपास है, जो दर्शाता है कि बाजार अत्यधिक बिकवाली (oversold) की स्थिति में है। हालांकि, MACD इंडिकेटर अभी भी अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है, जिसका अर्थ है कि बिकवाली का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पोंमुडी आर का मानना है कि केवल ओवरसोल्ड RSI स्थिति ही ट्रेंड पलटने (reversal) की गारंटी नहीं देती। चांदी में स्थिरता के लिए कीमतों का 200,000 से 202,000 रुपये के ऊपर टिकना बेहद जरूरी है। सोने का तकनीकी दृष्टिकोण और रुपये की भूमिका सोने के तकनीकी प्रदर्शन पर पोंमुडी आर ने बताया कि MCX सोना चांदी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और COMEX सोने की तुलना में इसमें कम गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण यह है कि चांदी पर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक सुस्ती का अधिक विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। सोने के लिए 143,000 रुपये से 143,700 रुपये का दायरा (जो पहले सपोर्ट था) अब तत्काल रेजिस्टेंस बन गया है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 145,300 रुपये से 146,000 रुपये पर है। निचले स्तरों पर 140,000 रुपये से 141,000 रुपये का क्षेत्र पहला सपोर्ट प्रदान करेगा, जबकि इसके नीचे गिरावट बढ़ने पर 137,500 रुपये से 138,300 रुपये का अगला सपोर्ट जोन टेस्ट हो सकता है। सोने का RSI 32 के आसपास है जो ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच रहा है, जबकि नकारात्मक MACD हिस्टोग्राम का चौड़ा होना लगातार नीचे की ओर गति का संकेत देता है। इस बीच, भारतीय रुपये की कमजोरी ने घरेलू सोने की कीमतों को थोड़ा सहारा दिया है। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.4 प्रतिशत गिरकर 94.82 के स्तर के आसपास बंद हुआ। रुपये के कमजोर होने से आयातित सोना महंगा हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पूरी गिरावट का असर भारतीय कीमतों पर नहीं पड़ा और घरेलू सोने को आंशिक सुरक्षा मिली। एमसीएक्स पर अन्य जिंसों का हाल 23 अक्टूबर को MCX पर कमोडिटी बाजार का मिला-जुला रुख देखने को मिला, हालांकि अधिकांश धातुएं और जिंस दबाव में रहीं। तांबा (कॉपर) और कच्चा तेल दो अपवाद रहे, जिनमें क्रमशः 0.2 प्रतिशत और 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी के साथ-साथ प्राकृतिक गैस (नैचुरल गैस) में सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इलायची के वायदा भाव में 0.5 प्रतिशत की मंदी रही। इनके अलावा सोना, जस्ता (जिंक) और सीसा (लेड) की कीमतों में भी 0.4 प्रतिशत से लेकर 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे कमोडिटी बास्केट पर बिकवाली का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इसका आप पर असर सोना और चांदी की कीमतों में आई यह भारी गिरावट खुदरा आभूषण खरीदारों, निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए सीधे प्रभाव लेकर आई है। • भारत में खरीदारों के लिए: सोने और चांदी के रेट गिरने से आगामी त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन के लिए आभूषण खरीदना थोड़ा सस्ता होगा। • निवेशकों के लिए: गोल्ड ईटीएफ और फिजिकल गोल्ड धारकों को पोर्टफोलियो में अल्पकालिक घाटा दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि के खरीदारों के लिए यह संचय का अवसर है। • वायदा कारोबारियों (Traders) के लिए: MCX में तेज उतार-चढ़ाव और ओवरसोल्ड स्थिति के कारण सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना जरूरी है। • ईंधन और महंगाई का असर: कच्चे तेल के $100 प्रति बैरल पार करने से भारत में ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। ऐसा क्यों हुआ कीमती धातुओं में भारी गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से जुड़ी हुई है। • कच्चे तेल में तेजी: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण डब्ल्यूटीआई क्रूड $100 और ब्रेंट क्रूड $114 के करीब पहुंचा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया है। • फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की आशंका: ऊंची महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की उम्मीद से डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत हुए हैं। • औद्योगिक मांग की चिंता: चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक सुस्ती और औद्योगिक मांग में कमी की चिंताओं का सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर पड़ा है। सवाल-जवाब 1. 23 अक्टूबर 2026 को MCX पर चांदी का क्या भाव रहा? MCX पर चांदी 196,050 रुपये के आसपास कारोबार कर रही थी और दिन के दौरान 1,92,800 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ। 2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी अपने किस स्तर पर पहुंची? अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में चांदी 54 डॉलर प्रति औंस से नीचे गिर गई, जो नवंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। 3. MCX पर सोने का भाव कितना गिरा? MCX सोना 0.60% गिरकर 142,450 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था और intraday में 1,41,806 रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे गया। 4. सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना से सोने-चांदी में गिरावट आई है। https://trendkia.com/money/kachche-tel-ki-bahti-kimaton-se-toote-sona-chandi-mcx-par-chandi-ek-saal-ke-nichle-stard-par-50848 TrendKia — Har trend, sabse pehle.