# तमिलनाडु में कक्षा 8 तक के छात्रों को मिलेगा मुफ्त नाश्ता, सीएम विजय ने बढ़ाई योजना

> तमिलनाडु सरकार ने अपनी नाश्ता योजना का विस्तार कक्षा 8 तक कर दिया है, जिससे राज्य भर के लगभग 35 लाख विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन मिलेगा।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/tamil-nadu-men-kaksha-8-taka-ke-chhatron-ko-milega-muphta-nashta-cm-vijay-ne-barhai-yojana-36419 · **Language:** Hindi
**Tags:** तमिलनाडु ब्रेकफास्ट स्कीम, सीएम विजय, कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम, स्कूली शिक्षा, मिड डे मील, चेन्नई

तमिलनाडु के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने अपनी सुबह के भोजन की पहल का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में कक्षा 8 तक के छात्र-छात्राओं को विद्यालय में ही ताजा व पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस बड़े विस्तार के जरिए पूरे राज्य के करीब 35 लाख स्कूली बच्चों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

## तिरुवान्मियूर में मुख्यमंत्री ने स्वयं परोसा भोजन
इस विस्तारित कार्यक्रम की आधिकारिक शुरुआत राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के तिरुवान्मियूर स्थित चेन्नई कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल में की। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद बच्चों को गरमा-गरम पोंगल परोसा और फिर जमीन पर बैठकर उनके साथ सुबह का भोजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने स्कूली बच्चों से बातचीत कर भोजन की गुणवत्ता और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।

## द्रमुक शासन में हुई थी शुरुआत, टीवीके सरकार ने बदला नाम
पेरुंथलइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम के नाम से जानी जाने वाली इस भोजन व्यवस्था की नींव सबसे पहले वर्ष 2022 में द्रमुक शासनकाल के दौरान रखी गई थी। प्रारंभिक चरण में यह केवल कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के नन्हे विद्यार्थियों के लिए ही लागू की गई थी। उस शुरुआती दौर में राज्य के 37,447 शैक्षणिक संस्थानों के करीब 19.34 लाख विद्यार्थी इस व्यवस्था से सीधे लाभान्वित हो रहे थे।

इसके बाद मई 2026 में सत्ता परिवर्तन हुआ और टीवीके सरकार के कार्यभार संभालने के उपरांत जुलाई 2026 में इस योजना का नामकरण तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री कामराज के सम्मान में कर दिया गया। अब मौजूदा विस्तार के तहत मिडिल स्कूल के बच्चों को भी जोड़ते हुए करीब 15.30 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को इसके अंतर्गत शामिल किया गया है।

## 2026-27 के लिए वित्तीय आवंटन और प्रति छात्र खर्च
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 217.63 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि स्वीकृत की है। यह वित्तीय प्रावधान 210 शैक्षणिक दिवसों के आधार पर 12.87 लाख छात्र-छात्राओं को नाश्ता कराने के लिए तय किया गया है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी के लिए दैनिक व्यय 12.71 रुपये निर्धारित किया गया है। बजट का यह समायोजन बच्चों को बिना किसी रुकावट के लगातार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

## सप्ताह के पांचों दिन का विशेष भोजन मेनू
बच्चों की रुचि और पोषण संतुलन को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के प्रत्येक कार्यदिवस के लिए अलग-अलग पारंपरिक व्यंजनों का एक व्यवस्थित मेनू तैयार किया गया है

- **सोमवार:** उपमा
- **मंगलवार:** खिचड़ी
- **बुधवार:** पोंगल
- **गुरुवार:** उपमा
- **शुक्रवार:** मीठा व्यंजन

तमिलनाडु में स्कूली भोजन कार्यक्रमों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें पूर्व में जयललिता की सरकार ने बच्चों की पसंद के अनुसार मसाला अंडों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ठ भोजनों को शामिल करके भोजन व्यवस्था को और अधिक विविधतापूर्ण बनाया था।

## रसोई और भोजन वितरण में स्वच्छता के कड़े नियम
योजना के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जिन रसोई घरों में भोजन तैयार किया जाता है, वहां साफ-सफाई के उच्च मानकों का हर समय पालन होना चाहिए। इसके अलावा, विद्यालय के जिस परिसर या कक्ष में बच्चों को भोजन परोसा जाता है, उसे भी पूरी तरह स्वच्छ और रोगाणुमुक्त बनाए रखना अनिवार्य किया गया है ताकि बच्चों तक केवल शुद्ध और सुरक्षित भोजन ही पहुंचे।

## इसका आप पर असर
यह निर्णय राज्य के लाखों विद्यार्थियों की पोषण सुरक्षा और उनके परिवारों के घरेलू बजट को सीधे तौर पर मजबूती प्रदान करता है।

- **तमिलनाडु में:** कक्षा 8 तक के करीब 35 लाख बच्चों को अब विद्यालय पहुंचते ही प्रतिदिन ताजा और मुफ्त नाश्ता प्राप्त होगा। इससे छात्रों की उपस्थिति दर बढ़ेगी और माता-पिता को सुबह के नाश्ते पर होने वाले मासिक खर्च में सीधी बचत होगी।
- **अतिरिक्त कवरेज:** मिडिल स्कूल के 15.30 लाख नए विद्यार्थियों को इस योजना में तत्काल शामिल कर लिया गया है। 210 शैक्षणिक दिवसों के दौरान प्रति छात्र 12.71 रुपये की दर से राज्य सरकार पोषण का पूरा खर्च उठाएगी।
- **खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य:** सप्ताह भर के मेनू में उपमा, खिचड़ी, पोंगल और मीठे व्यंजन को शामिल किया गया है। सख्त स्वच्छता नियमों के कारण बच्चों को सुरक्षित व स्वच्छ माहौल में भोजन मिलना तय होगा।
- **स्कूलों में उपस्थिति:** सुबह का भोजन मिलने से ड्रॉपआउट दरों में कमी आने और कक्षाओं में विद्यार्थियों की एकाग्रता बेहतर होने की उम्मीद है। कामकाजी अभिभावकों के लिए यह व्यवस्था एक बड़ी दैनिक राहत साबित होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
तमिलनाडु सरकार ने प्राथमिक स्तर पर योजना की व्यापक सफलता और बढ़ती शैक्षणिक जरूरतों को देखते हुए मिडिल स्कूल के छात्रों को भी इसके दायरे में लाने का निर्णय लिया।

- **शैक्षणिक पोषण का विस्तार:** कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों में बेहतर उपस्थिति और स्वास्थ्य परिणामों को देखने के बाद इसे कक्षा 8 तक बढ़ाना स्वाभाविक कदम था। बढ़ते बच्चों के लिए सुबह का पौष्टिक आहार उनकी शारीरिक व मानसिक वृद्धि के लिए अनिवार्य माना गया।
- **प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव:** टीवीके सरकार ने मई 2026 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद जुलाई 2026 में इस योजना को कामराज के नाम पर पुनर्गठित किया। सरकार ने स्कूली छात्रों के व्यापक कल्याण को अपनी प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल किया।
- **ऐतिहासिक सामाजिक कल्याण परंपरा:** तमिलनाडु में स्कूली भोजन व्यवस्था का एक लंबा और सफल इतिहास रहा है। कामराज और जयललिता के शासनकालों से चली आ रही इस कल्याणकारी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने मिडिल स्कूल के छात्रों को भी पोषण सुरक्षा प्रदान की।

## सवाल-जवाब

### 1. तमिलनाडु में नाश्ता योजना का विस्तार किस कक्षा तक किया गया है?
इस योजना का विस्तार अब कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थियों के लिए कर दिया गया है।

### 2. विस्तार के बाद राज्य भर में कुल कितने छात्र लाभान्वित होंगे?
इस निर्णय के बाद राज्य के लगभग 35 लाख स्कूली विद्यार्थियों को मुफ्त नाश्ते की सुविधा मिलेगी।

### 3. इस विस्तारित योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री विजय ने कहां से की?
मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के तिरुवान्मियूर स्थित चेन्नई कॉर्पोरेशन मिडिल स्कूल से इसकी शुरुआत की।

### 4. सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कितना बजट आवंटित किया है?
सरकार ने 2026-27 के लिए 217.63 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।

### 5. प्रति छात्र प्रति दिन कितनी लागत तय की गई है?
योजना के तहत 210 दिनों के लिए प्रति छात्र प्रतिदिन 12.71 रुपये का आवंटन तय किया गया है।

### 6. सप्ताह के दिनों में बच्चों को क्या-क्या नाश्ता परोसा जाएगा?
मेनू के अनुसार सोमवार और गुरुवार को उपमा, मंगलवार को खिचड़ी, बुधवार को पोंगल तथा शुक्रवार को मीठा व्यंजन परोसा जाएगा।

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