भारतीय स्टेट बैंक में 2 वर्ष की जमा पर 1 लाख रुपये का निश्चित मुनाफा, जानिए जरूरी पूंजी भारतीय स्टेट बैंक की 2 साल की सावधि जमा योजना में सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले निवेशक 1 लाख रुपये का पक्का ब्याज पा सकते हैं। सामान्य, वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग ब्याज दरें और निवेश राशि तय हैं। घरेलू वित्तीय बाजार में एक दौर ऐसा था जब आम लोग इक्विटी मार्केट और म्यूचुअल फंड में पूंजी लगाने से हिचकते थे, लेकिन वर्तमान समय में छोटे निवेशक भी इन माध्यमों में सक्रिय रूप से पूंजी लगा रहे हैं। हालांकि इन दोनों विकल्पों में अधिक कमाई की संभावना के साथ पूंजी डूबने का जोखिम भी बना रहता है। इसी वजह से देश में बचतकर्ताओं का एक बहुत बड़ा वर्ग आज भी अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंक की सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट पर सबसे अधिक विश्वास जताता है। सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 2 वर्ष की अवधि वाली विशेष योजना सुरक्षित आय चाहने वाले खाताधारकों को 1,00,000 रुपये का गारंटीड फिक्स ब्याज कमाने का स्पष्ट विकल्प दे रही है। विभिन्न अवधियों और 24 महीनों के लिए तय की गई ब्याज दरें सार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख वित्तीय संस्थान भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को अलग-अलग समयसीमा के लिए एफडी उत्पाद उपलब्ध कराता है। बैंक में जमाकर्ताओं के लिए सबसे कम 7 दिनों से लेकर सबसे लंबी 10 वर्ष तक की अवधि के सावधि खाते खोलने की सुविधा दी गई है। इन खातों पर बैंक न्यूनतम 3.05 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 7.15 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज प्रदान कर रहा है। जब बात 2 साल की निर्धारित अवधि की आती है, तो बैंक ने अलग-अलग आयु वर्ग के ग्राहकों के लिए अलग दरें निर्धारित की हैं। सामान्य नागरिकों के लिए 2 वर्ष की सावधि जमा पर 6.40 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को इसी अवधि पर 6.90 प्रतिशत का लाभ मिलता है। इसके अलावा अति वरिष्ठ नागरिकों को बैंक 2 साल के कार्यकाल के लिए 7.00 प्रतिशत की दर से ब्याज ऑफर कर रहा है। 1 लाख रुपये का पक्का रिटर्न पाने के लिए कितनी पूंजी लगानी होगी यदि कोई जमाकर्ता भारतीय स्टेट बैंक की 2 साल की एफडी में सिर्फ ब्याज के तौर पर 1,00,000 रुपये का पक्का मुनाफा हासिल करना चाहता है, तो उसे अपनी श्रेणी के आधार पर तय पूंजी जमा करनी होगी। सामान्य वर्ग के खाताधारकों को 2 वर्ष में 1,00,000 रुपये का फिक्स रिटर्न अर्जित करने के लिए 7,40,000 रुपये की एकमुश्त राशि जमा करनी होगी। वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली अतिरिक्त ब्याज छूट के कारण उन्हें अपेक्षाकृत कम पूंजी की आवश्यकता पड़ती है। वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल में 1,00,000 रुपये का ब्याज अर्जित करने के लिए 6,90,000 रुपये जमा कराने होंगे। इसी प्रकार अति वरिष्ठ नागरिकों को समान रिटर्न के लिए केवल 6,80,000 रुपये का निवेश करना होगा। यदि कोई भी खाताधारक अपनी श्रेणी के अनुसार यह निर्धारित राशि 24 महीने के लिए जमा करता है, तो परिपक्वता अवधि पूरी होने पर उसे 1,00,000 रुपये से अधिक का गारंटीड फिक्स ब्याज प्राप्त होगा। इसका आप पर असर यह योजना रूढ़िवादी निवेशकों को बिना बाजार जोखिम के 2 वर्ष में स्पष्ट और निश्चित रिटर्न योजना बनाने में मदद करती है। • सामान्य निवेशकों के लिए: सामान्य नागरिक 7,40,000 रुपये जमा कर 2 वर्ष में 1,00,000 रुपये का निश्चित ब्याज हासिल कर सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर तय लाभ चाहते हैं। • वरिष्ठ नागरिकों के लिए: वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत ब्याज दर के साथ 1,00,000 रुपये ब्याज पाने के लिए केवल 6,90,000 रुपये लगाने होंगे। इससे उनकी सेवानिवृत्ति पूंजी पर 50,000 रुपये कम मूलधन में ही समान लाभ प्राप्त हो जाता है। • अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए: अति वरिष्ठ नागरिक 6,80,000 रुपये जमा करके 7.00 प्रतिशत ब्याज दर का लाभ उठा सकते हैं। इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को कम पूंजी लगाकर अधिक नकदी प्रवाह सुनिश्चित करने की सुविधा मिलती है। • वित्तीय सुरक्षा: सरकारी बैंक की गारंटी के कारण मूलधन और तय ब्याज दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। निवेशक किसी भी शाखा या डिजिटल माध्यम से यह खाता खोलकर अपनी 2 साल की वित्तीय योजना पूरी कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह जमा ढांचा सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले विभिन्न आयु वर्ग के निवेशकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निश्चित लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। • जोखिम रहित बचत की निरंतर मांग: शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में अनिश्चितता के कारण बड़ी संख्या में निवेशक शून्य जोखिम वाले साधनों को प्राथमिकता देते हैं। बैंकों की सावधि जमा योजनाएं ऐसे जमाकर्ताओं को निश्चित प्रतिफल की पूर्ण गारंटी देती हैं। • वरिष्ठ आयु वर्गों के लिए विभेदित दरें: बैंक बुजुर्ग खाताधारकों की सामाजिक सुरक्षा और जीवनयापन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अतिरिक्त ब्याज मार्जिन प्रदान करते हैं। इसी कारण वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.00 प्रतिशत का लाभ दिया गया है। • बैंकों की मध्यम अवधि की देनदारी योजना: 2 वर्ष की अवधि वाणिज्यिक बैंकों के लिए नकदी प्रबंधन और संतुलित परिसंपत्ति आवंटन का मुख्य साधन होती है। इन दरों की पेशकश से बैंक खुदरा जमाकर्ताओं से स्थिर मध्यम अवधि की पूंजी जुटाते हैं। सवाल-जवाब 1. भारतीय स्टेट बैंक में 2 साल की सावधि जमा पर सामान्य नागरिकों को कितना ब्याज मिलता है? भारतीय स्टेट बैंक 2 साल की अवधि वाली एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.40 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज देता है। 2. 2 वर्ष में 1 लाख रुपये का ब्याज कमाने के लिए सामान्य नागरिक को कितनी राशि जमा करनी होगी? सामान्य नागरिक को 2 साल में 1,00,000 रुपये का फिक्स ब्याज प्राप्त करने के लिए 7,40,000 रुपये जमा करने होंगे। 3. वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल की एफडी पर क्या ब्याज दर मिलती है? 2 साल की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.00 प्रतिशत ब्याज दर दी जाती है। 4. वरिष्ठ नागरिकों को 1 लाख रुपये का ब्याज अर्जित करने के लिए कितना निवेश करना होगा? वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल की अवधि में 1,00,000 रुपये का ब्याज अर्जित करने के लिए 6,90,000 रुपये जमा कराने होंगे। 5. अति वरिष्ठ नागरिकों को 1 लाख रुपये ब्याज के लिए कितनी पूंजी की जरूरत होगी? अति वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल में 1,00,000 रुपये का ब्याज पाने के लिए 6,80,000 रुपये जमा करने होंगे। 6. भारतीय स्टेट बैंक में सावधि जमा की न्यूनतम और अधिकतम अवधि क्या है? बैंक में न्यूनतम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल तक की अवधि के लिए एफडी खाता खोला जा सकता है। https://trendkia.com/money/sbi-men-2-varsha-ki-jama-para-1-lakha-rupaye-ka-nishchita-munapha-janie-jaruri-punji-36464 TrendKia — Har trend, sabse pehle.