महिला उद्यमियों को एसबीआई की स्त्री शक्ति योजना से 25 करोड़ रुपये तक का लोन, 0.50% की ब्याज छूट भी शामिल भारतीय स्टेट बैंक की स्त्री शक्ति योजना महिला उद्यमियों को कारोबार के विस्तार या नए स्टार्टअप के लिए 25 करोड़ रुपये तक का ऋण, 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 0.50% ब्याज छूट और आसान रिपेमेंट विकल्प प्रदान कर रही है। महिला उद्यमियों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने और देश में महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी विशेष 'स्त्री शक्ति योजना' का संचालन कर रहा है। यह योजना उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं या अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करना चाहती हैं। इस पहल के तहत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), व्यापार (ट्रेडिंग) और सेवा (सर्विस) क्षेत्रों से जुड़ी महिला उद्यमियों को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। ऋण की सीमा और कार्यशील पूंजी की व्यवस्था स्त्री शक्ति योजना के अंतर्गत पात्र महिला उद्यमियों को उनकी व्यावसायिक आवश्यकताओं के आधार पर 25 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। बैंक आवेदकों को वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) लोन और टर्म लोन दोनों प्रकार के विकल्प प्रदान करता है। वर्किंग कैपिटल लोन दैनिक व्यावसायिक गतिविधियों और संचालन खर्चों को पूरा करने के लिए उपयोगी होता है, जबकि टर्म लोन व्यवसाय के दीर्घकालिक विस्तार के लिए दिया जाता है। हालांकि, स्वीकृत की जाने वाली अंतिम राशि आवेदक के व्यवसाय के स्वरूप, वास्तविक आवश्यकता और बैंक के आंतरिक मूल्यांकन पर निर्भर करती है। 2 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े लोन के मामलों में ब्याज दर आवेदक की क्रेडिट रेटिंग के अनुसार तय की जाती है। ब्याज दरों में विशेष छूट और रियायतें इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता महिला कर्जदारों को दी जाने वाली ब्याज दरों में राहत है। भारतीय स्टेट बैंक 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 0.50 प्रतिशत (50 बेसिस पॉइंट्स) तक की ब्याज छूट प्रदान करता है। इससे कर्ज की कुल लागत कम होती है और महिलाओं को शुरुआती चरण में व्यापार संभालने में वित्तीय सहायता मिलती है। हालांकि, अंतिम ब्याज दर और सेवा शुल्क बैंक की तय शर्तों के अधीन होते हैं। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे लोन प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित शाखा से लागू दरों की पूरी जानकारी प्राप्त करें। क्षेत्र-विशिष्ट उप-योजनाएं: अन्नपूर्णा और श्रृंगार महिला उद्यमियों की विविध आवश्यकताओं को देखते हुए, एसबीआई ने स्त्री शक्ति पहल के तहत कुछ केंद्रित योजनाएं भी शामिल की हैं। इनमें 'अन्नपूर्णा योजना' मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कैटरिंग, टिफिन सर्विस या रेस्तरां कारोबार से जुड़ी महिलाओं के लिए है। इसी प्रकार, 'श्रृंगार योजना' ब्यूटी पार्लर, सैलून और सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े व्यवसायों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करती है। यह वर्गीकरण महिलाओं को उनके उद्योग के अनुकूल सही लोन चुनने का अवसर प्रदान करता है। पुनर्भुगतान अवधि और मार्जिन मनी की शर्त ऋण पुनर्भुगतान की समय-सीमा व्यवसाय की प्रकृति और लोन के प्रकार के अनुसार निर्धारित की जाती है। टर्म लोन के मामलों में बैंक 7 से 10 वर्ष तक की पुनर्भुगतान अवधि प्रदान करता है। वहीं, वर्किंग कैपिटल की सुविधा व्यवसाय के कैश फ्लो (नकद प्रवाह) और जरूरत के हिसाब से समायोजित की जाती है। लोन स्वीकृति के समय बैंक मार्जिन मनी का आकलन भी करता है, जो कुल लोन राशि का लगभग 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक हो सकता है। आवेदकों को लोन लेने से पहले अपनी वित्तीय क्षमता की जांच अवश्य करनी चाहिए। CGTMSE के तहत कॉलेटरल में राहत अक्सर कॉलेटरल (अतिरिक्त संपत्ति गारंटी) की कमी महिलाओं के लिए लोन पाने में बाधा बनती है। इस समस्या को दूर करने के लिए स्त्री शक्ति योजना में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE) के तहत क्रेडिट गारंटी का प्रावधान है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के लोन के मामलों में कॉलेटरल जमा करने के नियमों में छूट मिल सकती है। हालांकि, यह सुविधा स्वतः लागू नहीं होती और बैंक आवेदक की पात्रता तथा नियमों के आधार पर इसका निर्णय करता है। आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज इच्छुक महिलाएं एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन या नजदीकी भारतीय स्टेट बैंक शाखा में जाकर आवेदन कर सकती हैं। बैंक शाखाओं में महिलाओं की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही कम प्रोसेसिंग फीस, आसान रिपेमेंट विकल्प और व्यावसायिक सलाह की सुविधाएं भी मिलती हैं। आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं • KYC दस्तावेज: आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र। • निवास प्रमाण: बिजली बिल, राशन कार्ड या पासपोर्ट। • बिजनेस दस्तावेज: विस्तृत बिजनेस प्लान या प्रोजेक्ट रिपोर्ट। • मौजूदा व्यापार के लिए: पिछले 3 वर्षों का वित्तीय रिकॉर्ड, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और पिछले 6 महीने का बैंक खाता विवरण। इसका आप पर असर भारत में: देश भर की महिला उद्यमियों को नए व्यवसाय शुरू करने या विस्तार के लिए 25 करोड़ रुपये तक का आसान लोन और 0.50% तक ब्याज में छूट की सुविधा मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए: 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर CGTMSE के तहत बिना कॉलेटरल की राहत और 7 से 10 साल तक की आसान रिपेमेंट अवधि प्राप्त होगी। सवाल-जवाब 1. एसबीआई की स्त्री शक्ति योजना क्या है? यह भारतीय स्टेट बैंक की एक विशेष वित्तीय योजना है जो महिला उद्यमियों को नया व्यापार शुरू करने या मौजूदा कारोबार के विस्तार के लिए वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन प्रदान करती है। 2. स्त्री शक्ति योजना के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है? योजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को उनकी व्यावसायिक आवश्यकता और बैंक की पात्रता के आधार पर 25 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है। 3. ब्याज दर में कितनी छूट मिलती है? इस योजना में 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर महिला आवेदकों को ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत तक की विशेष छूट मिलती है। 4. क्या इस योजना के तहत बिना कॉलेटरल के लोन मिल सकता है? हां, CGTMSE योजना के तहत 1 करोड़ रुपये तक के लोन के लिए बैंक पात्रता के आधार पर कॉलेटरल नियमों में छूट दे सकता है। 5. स्त्री शक्ति योजना के तहत कौन सी विशेष उप-योजनाएं उपलब्ध हैं? खाद्य व कैटरिंग व्यवसाय के लिए 'अन्नपूर्णा योजना' और ब्यूटी पार्लर व सौंदर्य व्यवसाय के लिए 'श्रृंगार योजना' उपलब्ध हैं। 6. लोन के लिए आवेदन करते समय किन मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है? KYC दस्तावेज (आधार/पैन), निवास प्रमाण, बिजनेस प्रोजेक्ट रिपोर्ट, और मौजूदा कारोबार के लिए पिछले 3 साल का वित्तीय रिकॉर्ड तथा 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट आवश्यक है। https://trendkia.com/money/mahila-udyamiyon-ko-sbi-ki-stri-shakti-yojana-se-25-karora-rupaye-taka-ka-lona-0-50-ki-byaja-chhuta-bhi-shamila-22488 TrendKia — Har trend, sabse pehle.