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  "type": "article",
  "title": "सस्ती दवाओं की दुकान खोलकर करें कमाई, जानिए जन औषधि केंद्र शुरू करने की पूरी प्रक्रिया और सरकारी सहायता",
  "summary": "देशभर के 776 जिलों में 20,149 जन औषधि केंद्र सक्रिय हो चुके हैं, जहां सरकार दो लाख रुपये की आर्थिक मदद और बिक्री पर 20 प्रतिशत कमीशन दे रही है।",
  "content": "स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते खर्च के बीच आम नागरिकों को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देश के कुल 784 जिलों में से 776 जिलों तक अपनी पहुंच बनाते हुए अब तक 20,149 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। संसद में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इन केंद्रों से जेनेरिक उत्पाद खरीदकर देशवासियों ने अब तक लगभग 45,000 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बचत की है। यह योजना न केवल मरीजों की जेब पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को हल्का कर रही है, बल्कि युवाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए स्वरोजगार का एक बेहतरीन अवसर भी बन चुकी है।\n\nविशाल उत्पाद सूची और इलाज का खर्च घटाने की पहल\nजन औषधि केंद्रों के नेटवर्क में उपलब्ध वस्तुओं की सूची को अत्यंत व्यापक बनाया गया है। इन बिक्री केंद्रों पर वर्तमान में 2,110 विभिन्न श्रेणियों की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा 315 प्रकार के सर्जिकल उपकरण, चिकित्सीय उपयोग की वस्तुएं और न्यूट्रास्यूटिकल्स भी लोगों को रियायती दरों पर दिए जा रहे हैं। 'राष्ट्रीय आवश्यक दवाओं की सूची' में शामिल लगभग सभी जेनेरिक दवाएं इस बास्केट का हिस्सा हैं, जिसमें केवल वैक्सीन और लैब रिएजेंट शामिल नहीं हैं। हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, एलर्जी, विभिन्न प्रकार के संक्रमण और पेट की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को इन केंद्रों के जरिए अत्यंत किफायती दर पर उपचार की सामग्री प्राप्त हो रही है।\n\nकेंद्र संचालन पर वित्तीय प्रोत्साहन और कमाई के अवसर\nजन औषधि केंद्र की स्थापना करने वाले संचालकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष सहायता दी जाती है। दुकान का ढांचा तैयार करने के लिए संचालक को कंप्यूटर, फर्नीचर और रेफ्रिजरेटर जैसी जरूरी वस्तुओं की खरीद हेतु 2 लाख रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार दुकान संचालक को खुले बाजार की तुलना में काफी सस्ती दरों पर दवाओं की आपूर्ति करती है। संचालक को प्रत्येक दवा की बिक्री पर 20 प्रतिशत का सीधा कमीशन मिलता है, जबकि बिक्री के तय लक्ष्यों को पार करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।\n\nपात्रता नियम और बुनियादी जरूरतें\nइस योजना के तहत जन औषधि केंद्र शुरू करने के लिए कोई भी सामान्य नागरिक, पंजीकृत फार्मासिस्ट, अस्पताल या गैर-सरकारी संगठन आवेदन कर सकता है। दुकान खोलने के लिए आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फीट का स्थान होना अनिवार्य है। यह परिसर आवेदक का निजी हो सकता है अथवा इसे किराए पर भी लिया जा सकता है। केंद्र के संचालन हेतु एक पंजीकृत फार्मासिस्ट की नियुक्ति जरूरी है, जिसका नाम और पंजीयन विवरण अंतिम मंजूरी के समय सरकारी पोर्टल पर दर्ज कराना होता है।\n\nआवेदन शुल्क और विशेष वर्गों को दी जाने वाली छूट\nसामान्य श्रेणी के आवेदकों को जन औषधि केंद्र के लिए 5,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क जमा करना पड़ता है। हालांकि, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई वर्गों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। महिला उद्यमियों, दिव्यांगों, पूर्व सैनिकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, द्वीपीय इलाकों और नीति आयोग द्वारा चिह्नित आकांक्षी जिलों में केंद्र खोलने वाले आवेदनकर्ताओं को भी पूर्ण छूट मिलती है। इन आरक्षित अथवा विशेष श्रेणियों का लाभ लेने के लिए संबंधित प्रमाण पत्र और आवश्यक घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होता है।\n\nऑनलाइन आवेदन करने का चरणबद्ध तरीका\nजन औषधि केंद्र खोलने के इच्छुक नागरिक घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपनी अर्जी जमा कर सकते हैं\n\n• सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल janaushadhi.gov.in पर जाएं।\n• वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर मौजूद मेन्यू बार में जाकर 'अप्लाई फॉर केंद्र' विकल्प का चयन करें।\n• स्क्रीन पर आने वाले अगले पृष्ठ पर 'क्लिक हियर टू अप्लाई' लिंक पर क्लिक करें।\n• लॉगिन विंडो खुलने पर नीचे दिए गए 'रजिस्टर नाउ' विकल्प को चुनें।\n• पंजीकरण फॉर्म में मांगी गई अपनी सभी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जानकारियां दर्ज करें।\n• ड्रॉप-डाउन सूची से अपने राज्य का चयन करें और अपना आईडी व पासवर्ड सुरक्षित दर्ज करें।\n• नियम एवं शर्तों से संबंधित चेकबॉक्स पर निशान लगाएं और अंत में सबमिट बटन दबाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।\n\nइसका आप पर असर\nयह योजना मरीजों को इलाज के खर्च में भारी छूट देने के साथ नए उद्यमियों को न्यूनतम पूंजी में स्थायी व्यवसाय शुरू करने का अवसर देती है।\n\n• भारत में मरीजों के लिए: दवा के मासिक खर्च में 50 से 90 प्रतिशत तक की कमी आती है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त परिवार अपनी चिकित्सा लागत में हजारों रुपये की सीधी बचत कर सकते हैं।\n• स्वरोजगार चाहने वालों के लिए: कम से कम 120 वर्ग फीट जगह में अपनी फार्मेसी शुरू करने का मौका मिलता है। सरकार से फर्नीचर और सिस्टम के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता और बिक्री पर 20 प्रतिशत मार्जिन प्राप्त होता है।\n• विशेष श्रेणी के आवेदकों के लिए: आरक्षित वर्गों और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए 5,000 रुपये का आवेदन शुल्क माफ है। इस छूट से महिला और पूर्व सैनिक उद्यमी बिना किसी शुरुआती फीस के पंजीकरण कर सकते हैं।\n• फार्मासिस्ट युवाओं के लिए: डिग्री या डिप्लोमा धारक युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही स्वतंत्र रोजगार मिलता है। वे स्वयं केंद्र खोल सकते हैं अथवा किसी निवेशक के साथ जुड़कर पेशेवर जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nस्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले व्यक्तिगत खर्च को घटाने और ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी इलाकों तक जीवनरक्षक दवाओं की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह विस्तार किया गया है।\n\n• दवाओं की ऊंची लागत: निजी बाजार में ब्रांडेड दवाओं की अत्यधिक कीमतों के कारण आम जनता पर वित्तीय बोझ निरंतर बढ़ रहा था। इस दबाव को समाप्त करने के लिए सरकार ने जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया।\n• संसद में प्रस्तुत आधिकारिक रिपोर्ट: संसद में रखे गए ब्योरे से स्पष्ट हुआ कि 776 जिलों तक नेटवर्क पहुंचने से जनता ने 45,000 करोड़ रुपये की सीधी बचत की है। इस आर्थिक सफलता के बाद तंत्र को और व्यापक बनाने के लिए नए केंद्र खोलने की प्रक्रिया को सरल किया गया है।\n• स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन: छोटे कस्बों में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता थी। सरकार ने आर्थिक सहायता और इंसेंटिव जोड़कर इस योजना को एक आकर्षक व्यावसायिक मॉडल में तब्दील किया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. देश में इस समय कुल कितने जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं?\nदेशभर के 776 जिलों में वर्तमान में 20,149 जन औषधि केंद्र सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं।\n\n2. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए कितनी न्यूनतम जगह जरूरी है?\nइस दुकान को शुरू करने के लिए आवेदक के पास कम से कम 120 वर्ग फीट की निजी या किराए की जगह होनी चाहिए।\n\n3. सरकार दुकान संचालक को कितनी वित्तीय सहायता और कमीशन देती है?\nफर्नीचर और कंप्यूटर जैसे सामान के लिए 2 लाख रुपये तक का एकमुश्त प्रोत्साहन मिलता है, साथ ही दवाओं की बिक्री पर 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है।\n\n4. क्या जन औषधि केंद्र के लिए कोई आवेदन शुल्क लगता है?\nसामान्य आवेदकों के लिए 5,000 रुपये का गैर-वापसी शुल्क है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों, पूर्व सैनिकों और विशेष क्षेत्रों के लोगों के लिए आवेदन बिल्कुल निशुल्क है।\n\n5. इन केंद्रों पर कुल कितनी दवाएं और सर्जिकल सामान उपलब्ध हैं?\nइन केंद्रों की बास्केट में 2,110 प्रकार की दवाएं और 315 सर्जिकल व चिकित्सीय उपकरण शामिल हैं।\n\n6. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन किस पोर्टल पर किया जा सकता है?\nइच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर जाकर 'अप्लाई फॉर केंद्र' के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।",
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  "publishedAt": "2026-09-30",
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