केरल ओणम बंपर BR 111 के नतीजों का ऐलान, टिकट संख्या TL 360615 ने जीता 30 करोड़ रुपये का जैकपॉट तिरुवोनम बंपर BR-111 का परिणाम घोषित हो गया है, जिसमें कन्नूर में बेचे गए एक टिकट ने इतिहास का सबसे बड़ा 30 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। केरल राज्य लॉटरी विभाग ने इस साल के सबसे बहुप्रतीक्षित तिरुवोनम बंपर BR-111 के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इस वर्ष का पहला पुरस्कार टिकट संख्या TL 360615 को मिला है, जिसने 30 करोड़ रुपये की विशाल राशि अपने नाम की है। यह भाग्यशाली टिकट कन्नूर जिले के चक्करक्कल क्षेत्र में स्थित मथु लॉटरी एजेंसी के माध्यम से बेचा गया था, जहाँ अनीश नाम के एजेंट ने इसे ग्राहक तक पहुँचाया था। ड्रॉ का स्थान और भव्य पुरस्कार संरचना इस ऐतिहासिक ड्रॉ का आयोजन शनिवार, 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के पास स्थित गोर्की भवन में किया गया। इस बार का ओणम बंपर विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसमें प्रथम पुरस्कार की राशि को पिछले साल के 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह राज्य लॉटरी विभाग के इतिहास में दिया जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा इनाम है। पूरे ड्रॉ के आधिकारिक और विस्तृत नतीजे शाम 4 बजे तक सार्वजनिक किए गए। टिकटों की भारी बिक्री और जिलावार आंकड़े इस साल 30 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड मुख्य इनाम के बावजूद टिकट का मूल्य 500 रुपये ही रखा गया था। जनता में इस लॉटरी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया, जिसके चलते मुद्रित किए गए सभी 90 लाख टिकट पूरी तरह बिक गए। लॉटरी विभाग ने टिकटों को दस अलग-अलग सीरीज में जारी किया था, जिनमें TA, TB, TC, TD, TE, TG, TH, TJ, TK और TL शामिल हैं। बिक्री के मामले में पालक्काड जिला सबसे आगे रहा, जबकि त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। पुरस्कार वितरण और इन-हैंड राशि का गणित तिरुवोनम बंपर BR-111 की कुल पुरस्कार राशि 125.54 करोड़ रुपये तय की गई है। मुख्य इनाम के अलावा, 20 अन्य विजेताओं के लिए 1-1 करोड़ रुपये का द्वितीय पुरस्कार भी रखा गया है। हालांकि, विजेता को 30 करोड़ रुपये की पूरी राशि नकद नहीं मिलती है। नियमानुसार, सबसे पहले 10 प्रतिशत एजेंट कमीशन काटा जाता है। इसके बाद शेष राशि पर 30 प्रतिशत इनकम टैक्स, 4 प्रतिशत हेल्थ एंड एजुकेशन सेस और उच्चतम ब्रैकेट के लिए लागू 37 प्रतिशत तक का सरचार्ज लगाया जाता है। इन सभी कटौतियों के बाद प्रथम पुरस्कार विजेता के हाथ में लगभग 15.5 करोड़ रुपये ही आएंगे। वहीं, 1 करोड़ रुपये जीतने वाले द्वितीय पुरस्कार विजेताओं को करों की कम दर के कारण अपनी पुरस्कार राशि का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होगा। इनाम का दावा करने की प्रक्रिया और सुरक्षा परामर्श पुरस्कार विजेताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने टिकट नंबर का मिलान केरल सरकार के आधिकारिक राजपत्र और लॉटरी विभाग द्वारा जारी सूची से अवश्य कर लें। 10,000 रुपये से अधिक का इनाम जीतने वाले व्यक्तियों को ड्रॉ की तारीख से 90 दिनों के भीतर तिरुवनंतपुरम के विकास भवन स्थित लॉटरी निदेशालय में अपना दावा प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए स्वयं सत्यापित आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतियां जमा करना अनिवार्य है। छोटे इनामों का दावा संबंधित जिला लॉटरी कार्यालयों में किया जा सकता है। इसके साथ ही, लॉटरी विभाग ने आम जनता को सतर्क किया है कि वे पुरस्कार राशि जारी करने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या बैंक विवरण मांगने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहें। इसका आप पर असर इस लॉटरी परिणाम का सीधे तौर पर केवल टिकट खरीदने वाले विजेताओं की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव पड़ता है। • भारत में: गैर-केरल निवासियों के लिए इस लॉटरी में भागीदारी सीमित रहती है, लेकिन राज्य संचालित लॉटरी का यह मॉडल सार्वजनिक राजस्व बढ़ाने का एक माध्यम है। टैक्स कटौती के बाद सरकार को बड़ी मात्रा में प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त होता है। • केरल में: विजेताओं को कुल 125.54 करोड़ रुपये बांटे जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ेगा। प्रथम पुरस्कार विजेता को टैक्स कटने के बाद 15.5 करोड़ रुपये शुद्ध मिलेंगे, जिसका दावा 90 दिनों के भीतर विकास भवन में करना अनिवार्य है। ऐसा क्यों हुआ यह बंपर लॉटरी परिणाम वार्षिक ओणम उत्सव के उपलक्ष्य में केरल राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आयोजित नियमित वार्षिक ड्रॉ का हिस्सा है। • इनाम बढ़ाने का कारण: टिकटों की भारी मांग और राजस्व में वृद्धि के चलते विभाग ने मुख्य पुरस्कार को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये किया। • पूर्ण टिकट बिक्री: 500 रुपये की सस्ती कीमत और विशाल पुरस्कार राशि के कारण सभी 90 लाख टिकट बिक गए। • सख्त कर कटौती: कानूनी प्रावधानों के तहत 10% एजेंट कमीशन, 30% टैक्स और सरचार्ज के चलते इन-हैंड राशि में लगभग आधी कटौती हो जाती है। सवाल-जवाब 1. ओणम बंपर BR-111 का पहला पुरस्कार किस टिकट नंबर ने जीता? प्रथम पुरस्कार टिकट संख्या TL 360615 ने जीता, जिसे 30 करोड़ रुपये की राशि मिली। 2. विजेता टिकट कहां बेचा गया था? यह टिकट कन्नूर के चक्करक्कल में मथु लॉटरी एजेंसी के एजेंट अनीश द्वारा बेचा गया था। 3. टैक्स और कटौतियों के बाद प्रथम पुरस्कार विजेता को कितनी राशि मिलेगी? एजेंट कमीशन, इनकम टैक्स और सरचार्ज की कटौती के बाद विजेता को लगभग 15.5 करोड़ रुपये इन-हैंड मिलेंगे। 4. पुरस्कार राशि का दावा करने की समय सीमा क्या है? विजेताओं को परिणाम घोषित होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर अपने दावे जमा करने होंगे। https://trendkia.com/money/kerala-onam-bumper-br-111-draw-announced-as-ticket-tl-360615-secures-rs-30-crore-jackpot-39039 TrendKia — Har trend, sabse pehle.