# केरल लॉटरी धनलक्ष्मी DL 71 के नतीजे घोषित, 1 करोड़ रुपये के पहले इनाम समेत पूरी पुरस्कार सूची जारी

> तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में बुधवार को केरल स्टेट लॉटरीज डिपार्टमेंट ने धनलक्ष्मी DL 71 ड्रॉ का आयोजन किया, जिसमें 1 करोड़ रुपये का बंपर जैकपॉट शामिल है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/kerala-lotari-dhanalekshmi-dl-71-ke-natije-ghoshita-1-karora-rupaye-ke-pahale-inama-sameta-puri-puraskara-suchi-jari-40467 · **Language:** Hindi
**Tags:** केरल लॉटरी, धनलक्ष्मी DL 71, लॉटरी परिणाम, तिरुवनंतपुरम, गोर्की भवन, केरल लॉटरी पुरस्कार

केरल स्टेट लॉटरीज डिपार्टमेंट ने बुधवार को अपने साप्ताहिक ड्रॉ धनलक्ष्मी DL 71 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस ड्रॉ का आयोजन तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के नजदीक स्थित गोर्की भवन में तय प्रक्रिया के तहत किया गया। केरल भर के लाखों प्रतिभागियों ने इस ड्रॉ में हिस्सा लिया था, जहां भाग्यशाली विजेताओं के लिए कई आकर्षक नकद पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक दोपहर 3:00 बजे लॉटरी के लाइव परिणामों की घोषणा शुरू की गई, जिसके बाद शाम को टिकटधारकों के सत्यापन के लिए विस्तृत आधिकारिक परिणाम पीडीएफ फाइल के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।

राज्य में हर बुधवार को डीएल कोड के तहत यह विशेष साप्ताहिक लॉटरी आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण 1 करोड़ रुपये का भव्य पहला इनाम है, जिसने पूरे राज्य के लॉटरी खरीदारों के बीच भारी उत्साह पैदा किया। इस ड्रॉ के माध्यम से न केवल प्रथम विजेता को करोड़पति बनने का मौका मिलता है, बल्कि विभिन्न श्रेणियों में कई अन्य प्रतिभागियों को भी लाखों और हजारों रुपये के पुरस्कार बांटे जाते हैं।

## धनलक्ष्मी DL 71 लॉटरी में पुरस्कारों का पूरा विवरण
धनलक्ष्मी DL 71 ड्रॉ के लिए निर्धारित पुरस्कार संरचना बहुस्तरीय है, जिससे बड़ी संख्या में टिकट खरीदारों को पुरस्कार राशि मिलने का अवसर प्राप्त होता है। ड्रॉ में सबसे बड़ा आकर्षण प्रथम पुरस्कार है, जिसके बाद अन्य आठ स्तरों और सांत्वना पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है।

- **प्रथम पुरस्कार:** 1 करोड़ रुपये की राशि मुख्य विजेता को दी जाती है।
- **द्वितीय पुरस्कार:** 25 लाख रुपये की नकद राशि दूसरे स्थान के विजेता के लिए निर्धारित है।
- **तृतीय पुरस्कार:** 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
- **चतुर्थ पुरस्कार:** 5,000 रुपये प्रत्येक सफल टिकट धारक को मिलते हैं।
- **पंचम पुरस्कार:** 2,000 रुपये की इनामी राशि तय की गई है।
- **छठा पुरस्कार:** 1,000 रुपये का नकद भुगतान किया जाता है।
- **सातवां पुरस्कार:** 500 रुपये की राशि दी जाती है।
- **आठवां पुरस्कार:** 200 रुपये का इनाम रखा गया है।
- **नौवां पुरस्कार:** 100 रुपये की न्यूनतम पुरस्कार राशि रखी गई है।

इन मुख्य पुरस्कारों के अतिरिक्त, विभाग द्वारा 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी उन टिकट धारकों को प्रदान किया जाता है जिनके टिकट नंबर विजेता श्रृंखला के बेहद करीब होते हैं। सभी लॉटरी प्रतिभागियों को यह परामर्श दिया जाता है कि आधिकारिक परिणाम सूची जारी होने के बाद वे अपने टिकट नंबरों की बारीकी से जांच करें।

## विजेता टिकटों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया
लॉटरी टिकट खरीदने वाले लोग आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करके अपने नंबरों का मिलान आसानी से कर सकते हैं। परिणामों की पुष्टि के लिए विभाग ने बेहद स्पष्ट और व्यवस्थित चरण तय किए हैं।

सत्यापन की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले केरल स्टेट लॉटरीज डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना आवश्यक है। वेबसाइट खुलने के बाद ड्रॉ संपन्न होने के उपरांत जारी की गई आधिकारिक परिणाम पीडीएफ फाइल को अपने डिवाइस में डाउनलोड करना होता है। इसके बाद उस दस्तावेज में छपे विजेता नंबरों से अपने टिकट पर दर्ज क्रमांक का मिलान करें। टिकट की प्रामाणिकता और सही स्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिभागी आधिकारिक केरल लॉटरी बारकोड स्कैनर अथवा प्राधिकृत सत्यापन केंद्रों की सहायता ले सकते हैं।

## इनामी राशि का दावा करने के नियम और कर कटौती
ड्रॉ में सफल रहने वाले प्रतिभागियों के लिए इनामी रकम प्राप्त करने की प्रक्रिया उनकी जीती गई राशि के आधार पर अलग-अलग है। यदि किसी प्रतिभागी ने 5,000 रुपये से कम की पुरस्कार राशि जीती है, तो वह केरल के किसी भी अधिकृत लॉटरी विक्रेता अथवा एजेंट से सीधे नकद भुगतान प्राप्त कर सकता है।

वहीं दूसरी ओर, यदि पुरस्कार राशि 5,000 रुपये से अधिक है, तो विजेता को अधिकृत प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। ऐसे विजेताओं को अपना मूल लॉटरी टिकट और वैध पहचान पत्र लेकर केरल लॉटरी कार्यालय अथवा किसी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दावा प्रस्तुत करना होता है। किसी भी दावे को जमा करने से पूर्व टिकट को केरल लॉटरी बारकोड स्कैनर से प्रमाणित करवाना जरूरी कदम माना जाता है।

विजेताओं को यह ध्यान में रखना चाहिए कि घोषित पूरी राशि उनके हाथ में नहीं आती है। लॉटरी के वैधानिक नियमों के तहत जीती गई राशि पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर की कटौती की जाती है। इसके अलावा, अंतिम भुगतान करने से पहले 10 प्रतिशत का एजेंट कमीशन भी काटा जाता है, जिसके बाद ही शेष शुद्ध राशि विजेता को अंतरित की जाती है।

## केरल राज्य लॉटरी प्रणाली की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और साप्ताहिक ड्रॉ
केरल में सरकारी लॉटरी प्रणाली की नींव वर्ष 1967 में रखी गई थी। उस समय राज्य के वित्त मंत्री पी. के. कुंजू साहिब ने इस अनूठी पहल की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना, सरकारी खजाने के लिए गैर-कर राजस्व जुटाना और लॉटरी के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना था। वर्तमान में यह विभाग साप्ताहिक लॉटरी, मासिक लॉटरी और विशेष बंपर लॉटरी का नियमित संचालन करता है, जिससे यह भारत भर में सबसे सुव्यवस्थित सरकारी लॉटरी प्रणालियों में गिना जाता है।

केरल लॉटरी विभाग सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग-अलग नामों और कोड के साथ ड्रॉ का आयोजन करता है

- **रविवार:** समृद्धि (कोड: SM)
- **सोमवार:** भाग्यतारा (कोड: BT)
- **मंगलवार:** स्त्री शक्ति (कोड: SS)
- **बुधवार:** धनलक्ष्मी (कोड: DL)
- **गुरुवार:** कारुण्या प्लस (कोड: KN)
- **शुक्रवार:** सुवर्णा केरलम (कोड: SK)
- **शनिवार:** कारुण्या (कोड: KR)

इस प्रकार पूरे सप्ताह पारदर्शी ड्रॉ के जरिए प्रतिभागियों को अपनी किस्मत आजमाने और राज्य सरकार को जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का सतत मंच मिलता है।

## इसका आप पर असर
धनलक्ष्मी DL 71 लॉटरी परिणाम से टिकट धारकों की वित्तीय स्थिति और पुरस्कार दावा करने के नियमों पर सीधा असर पड़ता है।

- **केरल में:** टिकट धारकों को आधिकारिक पीडीएफ से अपने नंबर की जांच कर समय पर दावा करना होगा। यदि पुरस्कार 5,000 रुपये से अधिक है तो मूल टिकट और पहचान पत्र के साथ लॉटरी कार्यालय या राष्ट्रीयकृत बैंक से संपर्क करना होगा।
- **भारत में:** देश भर के पाठक सरकारी लॉटरी पर लगने वाले अनिवार्य कर ढांचे को समझ सकते हैं। किसी भी लॉटरी जीत पर 30 प्रतिशत टैक्स और 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन कटने के बाद ही शुद्ध राशि मिलती है।
- **छोटे विजेताओं के लिए:** 5,000 रुपये तक के विजेताओं को तुरंत नकदी प्राप्त करने की सुविधा मिलती है। वे किसी भी अधिकृत स्थानीय लॉटरी विक्रेता या एजेंट के पास जाकर अपनी राशि ले सकते हैं।
- **टिकट सुरक्षा:** दावा प्रस्तुत करने से पहले टिकट को बारकोड स्कैनर से सत्यापित कराना अनिवार्य है। इससे जाली या गलत टिकटों की परेशानी से बचा जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
केरल सरकार द्वारा इस साप्ताहिक लॉटरी का आयोजन राज्य के राजस्व प्रबंधन और रोजगार निर्माण की स्थापित व्यवस्था के अंतर्गत किया गया है।

- **नियमित कार्यक्रम:** यह आयोजन राज्य लॉटरी विभाग के पूर्व निर्धारित साप्ताहिक कैलेंडर का हिस्सा है। हर बुधवार को डीएल कोड के तहत धनलक्ष्मी लॉटरी का नियमित ड्रॉ आयोजित किया जाता है।
- **ऐतिहासिक व्यवस्था:** इस प्रणाली को 1967 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. के. कुंजू साहिब द्वारा शुरू किया गया था। इसका मूल उद्देश्य राज्य के लिए वैध राजस्व जुटाना और नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना था।
- **पारदर्शिता की नीति:** परिणाम सीधे जनता के सामने गोर्की भवन में निकाले जाते हैं। इसके तुरंत बाद आधिकारिक परिणाम पीडीएफ और बारकोड प्रमाणीकरण जारी किया जाता है ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

## सवाल-जवाब

### 1. धनलक्ष्मी DL 71 लॉटरी का पहला इनाम कितना है?
इस ड्रॉ में प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

### 2. इस लॉटरी ड्रॉ का आयोजन कहां किया गया था?
यह ड्रॉ तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के पास स्थित गोर्की भवन में आयोजित किया गया।

### 3. केरल लॉटरी पुरस्कार राशि पर कितना टैक्स कटता है?
इनामी राशि पर 30 प्रतिशत आयकर और 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन की कटौती की जाती है।

### 4. 5,000 रुपये से अधिक का इनाम कैसे क्लेम किया जा सकता है?
5,000 रुपये से अधिक की राशि के लिए मूल टिकट और पहचान पत्र लेकर केरल लॉटरी कार्यालय या राष्ट्रीयकृत बैंक जाना होता है।

### 5. केरल लॉटरी प्रणाली की शुरुआत कब और किसने की थी?
इसकी शुरुआत 1967 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. के. कुंजू साहिब द्वारा की गई थी।

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