भारतीय स्टेट बैंक में तीन साल की सावधि जमा पर कितना लाभ मिलेगा, जानिए बुजुर्गों के लिए विशेष दरें भारतीय स्टेट बैंक में तीन साल की अवधि के लिए जमा पूंजी पर सामान्य ग्राहकों को 6.30 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज मिल रहा है। सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न की तलाश करने वाले भारतीय बचतकर्ताओं के लिए सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट हमेशा से एक भरोसेमंद विकल्प रहा है। देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, में विभिन्न अवधियों के लिए जमा योजनाओं पर आकर्षक ब्याज दरें उपलब्ध हैं। शाखाओं के विशाल नेटवर्क, व्यापक ग्राहक आधार और परिसंपत्ति के लिहाज से शीर्ष स्थान पर रहने वाला यह सरकारी बैंक सात दिनों से लेकर दस वर्षों तक की जमा पर 3.05 प्रतिशत से लेकर 7.15 प्रतिशत तक की वार्षिक दर की पेशकश करता है। मध्यम अवधि की वित्तीय योजना बनाने वाले बचतकर्ताओं के लिए तीन साल का विकल्प काफी लोकप्रिय माना जाता है। तीन वर्ष की सावधि जमा पर मिलने वाला प्रतिफल तीन करोड़ रुपये से कम की खुदरा जमा राशि पर भारतीय स्टेट बैंक में तीन साल की अवधि के लिए आयु वर्ग के आधार पर 6.30 प्रतिशत से 6.90 प्रतिशत तक का ब्याज दिया जा रहा है। अलग-अलग आयु वर्ग के जमाकर्ताओं के लिए बैंक ने स्पष्ट श्रेणियां निर्धारित की हैं, ताकि हर निवेशक को अपनी पात्रता के अनुसार उचित लाभ मिल सके। • 59 वर्ष तक के सामान्य नागरिक: तीन वर्ष की अवधि पूरी होने पर इस वर्ग के खाताधारकों को 6.30 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाता है। • 60 वर्ष से अधिक के वरिष्ठ नागरिक: इस श्रेणी में आने वाले बुजुर्गों को तीन साल की जमा पर 6.80 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न मिलता है। • 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिक: सबसे अधिक आयु वाले जमाकर्ताओं के लिए बैंक तीन साल की अवधि पर 6.90 प्रतिशत की उच्चतम दर प्रदान करता है। आयु वर्ग के अनुसार ब्याज का तुलनात्मक विवरण बचतकर्ताओं की सुविधा के लिए तीन साल की सावधि जमा पर मिलने वाले ब्याज को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी 59 वर्ष तक के नियमित खाताधारकों की है, जिन्हें 6.30 प्रतिशत की दर मिलती है। दूसरी श्रेणी 60 से 79 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों की है, जिनके लिए दर 6.80 प्रतिशत निर्धारित है। तीसरी श्रेणी 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ नागरिकों की है, जो 6.90 प्रतिशत की दर के हकदार हैं। बुजुर्गों और पेंशनभोगियों के लिए अतिरिक्त लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारियों और बुजुर्गों को नियमित आय तथा वित्तीय संबल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक विशेष रियायतें देता है। साठ वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में प्रत्येक अवधि की जमा पर 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है। वहीं, अस्सी वर्ष पार कर चुके अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य वरिष्ठ नागरिकों से भी 0.10 प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जाता है। इसका अर्थ यह है कि एक सामान्य खाताधारक की तुलना में अति वरिष्ठ नागरिक को कुल मिलाकर 0.60 प्रतिशत अधिक ब्याज का प्रत्यक्ष फायदा प्राप्त होता है। इसका आप पर असर इस ब्याज दर संरचना से मध्यम अवधि के लिए बचत करने वाले आम और बुजुर्ग खाताधारकों को अपनी वित्तीय योजना तय करने में मदद मिलेगी। • सामान्य खाताधारकों के लिए: तीन साल की जमा पर 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज सुनिश्चित किया गया है। इससे 59 वर्ष तक के निवेशक बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी पूंजी बढ़ा सकते हैं। • बुजुर्गों की पेंशन आय पर: 60 से 79 वर्ष के नागरिकों को 6.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज प्राप्त होगा। यह अतिरिक्त 0.50 प्रतिशत का मार्जिन नियमित खर्चों के लिए अधिक नकदी उपलब्ध कराता है। • अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 80 वर्ष से अधिक आयु वाले खाताधारकों को 6.90 प्रतिशत की अधिकतम दर दी जा रही है। सामान्य ग्राहकों से 0.60 प्रतिशत अधिक दर मिलने से बुजुर्गों को सबसे मजबूत वित्तीय सुरक्षा मिलती है। • राशि सीमा का ध्यान: यह ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पूंजी पर ही प्रभावी हैं। बड़ी रकम का निवेश करने से पहले खाताधारकों को अपनी मूल जमा राशि की सीमा जरूर जांच लेनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ बैंक अपनी तरलता बनाए रखने और विभिन्न उम्र के ग्राहकों को उनकी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सुरक्षित निवेश विकल्प देने के लिए दरों का निर्धारण करते हैं। • मध्यम अवधि पूंजी प्रबंधन: बैंक तीन साल की खुदरा जमा से अपनी ऋण वितरण योजनाओं के लिए स्थिर नकदी सुरक्षित करते हैं। इस संतुलन को साधने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों की पेशकश की जाती है। • वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा: सेवानिवृत्ति के बाद घटते आय स्रोतों को देखते हुए सरकारी बैंक बुजुर्गों को प्रीमियम ब्याज देते हैं। सामान्य से 0.50 प्रतिशत और 0.60 प्रतिशत अधिक दर इसी वित्तीय सहायता का हिस्सा है। • बाजार प्रतिस्पर्धा: खुदरा बचतकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए 3.05 प्रतिशत से 7.15 प्रतिशत की विस्तृत ब्याज श्रृंखला रखी गई है। इससे अलग-अलग समयावधि के निवेशकों को स्पष्ट विकल्प मिलते हैं। सवाल-जवाब 1. भारतीय स्टेट बैंक में तीन साल की सावधि जमा पर सामान्य नागरिकों को कितना ब्याज मिलता है? 59 वर्ष तक के सामान्य नागरिकों को तीन वर्ष की अवधि के लिए 6.30 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। 2. वरिष्ठ नागरिकों को तीन वर्ष की सावधि जमा पर क्या दर दी जा रही है? 60 से 79 वर्ष की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को 6.80 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज प्राप्त होता है। 3. अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों से कितना अतिरिक्त ब्याज मिलता है? 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में कुल 0.60 प्रतिशत अधिक यानी 6.90 प्रतिशत ब्याज मिलता है। 4. यह ब्याज दरें अधिकतम कितनी जमा राशि तक मान्य हैं? यह दरें 3 करोड़ रुपये से कम की खुदरा सावधि जमा राशि पर प्रभावी हैं। 5. भारतीय स्टेट बैंक में सावधि जमा की अवधि और ब्याज दर का कुल दायरा क्या है? बैंक सात दिनों से लेकर दस साल तक की विभिन्न अवधियों पर 3.05 प्रतिशत से 7.15 प्रतिशत तक का ब्याज प्रदान करता है। https://trendkia.com/money/state-bank-of-india-men-tina-sala-ki-savadhi-jama-para-kitana-labha-milega-janie-bujurgon-ke-lie-vishesha-daren-35986 TrendKia — Har trend, sabse pehle.