मिसिसिपी में युवा जिमनास्ट्स की गुप्त रिकॉर्डिंग पर कोच शॉन गार्डनर को 90 साल जेल की सज़ा मिसिसिपी के एक जिम में नाबालिग महिला छात्रों की गुप्त रिकॉर्डिंग करने के मामले में पूर्व युवा जिमनास्टिक्स कोच शॉन गार्डनर को अमेरिकी संघीय अदालत ने 90 साल के कारावास की सज़ा सुनाई है। अमेरिकी संघीय अदालत ने पूर्व युवा जिमनास्टिक्स कोच शॉन गार्डनर को नाबालिग एथलीटों की गुप्त वीडियो रिकॉर्डिंग करने के गंभीर अपराध में 90 साल की जेल की सज़ा सुनाई है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश क्रिस्टी जॉनसन ने तीन अलग-अलग आरोपों पर अधिकतम संभव सज़ा सुनाते हुए प्रत्येक मामले में 30-30 वर्ष की लगातार चलने वाली जेल की सज़ा तय की। इस कड़े फैसले के परिणामस्वरूप उनतालीस वर्षीय शॉन गार्डनर का शेष जीवन सलाखों के पीछे ही बीतेगा। इस मामले ने खेल जगत में हलचल मचा दी है और युवा एथलीटों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुप्त कैमरे से की गई थी नाबालिगों की रिकॉर्डिंग अदालती दस्तावेजों और संघीय जांचकर्ताओं की छानबीन के अनुसार, शॉन गार्डनर ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी निर्माण से जुड़े तीन संघीय आरोपों में अपना दोष स्वीकार कर लिया था। यह संपूर्ण मामला पिछली गर्मियों में एफबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद प्रकाश में आया था। जांच में पाया गया कि गार्डनर ने मिसिसिपी के परविस स्थित एक जिमनास्टिक्स स्टूडियो के बाथरूम के भीतर छिपा हुआ कैमरा लगाया था। यह रिकॉर्डिंग दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच की गई थी। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इन वीडियो फाइलों में कम से कम 10 नाबालिग लड़कियां कपड़े बदलते हुए और बाथरूम का इस्तेमाल करते हुए दर्ज हुई थीं। वीडियो में इन नाबालिगों की बेहद आपत्तिजनक और क्लोज-अप छवियां मौजूद थीं। घटना के कई वर्षों बाद जांच एजेंसियों ने गार्डनर के कंप्यूटर उपकरणों की तलाशी ली, जहां से इन डिजिटल रिकॉर्डिंग्स को सुरक्षित रूप से बरामद किया गया। आयोवा में यौन शोषण की जांच से खुला मामला जांच अधिकारियों को मिसिसिपी में हुई इस गुप्त रिकॉर्डिंग की जानकारी तब मिली जब वे आयोवा राज्य से जुड़ी शिकायतों की गहन पड़ताल कर रहे थे। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे थे कि क्या गार्डनर ने आयोवा में भी युवा जिमनास्ट्स के साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। वेस्ट देस मोइनेस स्थित चाउज जिमनास्टिक्स एंड डांस इंस्टीट्यूट की कई पूर्व छात्राओं ने पुलिस से औपचारिक शिकायत की थी और इसके साथ ही दीवानी मुकदमे भी दायर किए थे। अदालती याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि गार्डनर ने अपने कोचिंग पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके कम उम्र की महिला छात्रों को निशाना बनाया। वह युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ आयोवा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले शीतकालीन मीट का निर्देशन भी करता था, जिसमें हर साल सैकड़ों जिमनास्ट्स हिस्सा लेते थे। यह प्रतिष्ठित संस्थान लियांग चाउ कियाओ से संबद्ध है, जिन्हें कई ओलंपिक चैंपियन तैयार करने के लिए जाना जाता है। निगरानी तंत्र और खेल संगठनों की भूमिका पर उठे सवाल इस गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी खेल जगत में जिमनास्टिक्स की देखरेख और एथलीट सुरक्षा को लेकर एक व्यापक बहस दोबारा शुरू हो गई। प्रभावित महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने दावा किया कि यूएसए जिमनास्टिक्स और यूएस सेंटर फॉर सेफस्पोर्ट को 2017 में ही गार्डनर के अनुचित व्यवहार की सूचना दे दी गई थी। वकीलों का कहना है कि प्रारंभिक चेतावनियों के बावजूद कई वर्षों तक गार्डनर को खेल से बाहर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सेफस्पोर्ट ने वर्ष 2022 में गार्डनर को उस समय अस्थायी रूप से निलंबित किया, जब चाउज की एक जिमनास्ट ने उस पर यौन शोषण के सीधे आरोप लगाए। इस निलंबन के तुरंत बाद चाउज जिमनास्टिक्स ने गार्डनर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। सेफस्पोर्ट की आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि संस्थान के अन्य कोच इन गंभीर आरोपों से भलीभांति अवगत थे। जांच निष्कर्षों के अनुसार, संस्थान के संस्थापक लियांग चाउ कियाओ और अन्य लोग अनिवार्य नियमों के तहत इन शिकायतों की समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने में विफल रहे। अदालती प्रक्रिया और लंबित दीवानी मुकदमे शॉन गार्डनर पर आयोवा से जुड़े आरोपों के तहत अभी तक कोई औपचारिक आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं। स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे संघीय आपराधिक मामले के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही अपने अगले कानूनी कदमों पर अंतिम निर्णय लेंगे। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी जवाबदेही की प्रक्रिया नागरिक अदालतों में भी जारी है। एक न्यायाधीश ने मई माह में सेफस्पोर्ट को दो मुकदमों से बाहर कर दिया था, क्योंकि संघीय कानून के तहत उसे कानूनी छूट प्राप्त थी। इसके बावजूद कई दीवानी मुकदमे अदालतों में सक्रिय बने हुए हैं। इन लंबित मुकदमों में शॉन गार्डनर के साथ-साथ यूएसए जिमनास्टिक्स और चाउज जिमनास्टिक्स को पक्षकार बनाया गया है। इस 90 वर्ष के कठोर संघीय कारावास के फैसले ने आपराधिक जांच के एक बड़े और महत्वपूर्ण अध्याय को समाप्त कर दिया है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कानूनी लड़ाई अभी जारी है। इसका आप पर असर इस अदालती फैसले से खेल अकादमियों में छात्र सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है। • एथलीट सुरक्षा: खेल क्लबों और कोचिंग सेंटरों में लॉकर रूम तथा वॉशरूम की सुरक्षा जांच को अधिक कड़ा किया जाएगा। माता-पिता और छात्रों को अकादमियों में निजता सुरक्षा प्रोटोकॉल की पड़ताल करने का अवसर मिलेगा। • अनिवार्य रिपोर्टिंग: कोचों और संस्थानों द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायतों को तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर खेल अकादमियों और प्रशिक्षकों को गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। • कानूनी जवाबदेही: खेल संघों और संस्थानों के खिलाफ दीवानी मुकदमों से पीड़ितों को मुआवजा और जवाबदेही मिलने का रास्ता खुलेगा। इससे भविष्य में शिकायतों को दबाने या नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। • अपराधियों के लिए सख्त संदेश: डिजिटल माध्यमों से नाबालिगों की निजता का हनन करने वालों को बिना किसी रियायत के आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा मिलेगी। यह फैसला खेल जगत में अनुचित आचरण करने वालों के खिलाफ एक बड़ी नजीर पेश करता है। ऐसा क्यों हुआ यह कठोर सजा गुप्त कैमरों की बरामदगी और खेल संस्थाओं द्वारा पूर्व की चेतावनियों पर वर्षों तक कार्रवाई न करने के कारण सामने आई है। • प्रत्यक्ष कारण: शॉन गार्डनर ने मिसिसिपी के जिम बाथरूम में गुप्त कैमरा छिपाकर कम से कम 10 नाबालिग लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो दर्ज किए थे। जांच एजेंसियों द्वारा उसके कंप्यूटर से इन डिजिटल सबूतों की बरामदगी के बाद उसने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। • मामले की कड़ी: आयोवा के प्रशिक्षण संस्थान में पूर्व महिला जिमनास्ट्स द्वारा यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच शुरू हुई। इसी जांच के दौरान संघीय अधिकारियों को मिसिसिपी में छिपाकर की गई रिकॉर्डिंग का सुराग मिला। • संस्थागत लापरवाही: वकीलों के अनुसार 2017 में ही यूएसए जिमनास्टिक्स और सेफस्पोर्ट को अनुचित व्यवहार की सूचना दी गई थी, लेकिन वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब 2022 में सार्वजनिक शिकायत दर्ज हुई, तब जाकर गार्डनर को निलंबित किया गया और संस्थान के अन्य प्रशिक्षकों पर मामलों को छिपाने की बात उजागर हुई। सवाल-जवाब 1. शॉन गार्डनर को अदालत ने कितनी सजा सुनाई है? अमेरिकी संघीय अदालत की न्यायाधीश क्रिस्टी जॉनसन ने शॉन गार्डनर को 30-30 वर्ष की तीन लगातार अवधियों के तहत कुल 90 साल जेल की सज़ा सुनाई है। 2. गार्डनर पर किस तरह के अपराध के आरोप साबित हुए हैं? उसने मिसिसिपी के एक जिमनास्टिक्स स्टूडियो के बाथरूम में छिपा हुआ कैमरा लगाकर कम से कम 10 नाबालिगों की गुप्त वीडियो रिकॉर्डिंग करने और चाइल्ड पोर्नोग्राफी निर्माण का दोष स्वीकार किया है। 3. यह गुप्त रिकॉर्डिंग किस समयावधि के दौरान की गई थी? जांचकर्ताओं के अनुसार, यह रिकॉर्डिंग दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच परविस, मिसिसिपी के एक जिम में की गई थी। 4. जांच एजेंसियों को इस मामले का पता कैसे चला? अधिकारी जब आयोवा के चाउज जिमनास्टिक्स में यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रहे थे, तब गार्डनर के कंप्यूटर से यह वीडियो बरामद हुए। 5. क्या गार्डनर पर आयोवा के आरोपों में भी केस दर्ज हुआ है? आयोवा के आरोपों पर अभी कोई औपचारिक आपराधिक आरोप तय नहीं हुआ है; पुलिस संघीय मामला समाप्त होने के बाद अगला कदम तय करेगी। 6. इस मामले में कौन-कौन से संस्थान मुकदमों का सामना कर रहे हैं? लंबित दीवानी मुकदमों में शॉन गार्डनर के अलावा यूएसए जिमनास्टिक्स और चाउज जिमनास्टिक्स को पक्षकार बनाया गया है। https://trendkia.com/money/misisipi-men-yuva-jimanastsa-ki-gupta-rikordinga-para-kocha-sean-gardner-ko-90-sala-jela-ki-saza-47625 TrendKia — Har trend, sabse pehle.