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  "title": "पीएफआरडीए अब एनपीएस में तय पेंशन देने पर कर रहा विचार, कर्मचारियों की पुरानी शिकायत हो सकती है दूर",
  "summary": "पीएफआरडीए एनपीएस में बाजार आधारित रिटर्न की जगह गारंटी वाली पेंशन देने पर वित्त मंत्रालय से बातचीत कर रहा है, ताकि कर्मचारियों की पुराने पेंशन प्लान की मांग कम की जा सके.",
  "content": "सरकारी नौकरी में आने वाले नए कर्मचारियों को दो दशक से जिस एक चिंता ने परेशान कर रखा है, वह है रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन न मिलना. अब पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी पीएफआरडीए इसी चिंता को दूर करने के लिए वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर नई पेंशन स्कीम यानी एनपीएस में गारंटी वाली पेंशन का विकल्प जोड़ने पर विचार कर रहा है.\n\nएनपीएस से क्यों नाराज हैं कर्मचारी\nसाल 2004 में जब सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था खत्म करके एनपीएस लागू किया, तभी से इसका विरोध शुरू हो गया था. इस स्कीम में कर्मचारी हर महीने अपनी सैलरी से एक हिस्सा जमा करते हैं और रिटायरमेंट के बाद उन्हें जो पेंशन मिलती है, वह जमा राशि पर बाजार से मिले रिटर्न पर निर्भर करती है. यानी अगर बाजार अच्छा प्रदर्शन नहीं करता तो पेंशन की रकम भी कम हो सकती है और इसमें किसी न्यूनतम राशि की कोई गारंटी नहीं दी जाती. यही अनिश्चितता कर्मचारियों की सबसे बड़ी शिकायत रही है.\n\nयूपीएस को कर्मचारियों ने क्यों नहीं अपनाया\nएनपीएस के विरोध को शांत करने के लिए सरकार ने यूनीफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लाई थी, जिसमें रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन देने का वादा किया गया था. लेकिन इसकी शर्त यह थी कि कर्मचारियों की जमा राशि का बड़ा हिस्सा पीएफआरडीए के कोष में जमा करना होगा. इस शर्त की वजह से बहुत कम कर्मचारियों ने यूपीएस को चुना और ज्यादातर कर्मचारी अब भी पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी ओपीएस को वापस लाने की मांग पर अड़े रहे.\n\nअब पीएफआरडीए बना रहा गारंटी वाली पेंशन का नया प्रस्ताव\nकर्मचारियों के इसी असंतोष को देखते हुए पीएफआरडीए ने वित्त मंत्रालय के साथ नए सिरे से बातचीत शुरू की है. मकसद यह है कि एनपीएस में जमा राशि बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर रहने के बजाय कर्मचारियों को एक न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन की गारंटी दी जाए. इसके लिए पीएफआरडीए न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न वाली योजना पर काम कर रहा है, ताकि एनपीएस चुनने वाले कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मिल सके.\n\nसितंबर 2025 में बनी समिति के सामने क्या चुनौतियां हैं\nयह पहला मौका नहीं है जब इस तरह के प्रस्ताव पर विचार हो रहा हो. सितंबर 2025 में भी पीएफआरडीए ऐसा ही प्रस्ताव लेकर आया था और इस पर काम करने के लिए एक समिति बनाई गई थी. इस समिति को एनपीएस की लॉक इन अवधि, नियामकीय ढांचा, शुल्क और जोखिम प्रबंधन जैसे मुद्दों पर नियम तैयार करने थे. पीएफआरडीए का आकलन है कि गारंटी वाली पेंशन देने के लिए फंड मैनेजरों पर जिम्मेदारी और लागत, दोनों बढ़ जाएंगी. इस अतिरिक्त बोझ से बचने के लिए एनपीएस के पैसे को फ्यूचर और ऑप्शन जैसे जोखिम भरे विकल्पों में भी लगाना पड़ सकता है. फिलहाल पेंशन कोष को कुछ शर्तों के साथ ही वायदा बाजार में निवेश की इजाजत मिली हुई है.\n\nहाल के महीनों में एनपीएस में और क्या बदलाव हुए\nगारंटी वाली पेंशन पर चल रही चर्चा के अलावा भी एनपीएस में कई अहम बदलाव हुए हैं. दिसंबर 2025 में नियम बदला गया कि जिन कर्मचारियों के खाते में 12 लाख रुपए से ज्यादा जमा है, वे अब एकमुश्त 60 फीसदी की जगह 80 फीसदी रकम निकाल सकते हैं. इसके अलावा पेंशन कोष प्रबंधकों को अपने पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा जिंसों यानी कमोडिटी में लगाने की भी मंजूरी मिल गई है, साथ ही बैंकों के लिए एक नया ढांचा भी स्वीकृत किया गया है.\n\nजनवरी 2026 में बैंकों को यह छूट दी गई कि वे ऐसा ढांचा तैयार कर सकें, जिसके जरिए वे पेंशन फंड बनाकर एनपीएस के कोष का स्वतंत्र रूप से प्रबंधन कर सकें. बच्चों के लिए शुरू की गई एनपीएस वात्सल्य योजना में भी ढील दी गई है और अब इसमें निकासी और निवेश, दोनों को लेकर नियम पहले से आसान बना दिए गए हैं. वहीं जून 2026 से उन ग्राहक सेवा केंद्रों के लिए नियम और सख्त कर दिए गए हैं, जहां से आमतौर पर लोग अपना एनपीएस खाता खुलवाते हैं.\n\nइसका आप पर असर\nअगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो एनपीएस चुनने वाले लाखों सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन मिलने का भरोसा मिल सकता है.\n\n• पेंशन की गारंटी: अभी एनपीएस में पेंशन पूरी तरह बाजार के रिटर्न पर निर्भर है. अगर न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न योजना लागू होती है, तो कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर एक तय न्यूनतम पेंशन मिलने की गारंटी मिल सकती है.\n• एकमुश्त निकासी में राहत: दिसंबर 2025 से 12 लाख रुपए से ज्यादा जमा वाले खाताधारक अब 60 की जगह 80 फीसदी रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं. इससे रिटायरमेंट के तुरंत बाद बड़ी जरूरतों के लिए ज्यादा नकदी उपलब्ध होगी.\n• बच्चों की एनपीएस वात्सल्य योजना आसान: निकासी और निवेश के नियम सरल किए गए हैं, जिससे माता-पिता के लिए बच्चों के नाम पर एनपीएस खाता चलाना पहले से आसान हो जाएगा.\n• खाता खोलते समय सतर्क रहें: जून 2026 से ग्राहक सेवा केंद्रों पर नियम सख्त हुए हैं, इसलिए नया एनपीएस खाता खुलवाते समय दस्तावेज और प्रक्रिया को लेकर पहले से ज्यादा सावधानी बरतनी होगी.\n\nऐसा क्यों हुआ\nएनपीएस में गारंटी वाली पेंशन पर विचार अचानक नहीं हो रहा, बल्कि यह कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे विरोध और यूपीएस के नाकाम रहने का नतीजा है.\n\n• 2004 से चला आ रहा असंतोष: एनपीएस में पेंशन की कोई गारंटी न होने की वजह से शुरुआत से ही कर्मचारी वर्ग इसका विरोध करता रहा है.\n• यूपीएस का फेल होना: गारंटी वाली पेंशन के बदले ज्यादातर जमा राशि पीएफआरडीए के कोष में डालने की शर्त के चलते बहुत कम कर्मचारियों ने यूपीएस चुना, जिससे सरकार पर नया विकल्प तलाशने का दबाव बढ़ा.\n• पहले भी हो चुकी है कोशिश: सितंबर 2025 में भी पीएफआरडीए ने ऐसा ही प्रस्ताव रखा था और समिति बनाई थी, यानी यह मुद्दा पहले से नियामक की प्राथमिकता में है.\n• आगे क्या हो सकता है: पीएफआरडीए अभी न्यूनतम सुनिश्चित रिटर्न योजना पर काम कर रहा है, लेकिन फंड प्रबंधन की बढ़ती लागत और जोखिम भरे निवेश जैसे मसलों पर अभी और मंथन बाकी है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एनपीएस में गारंटी वाली पेंशन का प्रस्ताव किसने दिया है?\nपेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर इस पर बातचीत शुरू की है.\n\n2. अभी एनपीएस में पेंशन कैसे तय होती है?\nअभी पेंशन कर्मचारी के अंशदान और बाजार से मिले रिटर्न पर निर्भर करती है, इसमें कोई न्यूनतम राशि की गारंटी नहीं है.\n\n3. यूपीएस को कर्मचारियों ने क्यों नहीं अपनाया?\nक्योंकि गारंटी वाली पेंशन पाने के लिए कर्मचारियों को अपनी ज्यादातर जमा राशि पीएफआरडीए के कोष में डालनी पड़ती थी, इसलिए बहुत कम लोगों ने इसे चुना.\n\n4. सितंबर 2025 में बनी समिति का काम क्या है?\nयह समिति एनपीएस की लॉक इन अवधि, नियामकीय ढांचा, शुल्क और जोखिम प्रबंधन से जुड़े नियम तैयार कर रही है.\n\n5. दिसंबर 2025 में एनपीएस में क्या बदलाव हुआ?\n12 लाख रुपए से ज्यादा जमा वाले खाताधारकों के लिए एकमुश्त निकासी की सीमा 60 से बढ़ाकर 80 फीसदी कर दी गई.\n\n6. एनपीएस वात्सल्य योजना में क्या बदलाव हुआ?\nबच्चों के लिए इस योजना में निकासी और निवेश के नियमों को आसान बनाया गया है.\n\n7. जून 2026 से क्या नियम सख्त हुए?\nग्राहक सेवा केंद्रों के लिए नियम और सख्त किए गए हैं, क्योंकि इन्हीं केंद्रों से ज्यादातर लोग एनपीएस खाता खोलते हैं.",
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  "publishedAt": "2026-09-08",
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