# टीसीएस का शुद्ध मुनाफा 15 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंचा, एआई कारोबार 3.1 अरब डॉलर हुआ

> टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 15 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/tcs-ka-shuddha-munapha-15-phisadi-barhakara-13-884-karora-rupaye-para-pahuncha-ai-karobara-3-1-araba-dolara-hua-44827 · **Language:** Hindi
**Tags:** टीसीएस, टाटा समूह, तिमाही नतीजे, आईटी सेक्टर, शेयर बाजार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता

देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस अवधि के दौरान कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 13,884 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि कुल राजस्व बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। स्थिर मुद्रा विनिमय दर के आधार पर कंपनी की राजस्व वृद्धि पिछली तिमाही के मुकाबले 0.5 प्रतिशत रही, जो बाजार के अनुमानों के अनुरूप है। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा के अलावा विनिर्माण तथा प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्रों ने इस कारोबारी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दिया। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से जुड़ा सालाना रन-रेट राजस्व बढ़कर 3.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

## मुनाफे और वित्तीय मार्जिन का पूरा ब्योरा
कंपनी के मुनाफे के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरी तिमाही का 13,884 करोड़ रुपये का समेकित लाभ पिछली तिमाही यानी पहली तिमाही के 13,349 करोड़ रुपये के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक है। वहीं बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही के 12,075 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 14.98 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया है। सालाना आधार पर दर्ज हुई यह बढ़ोतरी विश्लेषकों के अनुमानों से बेहतर साबित हुई है। मार्जिन के मोर्चे पर कंपनी का शुद्ध लाभ मार्जिन 19 प्रतिशत रहा, जबकि परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज किया गया। नकदी प्रवाह के संदर्भ में शुद्ध परिचालन नकदी प्रवाह 14,190 करोड़ रुपये रहा, जो कुल शुद्ध आय का 102.2 प्रतिशत बैठता है।

## राजस्व वृद्धि और डॉलर कारोबार की स्थिति
भारतीय मुद्रा में कंपनी का समेकित राजस्व दूसरी तिमाही में 73,188 करोड़ रुपये रहा। इसमें तिमाही आधार पर 1.26 प्रतिशत और सालाना आधार पर 11.23 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। तुलनात्मक रूप से देखें तो पहली तिमाही में यह राजस्व 72,275 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 65,799 करोड़ रुपये रहा था। डॉलर के संदर्भ में स्थिर मुद्रा पर तिमाही राजस्व वृद्धि 0.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाले राजस्व में स्थिर मुद्रा पर 1.2 प्रतिशत की तिमाही बढ़त हासिल हुई। कंपनी का सालाना एआई राजस्व 3.1 अरब डॉलर के स्तर को छू चुका है, जो अब कंपनी के कुल कारोबार के 10 प्रतिशत से भी अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

## शीर्ष नेतृत्व का बयान और बड़े रणनीतिक सौदे
तिमाही नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के कृत्तिवासन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों और अधिकांश उद्योग क्षेत्रों में व्यापक आधार पर देखने को मिली वृद्धि काफी उत्साहजनक है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस तिमाही में पोर्श और बेस्ट बाय के साथ दो अनूठे सौदे संपन्न किए गए, जो आधुनिक रूपांतरण साझेदारियों की एक नई श्रेणी को पेश करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ग्राहकों के साथ मिलकर दोहराए जा सकने वाले ऐसे मूल्य मंच तैयार किए जा रहे हैं जो बड़े पैमाने पर एआई का औद्योगिकीकरण करेंगे।

कंपनी के परिचालन और तकनीक तंत्र की कमान संभाल रहीं कार्यकारी निदेशक, अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यन ने स्पष्ट किया कि एआई की गति काफी मजबूत बनी हुई है और इसका वार्षिक राजस्व अब 3 अरब डॉलर के पार निकल गया है। उद्यम प्रणालियों के एआई संचालित बदलाव और स्वायत्त वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं की दिशा में ग्राहकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा ग्राहकों की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है क्योंकि वे साइबर लचीलेपन और बहाली पर सबसे अधिक जोर दे रहे हैं। एएमएस के लिए कंपनी के ह्युमन प्लस एआई सर्विसेज ऑटोनॉमी मॉडल को ग्राहकों की ओर से शीर्ष रैंकिंग मिली है, जो इसकी विशिष्ट क्षमताओं को पुष्ट करता है।

## क्षेत्रवार और उद्योगवार प्रदर्शन का विश्लेषण
उद्योग क्षेत्रों के प्रदर्शन को देखें तो बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा यानी बीएफएसआई क्षेत्र की वृद्धि सबसे आगे रही, जिसमें तिमाही आधार पर 2.5 प्रतिशत और सालाना आधार पर 3.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ। विनिर्माण क्षेत्र के राजस्व में तिमाही आधार पर 3.1 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। प्रौद्योगिकी और सेवा खंड ने भी तिमाही आधार पर 3.1 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत की मजबूती दिखाई। ऊर्जा, संसाधन और जनोपयोगी सेवाओं के क्षेत्र में सालाना आधार पर 5.7 प्रतिशत की बढ़त रही, हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई। क्षेत्रीय बाजार और अन्य खंड में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की बढ़त के बावजूद तिमाही आधार पर 5.8 प्रतिशत का संकुचन दर्ज हुआ। संचार और मीडिया कारोबार में तिमाही आधार पर 0.1 प्रतिशत तथा सालाना आधार पर 0.5 प्रतिशत की स्थिर गति रही, जबकि जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा खंड में क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई। उपभोक्ता कारोबार में कमजोरी देखी गई और इसका राजस्व तिमाही आधार पर 0.7 प्रतिशत तथा सालाना आधार पर 1 प्रतिशत घट गया।

## भौगोलिक बाजारों और ग्राहक अनुबंधों की स्थिति
भौगोलिक आधार पर घरेलू भारतीय बाजार को तिमाही आधार पर सबसे अधिक दबाव झेलना पड़ा, जहां राजस्व वृद्धि में तिमाही आधार पर 10.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि सालाना आधार पर इसमें 6 प्रतिशत का सुधार रहा। पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच अन्य विदेशी बाजारों का प्रदर्शन मजबूत बना रहा। यूनाइटेड किंगडम के कारोबार में तिमाही आधार पर 3.5 प्रतिशत और सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई। लैटिन अमेरिका के बाजार में तिमाही आधार पर 4.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि उत्तरी अमेरिकी बाजार में तिमाही आधार पर 0.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 1.5 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।

कंपनी के तथ्य पत्रक से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक बड़े सौदों के मामले में उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के अनुबंध वाले सक्रिय ग्राहकों की संख्या घटकर 65 रह गई, जो पिछली तिमाही में 66 थी। इसी प्रकार 5 करोड़ डॉलर से अधिक के अनुबंध वाले ग्राहकों की संख्या भी 139 से घटकर 137 पर आ गई। हालांकि छोटे आकार के सौदों जैसे 1 करोड़ डॉलर, 50 लाख डॉलर और 10 लाख डॉलर से अधिक के अनुबंधों में नए ग्राहकों की संख्या में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीएसई पर 8 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2075.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था, जिससे इसका कुल बाजार पूंजीकरण 7,50,843.61 करोड़ रुपये रहा।

## इसका आप पर असर
टीसीएस के इन नतीजों से भारतीय आईटी क्षेत्र में स्थिरता के संकेत मिलते हैं, जिसका असर शेयरधारकों और आईटी कर्मचारियों दोनों पर पड़ेगा।

- **शेयरधारकों के लिए:** कंपनी का मुनाफा 15 फीसदी बढ़ने से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। शुक्रवार को शेयर बाजार खुलने पर स्टॉक में ताजा हलचल देखने को मिल सकती है।
- **आईटी कर्मचारियों के लिए:** बड़े सौदों की रफ्तार हल्की धीमी होने के बावजूद नए छोटे सौदों में तेजी बनी हुई है। इसका सीधा मतलब है कि एआई और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों की मांग बनी रहेगी।
- **तकनीकी कंपनियों के लिए:** कंपनी का एआई राजस्व 3.1 अरब डॉलर के पार जाना बताता है कि वैश्विक फर्में आधुनिक तकनीक पर खर्च बढ़ा रही हैं। भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र की अन्य कंपनियों को भी इससे दिशा मिलेगी।
- **घरेलू बाजार पर प्रभाव:** भारत में तिमाही कारोबार में 10.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। घरेलू स्तर पर नई आईटी परियोजनाओं की रफ्तार कुछ समय के लिए सुस्त रह सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
मुनाफे और राजस्व में आई इस बढ़त के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निरंतर मांग और उच्च मार्जिन वाले तकनीकी क्षेत्रों की मजबूती मुख्य वजह रही है।

- **कारोबारी क्षेत्रों का योगदान:** बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों ने तिमाही और सालाना दोनों आधारों पर स्थिर प्रदर्शन किया। इन क्षेत्रों से मिले स्थिर राजस्व प्रवाह ने कुल आमदनी को सहारा दिया।
- **एआई और आधुनिक तकनीकों की मांग:** वैश्विक स्तर पर पोर्श और बेस्ट बाय जैसे बड़े ग्राहकों के साथ परिवर्तनकारी साझेदारियां की गईं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड परिवर्तन से जुड़े अनुबंधों ने कंपनी की कमाई बढ़ाने में सीधी भूमिका निभाई।
- **परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण:** कंपनी ने 24 प्रतिशत का मजबूत परिचालन मार्जिन और 102.2 प्रतिशत का परिचालन नकदी प्रवाह बनाए रखा। सख्त वित्तीय अनुशासन के कारण आमदनी का बड़ा हिस्सा सीधे शुद्ध लाभ में तब्दील हुआ।
- **चुनौतियां और सुस्ती:** पश्चिम एशिया के संघर्ष और घरेलू भारतीय बाजार में आई 10.3 प्रतिशत की तिमाही गिरावट ने वृद्धि की कुल रफ्तार को कुछ हद तक सीमित रखा।

## सवाल-जवाब

### 1. टीसीएस का दूसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ कितना रहा?
कंपनी ने दूसरी तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 14.98 प्रतिशत अधिक है।

### 2. कंपनी का कुल राजस्व इस तिमाही में कितना दर्ज हुआ?
टीसीएस का समेकित राजस्व 73,188 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर 11.23 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

### 3. टीसीएस का एआई कारोबार कितना पहुंच गया है?
कंपनी का सालाना रन-रेट एआई राजस्व 3.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो कुल राजस्व का 10 प्रतिशत से अधिक है।

### 4. इस तिमाही में किन बड़े ग्राहकों के साथ सौदों की घोषणा की गई?
कंपनी ने पोर्श और बेस्ट बाय के साथ दो महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी सौदों की घोषणा की है।

### 5. परिचालन मार्जिन और नकदी प्रवाह की स्थिति कैसी रही?
कंपनी का परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत रहा और शुद्ध परिचालन नकदी 14,190 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

### 6. परिणामों से पहले 8 अक्टूबर को टीसीएस का शेयर किस भाव पर बंद हुआ?
बीएसई पर कंपनी का शेयर 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2075.25 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था।

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