एमसीएक्स पर सोना फिसलकर ₹1.53 लाख पर पहुंचा, चांदी ₹2.40 लाख के स्तर पर स्थिर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी बढ़त के साथ कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल में भारी गिरावट के बीच कीमती धातुओं में मिलाजुला रुख देखा जा रहा है। कमोडिटी बाजार में सप्ताह की शुरुआत भारी उतार-चढ़ाव के साथ हुई है, जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुलियन की चाल बंटी हुई नजर आ रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के अनुबंधों में कमजोरी देखी गई और भाव गिरकर 1.53 लाख रुपये के स्तर पर आ गए। इसके विपरीत, चांदी में मजबूती का रुख कायम रहा और यह 2.40 लाख रुपये के आंकड़े को छूने में कामयाब रही। वैश्विक बाजारों से आ रहे आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की भावी नीतियों को लेकर कारोबारी सतर्क रुख अपना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की चाल विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं का प्रदर्शन मिश्रित रहा है। हाजिर सोने के मूल्य में 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते यह 4,363 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता दिखाई दिया। दूसरी तरफ, हाजिर चांदी में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 66 डॉलर प्रति औंस के पार अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने में सफल रही। डॉलर और ब्याज दरों के रुख को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक पीली धातु में नई खरीदारी करने से बच रहे हैं। कच्चे तेल में भारी गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र की शुरुआती घंटों में ऊर्जा बाजार में तेज बिकवाली देखी गई। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमत में 2.3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। इसी तरह, ब्रेंट क्रूड भी 2.2 प्रतिशत से अधिक टूटकर 101.6 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता नजर आया। ऊर्जा कीमतों में इस नरमी के विपरीत अमेरिकी ऋण बाजार में सख्ती दिखी। दस वर्षीय अमेरिकी बेंचमार्क ट्रेजरी यील्ड में 7 आधार अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह फिर से 5 प्रतिशत के स्तर को छू गई। ट्रेजरी यील्ड में यह तेजी सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों के बीच सामने आई है। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कूटनीतिक हलचल वैश्विक मंच पर होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत पर भी वित्तीय बाजारों की गहरी नजर टिकी हुई है। अमेरिकी और चीनी शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली आगामी चर्चाओं में द्विपक्षीय व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी व्यवधानों जैसे प्रमुख विषय शामिल रहने की उम्मीद है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के इतर राजनयिक संपर्कों की संभावना भी बन रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह इस सप्ताह ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात करने के लिए तैयार हो सकते हैं, साथ ही फारस की खाड़ी के अन्य नेताओं के साथ भी उनकी बातचीत हो सकती है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति का दबाव अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा तीन वर्षों के अंतराल के बाद पिछले सप्ताह ब्याज दरों में की गई वृद्धि के बाद अब निवेशकों का ध्यान नीति निर्माताओं के बयानों पर केंद्रित है। मिनियापोलिस फेड अध्यक्ष नील काशकारी ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति अब भी असहज रूप से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कीमतों का दबाव ईरान युद्ध से जुड़े शुरुआती तेल झटके से आगे निकलकर व्यापक रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक के कई अधिकारियों के संबोधन होने वाले हैं, जिनसे भविष्य की ब्याज दर दिशा को लेकर नए संकेत मिलने की उम्मीद है। भारतीय बुलियन बाजार पर आगे का प्रभाव मौजूदा कारोबारी सप्ताह के दौरान भारत में सोने और चांदी की कीमतों पर विदेशी कारकों का व्यापक प्रभाव बना रहेगा। ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और महंगाई के आंकड़ों से घरेलू सर्राफा बाजार की दिशा तय होगी। इसके अलावा, नीतिगत दरों में आगे होने वाली संभावित बढ़ोतरी की रफ्तार और समय को लेकर मिलने वाले संकेतों के प्रति भी स्थानीय स्तर पर सोने-चांदी के भाव अत्यधिक संवेदनशील बने रहने का अनुमान है। इसका आप पर असर सोने और चांदी के भाव में जारी यह उठापटक आभूषण खरीदारों, निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के बजट को सीधे प्रभावित करेगी। • खरीदारों पर असर: सोने की कीमतों में नरमी आने से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे परिवारों को हल्की राहत मिल सकती है। हालांकि चांदी के ऊंचे स्तर के कारण चांदी के बर्तनों और उपहारों की लागत में बढ़ोतरी बनी रहेगी। • खुदरा निवेशकों के लिए: कमोडिटी डेरिवेटिव्स और ईटीएफ में निवेश करने वाले ट्रेडर्स को बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। बॉन्ड यील्ड में तेजी आमतौर पर सोने के आकर्षण को घटाती है, जिससे नई पोजीशन लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए। • घरेलू बजट पर प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम होने की संभावना बनती है। यदि यह गिरावट जारी रहती है तो आने वाले समय में ईंधन और माल ढुलाई लागत पर सकारात्मक असर दिख सकता है। • मुद्रास्फीति और बचत: ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों से फिक्स्ड डिपॉजिट और ऋण दरों में समायोजन देखा जा सकता है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं और निश्चित आय वाले साधनों के बीच संतुलन बनाना होगा। ऐसा क्यों हुआ सोने और चांदी के मूल्यों में यह दोहरा रुख वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति, बॉन्ड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल में तेज गिरावट के सामूहिक प्रभाव से उत्पन्न हुआ है। • बॉन्ड यील्ड में उछाल: दस वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेशकों की रुचि घटी है। यील्ड का चढ़ना ऋण पत्रों को अधिक आकर्षक बनाता है, जिससे सोने पर बिकवाली का दबाव बना। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: केंद्रीय बैंक द्वारा तीन वर्षों में पहली बार दरों में की गई वृद्धि और आगे भी महंगाई के दबावों के बने रहने की चेतावनियों ने बुलियन की तेजी पर ब्रेक लगाया है। अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि महंगाई केवल ईंधन तक सीमित न रहकर व्यापक हो चुकी है। • कच्चे तेल में गिरावट: डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट दोनों बेंचमार्क में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने अल्पकालिक मुद्रास्फीति की चिंताओं को थोड़ा धीमा किया है। ऊर्जा की गिरती कीमतों से बुलियन को मिलने वाला हेजिंग सपोर्ट कमजोर पड़ा है। • भू-राजनीतिक वार्ता की उम्मीदें: अमेरिका और चीन के बीच आगामी वार्ता तथा संयुक्त राष्ट्र में कूटनीतिक बैठकों की संभावना से भू-राजनीतिक तनाव में अस्थायी नरमी की उम्मीद जगी है। जोखिम प्रीमियम घटने से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। सवाल-जवाब 1. एमसीएक्स पर सोने और चांदी का ताजा भाव क्या रहा? एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव गिरकर 1.53 लाख रुपये पर आ गए, जबकि चांदी मजबूती के साथ 2.40 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई। 2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी किस स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं? वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,363 डॉलर प्रति औंस के करीब रहा, जबकि हाजिर चांदी 66 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी रही। 3. कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई? अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.3 प्रतिशत से अधिक फिसलकर 98 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 2.2 प्रतिशत से अधिक गिरकर 101.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 4. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में क्या बदलाव देखा गया? अमेरिकी 10-वर्षीय बेंचमार्क ट्रेजरी यील्ड में 7 आधार अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह 5 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई। 5. फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने महंगाई पर क्या कहा है? नील काशकारी ने कहा कि महंगाई अभी भी काफी अधिक है और मूल्य दबाव ईरान युद्ध से जुड़े शुरुआती तेल झटके से आगे बढ़ चुका है। https://trendkia.com/money/mcx-para-sona-phisalakara-1-53-lakha-para-pahuncha-chandi-2-40-lakha-ke-stara-para-sthira-35517 TrendKia — Har trend, sabse pehle.