कच्चे तेल में उछाल और वैश्विक दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सत्र की बिकवाली के बाद गुरुवार को भी हलचल जारी रहने का अनुमान है, जहां निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए अहम तकनीकी स्तर तय हो चुके हैं। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 1 अक्टूबर को नए कारोबारी सिलसिले के आगाज के साथ ही भारी अस्थिरता और उठापटक देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद प्रमुख सूचकांक दिन के निचले स्तरों के करीब बंद हुए थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी हावी बना हुआ है। बुधवार के कारोबारी सत्र में बाजार का हाल बीते सत्र में बेंचमार्क निफ्टी 50 में 0.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,620 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.07 प्रतिशत फिसलकर 72,480 के स्तर पर टिका। पूरे सत्र के दौरान बाजार में भारी हिचकिचाहट देखी गई। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में इंट्राडे उछाल आने की वजह से कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गईं, जिससे घरेलू इक्विटी बाजार में सतर्कता का माहौल और गहरा गया। आने वाले दिनों में कच्चे तेल का रुख और विदेशी बाजारों के घटनाक्रम भारतीय बाजारों की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। निफ्टी 50 के तकनीकी संकेत और अहम स्तर बुधवार के सत्र में निफ्टी 50 के चार्ट पर एक इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न बनता हुआ दिखा, जिसमें एक छोटी रियल बॉडी और लंबी ऊपरी छाया शामिल थी। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक यह बनावट साफ दर्शाती है कि 22,800 के आसपास बिकवाली का भारी दबाव मौजूद है, जिसके चलते इंडेक्स अपनी शुरुआती तेजी को बरकरार नहीं रख सका। सत्र की शुरुआत में निफ्टी सपाट खुला और पहले पहर में मजबूत होकर 22,809 के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंचा। लेकिन इसके तुरंत बाद ऊंचे भावों पर बिकवाली शुरू हो गई, जिसने दिनभर की पूरी बढ़त को धो दिया और बाजार बंद होने तक सूचकांक को वापस 22,600 के दायरे में धकेल दिया। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के तकनीकी आकलन के अनुसार निफ्टी के लिए तत्काल रुझान नीचे की तरफ बना हुआ है। अगर गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रहता है, तो सूचकांक 22,400 के प्रमुख सपोर्ट जोन की तरफ फिसल सकता है। यह 22,400 का स्तर तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले दो वर्षों के प्रमुख निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 200-सप्ताह के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के संगम पर स्थित है। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने अपने विश्लेषण में रेखांकित किया है कि यदि इंडेक्स 22,810 के उच्च स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो यह 23,000 की ओर रिकवरी का रास्ता खोल सकता है। हालांकि, किसी भी सार्थक और टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल के लिए सूचकांक को लगातार हायर हाई और हायर लो का ढांचा तैयार करना होगा और 23,000 से 23,100 के दायरे को दोबारा हासिल करना पड़ेगा। 23,100 के ऊपर एक स्थिर ठहराव ही मौजूदा मंदी के दौर पर ब्रेक लगने का पक्का संकेत देगा। गुरुवार के दिनभर के कारोबार के लिए ट्रेडर्स को ऊपर की ओर 22,810 के स्तर और नीचे की तरफ 22,400 के स्तर पर पैनी नजर रखनी होगी। 22,810 के ऊपर की मजबूती 23,000 तक की उछाल ला सकती है, जबकि कमजोरी बरकरार रहने पर 22,400 का रक्षात्मक स्तर परीक्षण के दायरे में आ जाएगा। बैंक निफ्टी में दिखा सुधार और आगे का रुख निफ्टी की तुलना में बैंकिंग सूचकांक यानी बैंक निफ्टी ने बुधवार को बेहतर लचीलापन दिखाया और चार्ट पर हायर हाई और हायर लो वाली तेजी की कैंडल बनाई। लगातार दो सत्रों की गिरावट पर रोक लगाते हुए बैंक निफ्टी में 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि अत्यधिक बिकवाली वाले स्तरों से इसमें तकनीकी सुधार देखने को मिला। आगामी चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या बैंक निफ्टी बुधवार के 55,135 के उच्च स्तर के ऊपर अपनी तेजी को बनाए रख पाता है या नहीं। यदि यह स्तर पार होता है, तो रिकवरी आगे बढ़ते हुए 55,600 और 56,000 तक पहुंच सकती है। यह 55,600 से 56,000 का क्षेत्र हाल ही में हुए ब्रेकडाउन का इलाका होने के कारण काफी मजबूत प्रतिरोध के रूप में कार्य करेगा। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का मानना है कि यदि बैंक निफ्टी 55,135 के उच्च स्तर को पार करने में असफल रहता है, तो अगले सप्ताह आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजों से पहले सूचकांक 53,500 से 55,100 के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। गिरावट की स्थिति में बैंक निफ्टी के पास अल्पकालिक सपोर्ट 53,500 से 53,000 के दायरे में मौजूद है। यह क्षेत्र पिछले प्रमुख निचले स्तरों और हाल ही में 58,500 से 56,000 के बीच हुई रेंज ब्रेकडाउन की मापी गई गणनाओं के संगम से बना एक महत्वपूर्ण सहारा क्षेत्र है। इसका आप पर असर शेयर बाजार में जारी उठापटक का सीधा असर इक्विटी निवेशकों और इंट्राडे ट्रेडर्स के पोर्टफोलियो पर पड़ेगा। • इक्विटी निवेशकों के लिए: बाजार में ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली से नए निवेश पर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी आक्रामक खरीदारी से पहले निफ्टी के 23,100 के ऊपर स्थिर होने या 22,400 के मजबूत सपोर्ट तक आने का इंतजार करना बेहतर होगा। • डे ट्रेडर्स के लिए: बाजार के दोनों तरफ तेज उतार-चढ़ाव रहने से सख्त स्टॉप-लॉस अनिवार्य हो गया है। निफ्टी में 22,810 और 22,400 के अहम स्तरों को ध्यान में रखकर ही पोजीशन बनानी चाहिए। • बैंकिंग शेयर धारकों के लिए: बैंक निफ्टी में सुधार देखा जा रहा है लेकिन 55,135 का स्तर पार होना जरूरी है। अगले हफ्ते आने वाले आरबीआई नीतिगत फैसले से पहले बैंकिंग शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है। • घरेलू उपभोक्ताओं के लिए: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल जारी रहने पर ईंधन और ढुलाई लागत बढ़ सकती है। इससे आने वाले समय में महंगाई दर और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की संभावना रहती है। ऐसा क्यों हुआ घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर विदेशी संकेतों की वजह से बना हुआ है। • कच्चे तेल में तेजी: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में अचानक आए उछाल ने घरेलू बाजार की धारणा को कमजोर किया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की महंगाई व्यापार घाटे और मुद्रा पर सीधा दबाव डालती है। • ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली: निफ्टी अपने 22,800 के स्तर पर बिकवाली के दबाव को नहीं झेल पाया। इनवर्टेड हैमर कैंडलस्टिक का बनना दर्शाता है कि खरीदारी का जोश टिक नहीं पा रहा है। • आरबीआई पॉलिसी से पहले सतर्कता: अगले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक होने वाली है। ब्याज दरों पर अनिश्चितता के कारण संस्थागत निवेशक बड़ी नई पोजीशन बनाने से बच रहे हैं। सवाल-जवाब 1. बुधवार को निफ्टी 50 और सेंसेक्स किस स्तर पर बंद हुए? निफ्टी 50 करीब 0.42 प्रतिशत टूटकर 22,620 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.07 प्रतिशत गिरकर 72,480 पर बंद हुआ। 2. गुरुवार के कारोबार के लिए निफ्टी का प्रमुख सपोर्ट लेवल क्या है? निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट 22,400 के स्तर पर है, जहां 200-सप्ताह का ईएमए और दो साल की ट्रेंडलाइन सपोर्ट मिलती है। 3. निफ्टी में तेजी का रुझान दोबारा कब स्थापित होगा? तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी को तेजी में लौटने के लिए 23,000 से 23,100 के दायरे को मजबूती से पार करना होगा। 4. बैंक निफ्टी का बुधवार को कैसा प्रदर्शन रहा? बैंक निफ्टी ने ओवरसोल्ड स्तरों से 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और दो दिनों की लगातार गिरावट को रोक दिया। 5. बैंक निफ्टी के लिए ऊपर और नीचे के अहम स्तर कौन से हैं? ऊपर की ओर 55,135 का स्तर पार होने पर यह 55,600-56,000 तक जा सकता है, जबकि नीचे की ओर 53,500-53,000 पर सपोर्ट है। https://trendkia.com/money/kachche-tela-men-uchhala-aura-vaishvika-dabava-ke-bicha-bharatiya-sheyara-market-men-utara-charhava-ki-snbhavana-40904 TrendKia — Har trend, sabse pehle.