नीदरलैंड्स की टेक कंपनी ब्रेड ने जुटाई 38 मिलियन डॉलर की फंडिंग, ग्लोबल कनेक्टिविटी नेटवर्क का होगा विस्तार नीदरलैंड्स आधारित एंटरप्राइज कनेक्टिविटी फर्म ब्रेड ने ऑक्टोपस वेंचर्स और केपीएन वेंचर्स की अगुवाई में 38 मिलियन डॉलर की सीरीज ए फंडिंग हासिल की है। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी वैश्विक उपस्थिति मजबूत करने और कैरियर नेटवर्क को बढ़ाने में करेगी। नीदरलैंड्स के द हेग में स्थित एंटरप्राइज कनेक्टिविटी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ब्रेड ने अपनी पहली संस्थागत फंडिंग में 38 मिलियन डॉलर की सीरीज ए पूंजी जुटाई है। इस निवेश दौर का नेतृत्व प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म ऑक्टोपस वेंचर्स ने किया, जबकि डच टेलीकॉम ऑपरेटर केपीएन की रणनीतिक निवेश शाखा केपीएन वेंचर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। वर्ष 2023 में अपनी शुरुआत के बाद से कंपनी ने बिना किसी बाहरी पूंजी के अपना कामकाज संचालित किया था। यह नया निवेश कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय पड़ाव है, क्योंकि यह पूरी तरह से लाभदायक और पॉजिटिव कैश-फ्लो के साथ लगातार बढ़ रही है। मुनाफे में चल रही कंपनी का पहला संस्थागत निवेश राउंड आमतौर पर शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स अपने संचालन के लिए लगातार कई दौर के बाहरी निवेश पर निर्भर रहते हैं। इसके विपरीत, ब्रेड ने सीरीज ए दौर से पहले कोई भी बाहरी पूंजी नहीं ली थी। अपने मजबूत वित्तीय मॉडल के चलते कंपनी पहले से ही मुनाफा कमा रही है और वर्तमान में लगभग 90 एंटरप्राइज ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रही है। इन ग्राहकों में दुनिया भर के कई प्रमुख फिनटेक और ट्रैवल ब्रांड्स शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य इस नई जुटाई गई पूंजी को अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार, टेलीकॉम कैरियर नेटवर्क को मजबूत करने और एम्बेडेड कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक उन्नत बनाने में लगाने का है। बिना टेलीकॉम कंपनी बने मोबाइल सेवाएं शुरू करने की सुविधा ब्रेड एक ऐसा बी2बी टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म संचालित करती है, जिसकी मदद से कोई भी व्यवसाय बिना खुद टेलीकॉम ऑपरेटर बने अपने खुद के ब्रांड नाम के तहत मोबाइल कनेक्टिविटी सेवाएं पेश कर सकता है। कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर एक सिंगल एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस यानी एपीआई के जरिए विभिन्न उद्यमों को 200 से अधिक देशों में फैले 600 से अधिक टेलीकॉम कैरियर्स से जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म की बदौलत कंपनियां अपनी मौजूदा डिजिटल सेवाओं में सिम और ई-सिम कनेक्टिविटी को बहुत आसानी से इंटीग्रेट कर सकती हैं। व्यवसाय इस काम के लिए एपीआई या सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म उद्यमों को बिना किसी अलग इंजीनियरिंग टीम या जटिल सॉफ्टवेयर विकास के पूरी तरह से अपने ब्रांडेड कनेक्टिविटी स्टोरफ्रंट शुरू करने की सुविधा भी देता है। कंपनी के अनुसार, कोई भी बिजनेस केवल तीन मिनट के भीतर लाइव ट्रायल शुरू कर सकता है और महज एक हफ्ते के भीतर अपने ब्रांडेड मोबाइल कनेक्टिविटी प्रॉडक्ट को बाजार में उतार सकता है। पारंपरिक टेलीकॉम समझौतों की तुलना में तेज और आसान मॉडल अगर पारंपरिक टेलीकॉम व्यवस्था की बात करें, तो किसी कंपनी को कैरियर के साथ बातचीत पूरी करने में तीन से छह महीने का लंबा समय लग जाता है। इसके अलावा लंबी खरीद प्रक्रिया और विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के झंझट अलग से झेलने पड़ते हैं। ब्रेड का पूरा बिजनेस मॉडल आम उपभोक्ताओं को सीधे मोबाइल सिम या डेटा प्लान बेचने के बजाय उद्यमों को मजबूत कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने पर केंद्रित है। कंपनी ऐसे क्षेत्रों में बहुत बड़े व्यावसायिक अवसर देखती है जहां कंपनियां अपने ग्राहकों के साथ लंबे समय तक सीधे संपर्क में रहती हैं। उदाहरण के लिए, ट्रैवल कंपनियां फ्लाइट बुकिंग के साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान डेटा इस्तेमाल के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी पैकेज जोड़ सकती हैं। इसी तरह बैंक अपने कस्टमर लॉयल्टी और रिवॉर्ड प्रोग्राम के जरिए कनेक्टिविटी सेवाएं दे सकते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय दौरों पर जाने वाले खेल प्रशंसकों के लिए खेल क्लब और स्पोर्ट्स संगठन इस तरह की सेवाएं मुहैया करा सकते हैं। इस व्यवस्था से ब्रांड्स को अतिरिक्त राजस्व कमाने का मौका तो मिलता ही है, साथ ही ग्राहकों का जुड़ाव और भरोसा भी मजबूत होता है। संस्थापक का अनुभव और एडब्ल्यूएस से तुलना ब्रेड के संस्थापक और सीईओ जिग्नेश दवे ने इस तकनीक की जरूरत के बारे में बात करते हुए अपने पुराने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, "मुझे अपना पहला सिम कार्ड बेचने में ही 18 महीने का वक्त और 5 लाख यूरो खर्च करने पड़े थे, और ब्रेड के वजूद में आने की यही वजह है।" उन्होंने बताया कि एक मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर को सात साल तक चलाने के बाद उन्हें समझ आया कि वे वास्तव में सिम कार्ड नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्होंने ऐसा बुनियादी ढांचा खड़ा किया था जो कनेक्टिविटी को हर किसी की पहुंच में लाता है। उन्होंने इसकी तुलना क्लाउड दिग्गज अमेज़न द्वारा खुद के लिए बनाए गए अमेज़न वेब सर्विसेज से की, जो बाद में बाकी दुनिया के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बना। आज कोई भी कंपनी महज तीन मिनट में इस प्लेटफॉर्म से शुरुआत कर सकती है, जिससे ब्रांड्स अपने ग्राहकों के साथ गहरे रिश्ते, बेहतर निष्ठा और नया राजस्व हासिल कर पाते हैं। निवेशकों का भरोसा और भविष्य की योजनाएं इस फंडिंग दौर में केपीएन वेंचर्स के जुड़ने से कंपनी को टेलीकॉम उद्योग का एक मजबूत रणनीतिक साझेदार मिल गया है। केपीएन में होलसेल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रीनाउट वैन इयरशॉट ने कहा कि ब्रेड का प्लेटफॉर्म उद्यमों को एक सिंगल एपीआई के जरिए कनेक्टिविटी इंटीग्रेट करने की सुविधा देता है, जिससे परिचालन संबंधी जटिलताएं घटती हैं और नए उत्पादों को तेजी से बाजार में पेश करने में मदद मिलती है। ब्रेड की स्थापना से पहले जिग्नेश दवे ने यूनाइटेड किंगडम और साउथ अफ्रीका के बैंकिंग क्षेत्र में काम किया था, जिसमें लॉयड्स बैंक का अनुभव भी शामिल है। इसके बाद उन्होंने लगातार सात वर्षों तक एक मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर की स्थापना और संचालन किया। कंपनी का पहले नाम नेक्स्ट कम्युनिकेशंस था और इसका मुख्यालय द हेग में है। अब कंपनी इस नई फंडिंग से अपने कैरियर नेटवर्क को और अधिक गहरा करने, वैश्विक स्तर पर नए बाजारों में उतरने और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को तेज करने की तैयारी कर रही है। इसका आप पर असर इस फंडिंग और टेक्नोलॉजी विकास का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा। • उपभोक्ताओं के लिए: विभिन्न ऐप में सीधे इन-बिल्ट रोमिंग और डेटा प्लान मिलने से विदेश यात्रा के दौरान अलग से लोकल सिम खरीदने की झंझट खत्म हो जाएगी। लोग अपनी फ्लाइट या होटल बुकिंग ऐप से ही सीधे एक क्लिक में ई-सिम सक्रिय कर सकेंगे। • फिनटेक और बैंक ग्राहकों के लिए: क्रेडिट कार्ड और रिवॉर्ड प्वाइंट्स के बदले बैंकों द्वारा फ्री इंटरनेशनल रोमिंग डेटा ऑफर किया जा सकेगा। इससे ग्राहकों को महंगे अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पैक से राहत मिलेगी। • छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए: कोई भी डिजिटल कंपनी महीनों के कानूनी और तकनीकी समझौतों के बिना महज एक हफ्ते में अपने ब्रांड का सिम या डेटा पैक बेच सकेगी। इससे नए व्यवसायों के लिए कमाई का एक नया जरिया खुलेगा। • वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए: 200 से अधिक देशों में 600 से ज्यादा टेलीकॉम कैरियर्स का नेटवर्क मिलने से यात्रा के दौरान निर्बाध नेटवर्क कवरेज हासिल होगी। यात्रियों को अलग-अलग देशों में बार-बार नेटवर्क बदलने की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक टेलीकॉम सिस्टम में बाहरी व्यवसायों के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी सेवाएं जोड़ना बेहद जटिल और महंगा काम रहा है, जिसे इस स्टार्टअप ने एक एपीआई के जरिए आसान बनाया है। • पारंपरिक टेलीकॉम की जटिलताएं: किसी भी सामान्य कंपनी को टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ नेटवर्क शेयरिंग या रीसेल समझौते करने में 3 से 6 महीने का समय और भारी लागत लगती थी। ब्रेड ने इस पूरी प्रक्रिया को आधुनिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एपीआई में बदलकर इस बाधा को खत्म किया। • ई-सिम का बढ़ता चलन: स्मार्टफोन्स में फिजिकल सिम की जगह ई-सिम तकनीक के तेजी से विस्तार ने डिजिटल डिलीवरी को आसान बना दिया है। इसके चलते अब कंपनियों के लिए अपने ऐप में ही सॉफ्टवेयर के जरिए डेटा प्लान देना मुमकिन हो गया है। • मजबूत और लाभदायक वित्तीय मॉडल: आमतौर पर टेक कंपनियां घाटे में रहकर फंडिंग जुटाती हैं, लेकिन ब्रेड 2023 से बूटस्ट्रैप रहकर मुनाफे में चल रही थी। इस वित्तीय मजबूती और 90 बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के भरोसे ने निवेशकों को 38 मिलियन डॉलर का दांव लगाने के लिए आकर्षित किया। सवाल-जवाब 1. ब्रेड ने सीरीज ए फंडिंग में कितनी राशि जुटाई है? ब्रेड ने अपने सीरीज ए फंडिंग राउंड में 38 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। 2. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व किसने किया? इस निवेश राउंड का नेतृत्व ऑक्टोपस वेंचर्स ने किया, जिसमें केपीएन वेंचर्स ने भी भाग लिया। 3. ब्रेड कंपनी का मुख्यालय कहां स्थित है? ब्रेड नीदरलैंड्स के द हेग शहर में स्थित है। 4. ब्रेड कंपनी क्या काम करती है? यह एक एंटरप्राइज कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है जो व्यवसायों को बिना टेलीकॉम ऑपरेटर बने अपने ब्रांड के तहत मोबाइल कनेक्टिविटी सेवाएं शुरू करने की सुविधा देता है। 5. ब्रेड का नेटवर्क कितने देशों और टेलीकॉम कैरियर्स तक फैला है? कंपनी 200 से अधिक देशों में 600 से ज्यादा टेलीकॉम कैरियर्स के साथ उद्यमों को कनेक्टिविटी प्रदान करती है। 6. कंपनी के संस्थापक और सीईओ कौन हैं? ब्रेड के संस्थापक और सीईओ जिग्नेश दवे हैं। 7. इस प्लेटफॉर्म के जरिए नया बिजनेस शुरू करने में कितना समय लगता है? उद्यम 3 मिनट में लाइव ट्रायल शुरू कर सकते हैं और 1 हफ्ते के भीतर अपनी ब्रांडेड मोबाइल सेवाएं लॉन्च कर सकते हैं। 8. ब्रेड का पुराना नाम क्या था? ब्रेड को पहले नेक्स्ट कम्युनिकेशंस के नाम से जाना जाता था। प्रेरणा और सबक जिग्नेश दवे का सफर दिखाता है कि कैसे निजी असफलताओं और लंबे संघर्षों से निकले सबक को एक वैश्विक और लाभदायक व्यवसाय में बदला जा सकता है। • समस्या से समाधान तलाशना: अपने पहले सिम कार्ड को बेचने के लिए 18 महीने और 5 लाख यूरो खर्च करने के दर्द से सीख लेकर ही उन्होंने ब्रेड की नींव रखी ताकि दूसरों का समय और पैसा बच सके। • शुरुआत से मुनाफे पर ध्यान: बाहरी फंडिंग के पीछे भागने के बजाय कंपनी को शुरू से लाभदायक और पॉजिटिव कैश-फ्लो पर केंद्रित रखा, जिससे निवेशकों के सामने उनकी मोलभाव करने की ताकत बढ़ी। • मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक उपयोग: जैसे अमेज़न ने अपनी जरूरतों के लिए एडब्ल्यूएस बनाकर दुनिया को बेचा, वैसे ही अपने वर्चुअल नेटवर्क के लिए बनाए ढांचे को पूरी दुनिया के व्यवसायों के लिए खोल दिया। • लंबा उद्योग अनुभव: बैंकिंग और टेलीकॉम में सात साल से अधिक समय तक काम करके हासिल किए गए गहरे जमीनी अनुभव ने उन्हें एक स्केलेबल और व्यावहारिक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाने में मदद की। https://trendkia.com/money/the-hague-men-braid-ne-jutai-38-miliyana-dolara-ki-phndinga-kpn-ventures-aura-octopus-ventures-bane-sajhidara-55091 TrendKia — Har trend, sabse pehle.