निर्मला सीतारमण की अपील के बीच 31 जुलाई की सीमा से पहले 4 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल वित्त वर्ष 2025-26 (कर निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए 31 जुलाई की समयसीमा से पहले 4 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल हो चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की प्रक्रिया तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। आयकर विभाग ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए अब तक 4 करोड़ से अधिक करदाता अपना इनकम टैक्स रिटर्न सफलतापूर्वक फाइल कर चुके हैं। 31 जुलाई की निर्धारित समयसीमा को ध्यान में रखते हुए आयकर विभाग ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और अपना रिटर्न समय रहते दाखिल कर दें। समय से पहले फाइलिंग पूरा करने से अंतिम समय में ई-फाइलिंग पोर्टल पर होने वाली भारी भीड़ और तकनीकी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। पोर्टल पर फाइलिंग की रफ्तार और ताजा आंकड़े आयकर विभाग द्वारा 11 जुलाई को सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई तक कुल 1.7 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए थे। आंकड़ों से पता चलता है कि केवल 10 जुलाई के दिन ही 10 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने अपना रिटर्न ऑनलाइन सबमिट किया। विभाग ने सभी श्रेणियों के करदाताओं से आग्रह किया है कि वे तय डेडलाइन के अंदर प्रक्रिया पूरी करें, ताकि सर्वर पर अत्यधिक लोड बढ़ने के कारण आने वाले रुकावटों से बचा जा सके और प्रोसेसिंग में देरी न हो। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 चुनने के लिए जरूरी नियम वित्त वर्ष 2025-26 में हुई कमाई के लिए 31 जुलाई तक आईटीआर-1 (सहज) और आईटीआर-2 जमा करना अनिवार्य है। दोनों फॉर्म अलग-अलग आय वर्ग और स्रोतों के हिसाब से विभाजित किए गए हैं • आईटीआर-1 (सहज): यह फॉर्म छोटे और मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर्स के लिए तैयार किया गया है। इस फॉर्म का उपयोग वे नागरिक कर सकते हैं जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है। इसके अंतर्गत वेतन या पेंशन, केवल एक आवासीय संपत्ति (हाउस प्रॉपर्टी) से होने वाली आय और अधिकतम 5,000 रुपये तक की कृषि आय शामिल होती है। • आईटीआर-2: यह फॉर्म उन करदाताओं तथा हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए है जिनकी आय का स्रोत कोई व्यापार (बिजनेस) या पेशा (प्रोफेशन) नहीं है, लेकिन उन्हें शेयर, म्यूचुअल फंड या संपत्ति की बिक्री से कैपिटल गेन्स प्राप्त हुआ है। करदाताओं के काम और राहत पर वित्त मंत्री की हिदायत आयकर रिटर्न फाइलिंग के इस माहौल के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आयकर विभाग के अधिकारियों को जनहित में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया। वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आम नागरिक को अपने टैक्स से जुड़े कार्यों, प्रश्नों या समस्याओं के लिए 'दर-दर भटकने' पर मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे मौजूदा नियमों के दायरे में रहते हुए करदाताओं के सभी मामलों और आवेदनों का समयबद्ध एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। ई-फाइलिंग के लिए आधिकारिक लिंक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने हेतु टैक्सपेयर्स सीधे आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जा सकते हैं। इसका आप पर असर • भारत भर में: 31 जुलाई की अंतिम तारीख से पहले रिटर्न दाखिल करने से पोर्टल पर सर्वर लोड की समस्या से बचा जा सकता है और टैक्स रिफंड भी तेजी से प्रोसेस होता है। • करदाताओं के लिए: समयसीमा बीतने के बाद फाइलिंग करने पर विलंब शुल्क लग सकता है, इसलिए अपनी आय के अनुसार सही फॉर्म चुनकर तुरंत सबमिट करें। सवाल-जवाब 1. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख क्या है? वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई निर्धारित है। 2. अब तक कितने इनकम टैक्स रिटर्न जमा किए जा चुके हैं? आयकर विभाग के अनुसार अब तक 4 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। 3. आईटीआर-1 (सहज) फॉर्म कौन भर सकता है? आईटीआर-1 उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और आय वेतन, एक घर और 5,000 रुपये तक की कृषि आय से आती है। 4. आईटीआर-2 फॉर्म किन टैक्सपेयर्स के लिए है? आईटीआर-2 उन व्यक्तियों और HUFs के लिए है जिनकी बिजनेस से आय नहीं है, लेकिन उन्हें कैपिटल गेन्स या अन्य स्रोतों से आय हुई है। 5. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स अधिकारियों को क्या निर्देश दिए? वित्त मंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि लोगों को कार्यों के लिए दर-दर न भटकना पड़े और नियमों के तहत मामलों का समयबद्ध व संवेदनशील निपटारा किया जाए। https://trendkia.com/money/nirmala-sitharaman-ki-apila-ke-bicha-31-julai-ki-sima-se-pahale-4-karora-se-adhika-aitiara-dakhila-10672 TrendKia — Har trend, sabse pehle.