ट्रेजरी यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से वॉल स्ट्रीट में गिरावट, डाउ फ्यूचर्स 220 अंक फिसला अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से पहले डाउ फ्यूचर्स में 220 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निवेशक आगामी नौकरियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में गुरुवार दोपहर बाद शुरुआती बढ़त पूरी तरह गायब हो गई और प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। अमेरिकी बॉन्ड बाजार में ट्रेजरी यील्ड के 24 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से इक्विटी बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई। 10 साल और 30 साल की अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाला प्रतिफल वर्ष 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छू गया, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। इसके अलावा, सर्विसेज पीएमआई, विनिर्माण सूचकांक और साप्ताहिक बेरोजगारी दावों जैसे कई अहम आर्थिक आंकड़ों के आने से ठीक पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली की। फ्यूचर्स कारोबार में प्रमुख सूचकांकों की स्थिति वायदा बाजार के ताजा रुझानों में डाउ जोन्स फ्यूचर्स 220 अंक यानी 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग 51,076 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके विपरीत, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया और यह 9.25 अंक अथवा 0.12 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 7,724.75 पर टिका रहा। वहीं, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 123 अंकों की बढ़त के साथ 30,821.75 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, दोनों सूचकांक अपने दिन के ऊपरी स्तरों से काफी नीचे फिसल गए। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स अपने इंट्राडे हाई 7,767.75 से लुढ़क गया, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स अपने 31,151.50 के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया, जहां उसने पहले लगभग 275 अंकों की बढ़त बनाई हुई थी। बीते कारोबारी सत्र का लेखा-जोखा वायदा बाजार में आई यह कमजोरी पिछले नियमित कारोबारी सत्र में बाजार के मिले-जुले प्रदर्शन के बाद आई है। बीते दिन डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 443.87 अंक यानी 0.87 प्रतिशत का भारी गोता लगाकर 50,906.05 के स्तर पर बंद हुआ था। एसएंडपी 500 इंडेक्स भी दबाव नहीं झेल सका और 19.30 अंक या 0.25 प्रतिशत फिसलकर 7,651.54 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाले नैस्डैक कंपोजिट में खरीदारी की रफ्तार बनी रही और यह 63.52 अंक अथवा 0.24 प्रतिशत चढ़कर 26,861.06 पर बंद होने में कामयाब रहा। बाजार जानकारों का मानना है कि अगस्त के महंगाई आंकड़ों के उम्मीद से कम आने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की आशंका तो कम हुई थी, लेकिन मजबूत आर्थिक आंकड़ों और ऊंची यील्ड ने तेजी पर लगाम लगा दी। ट्रेजरी यील्ड 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर बाजार में घबराहट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का लगातार बढ़ना रहा। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 30 साल की ट्रेजरी यील्ड में उछाल देखा गया और यह 5.67 प्रतिशत तक चढ़ गई। ये दोनों स्तर वर्ष 2002 के बाद से नहीं देखे गए थे। बॉन्ड यील्ड में इस तीव्र वृद्धि ने अमेरिकी डॉलर को भी काफी मजबूती प्रदान की। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.5 के पार निकल गया, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। मजबूत डॉलर और बढ़ती हुई बॉन्ड यील्ड मिलकर इस बात की प्रबल संभावना पैदा करते हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने के लिए विवश हो सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से थोड़ी राहत बढ़ती बॉन्ड यील्ड के विपरीत असर के बीच ऊर्जा बाजार से कुछ सुकून भरी खबर देखने को मिली। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 96 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करता पाया गया। कच्चे तेल की कीमतों में इस नरमी ने ऊर्जा संकट से जुड़ी उन चिंताओं को थोड़ा शांत किया, जो वित्तीय और औद्योगिक शेयरों पर दबाव बना रही थीं। विश्लेषकों का मानना था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की कमी और ऊर्जा आधारित महंगाई की आशंकाओं से बाजार में घबराहट बनी हुई थी, जिसे कच्चे तेल के इस सुधार ने कुछ हद तक नियंत्रित किया है। महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में अमेरिकी पीसीई प्राइस इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो बाजार के 0.4 प्रतिशत के अनुमान से कम रही। वहीं, कोर पीसीई में महज 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो विश्लेषकों के 0.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान से बेहतर थी। कुल हेडलाइन पीसीई महंगाई दर 3.4 प्रतिशत पर आई, जबकि बाजार का अनुमान 3.7 प्रतिशत का था। कोर पीसीई में उम्मीद से कम बढ़त ने इस उम्मीद को हवा दी कि फेडरल रिजर्व अक्टूबर की आगामी बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है। मुद्रास्फीति की व्यापकता और रफ्तार ही अंततः यह तय करेगी कि फेड फंड्स रेट की भावी दिशा क्या होगी। आर्थिक आंकड़ों की भरमार और नतीजों का असर गुरुवार का सत्र आर्थिक आंकड़ों से भरा हुआ है, जिसमें निर्माण खर्च, सतत बेरोजगारी दावे, ईआईए प्राकृतिक गैस भंडार, प्रारंभिक बेरोजगारी दावे, आईएसएम विनिर्माण सूचकांक, एसएंडपी ग्लोबल यूएस विनिर्माण पीएमआई और सर्विसेज पीएमआई शामिल हैं। साथ ही, कॉरपोरेट अर्निंग्स के मोर्चे पर एक्सेंचर, एक्यूइटी, एंजियोडायनामिक्स, मैककॉर्मिक एंड कंपनी और नाइकी अपने तिमाही वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। इसके अलावा, शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल यानी रोजगार के आंकड़े बाजार के लिए सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित होंगे। अगर रोजगार रिपोर्ट बहुत मजबूत आती है तो अक्टूबर और दिसंबर दोनों बैठकों में ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम बढ़ जाएगा, जबकि यील्ड और दर वृद्धि की आशंका को घटाने के लिए किसी बेहद कमजोर रिपोर्ट की दरकार होगी। इसका आप पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में 24 साल के सबसे बड़े उछाल और शेयर बाजार में बिकवाली का सीधा असर वैश्विक पूंजी प्रवाह और आम निवेशकों पर देखने को मिल सकता है। • भारत में: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से निकासी तेज की जा सकती है, जिससे घरेलू सूचकांकों पर दबाव बढ़ेगा। इसके चलते घरेलू म्यूचुअल फंड और शेयर निवेशकों को निकट भविष्य में पोर्टफोलियो में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: बॉन्ड यील्ड 5.3 प्रतिशत से 5.67 प्रतिशत तक पहुंचने से इक्विटी के मुकाबले फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज अधिक आकर्षक बन गई हैं। जोखिम से बचने वाले निवेशक अब शेयरों के बजाय अमेरिकी सरकारी सिक्योरिटीज में पूंजी लगाने को प्राथमिकता दे सकते हैं। • मुद्रा बाजार पर असर: डॉलर इंडेक्स 101.5 के पार जाने से रुपया और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव गहरा सकता है। आयात महंगा होने की स्थिति में व्यापार संतुलन और विदेशों में पढ़ाई या यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। • कच्चा तेल और उपभोक्ता: डब्ल्यूटीआई के 90 डॉलर और ब्रेंट के 96 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से ईंधन की कीमतों में तात्कालिक राहत मिलेगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत और दैनिक जरूरी वस्तुओं पर महंगाई का सीधा दबाव कुछ कम हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी बाजारों में आई यह ताजा गिरावट मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में भारी उछाल और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण हुई है। अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेतों के बीच ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च बने रहने की संभावना ने बिकवाली को गति दी। • ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: 10-वर्षीय और 30-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड वर्ष 2002 के बाद के उच्चतम स्तर 5.3% और 5.67% पर पहुंच गई। बॉन्ड बाजार में बढ़ते प्रतिफल ने जोखिम वाली संपत्तियों और शेयर बाजार से पूंजी को बाहर खींच लिया। • ब्याज दर वृद्धि की आशंकाएं: भले ही कोर पीसीई महंगाई 0.2% और हेडलाइन 3.4% रही, लेकिन अर्थव्यवस्था के लचीले रुख से फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल एक या दो और दर वृद्धि की संभावना बनी हुई है। निवेशक इस बात से चिंतित हैं कि उधारी की उच्च लागत लंबे समय तक बनी रह सकती है। • अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले घबराहट: विनिर्माण पीएमआई, सर्विसेज पीएमआई और रोजगार आंकड़ों से ठीक पहले बाजार में सतर्कता बढ़ गई। अगर रोजगार बाजार बहुत मजबूत रहा, तो अक्टूबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और अधिक पुख्ता हो जाएगी। • मजबूत डॉलर इंडेक्स: डॉलर इंडेक्स 101.5 के स्तर को पार कर गया, जो अप्रैल 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। मजबूत डॉलर अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की विदेशी आय और वैश्विक मांग पर प्रतिकूल असर डालता है। सवाल-जवाब 1. डाउ जोन्स फ्यूचर्स में कितनी गिरावट आई? डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 220 अंकों यानी 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 51,076 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 2. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंच गई है? 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.3 प्रतिशत और 30 साल की यील्ड 5.67 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो वर्ष 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है। 3. अगस्त महीने में अमेरिकी पीसीई महंगाई दर क्या रही? अगस्त में हेडलाइन पीसीई महंगाई दर 3.4 प्रतिशत रही, जबकि कोर पीसीई में 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 4. कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं? अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा है। 5. गुरुवार को कौन सी प्रमुख कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश कर रही हैं? एक्सेंचर, एक्यूइटी, एंजियोडायनामिक्स, मैककॉर्मिक एंड कंपनी और नाइकी गुरुवार को अपने तिमाही वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। 6. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा है? अमेरिकी डॉलर 101.5 के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो अप्रैल 2025 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। https://trendkia.com/money/treasury-yield-24-sala-ke-rikorda-stara-para-pahunchane-se-wall-street-men-giravata-dow-futures-220-anka-phisala-41195 TrendKia — Har trend, sabse pehle.