यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने तय की सावधि जमा की नई दरें, विशेष अवधि पर मिलेगा 6.55 प्रतिशत तक मुनाफा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत खातों के लिए संशोधित ब्याज दरों की घोषणा की है, जिसमें 555 दिनों की विशेष योजना पर सर्वाधिक रिटर्न दिया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं के ब्याज ढांचे में संशोधन किया है। बैंक द्वारा तय की गई नई ब्याज दरें 4 अगस्त 2026 से प्रभाव में आ चुकी हैं। सुरक्षित और निश्चित रिटर्न की तलाश में रहने वाले जमाकर्ताओं के लिए बैंक अब विभिन्न समयावधियों की जमा पर 2.70 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 6.55 प्रतिशत प्रति वर्ष तक ब्याज की पेशकश कर रहा है। ऐसे ग्राहक जो एक साल से लेकर पांच साल अथवा उससे अधिक समय के लिए पूंजी निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए इन संशोधित दरों का सूक्ष्म विश्लेषण आवश्यक हो गया है। बैंक के नए स्लैब के तहत साधारण नागरिकों को 1 वर्ष से लेकर 399 दिन की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.20 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। वहीं 400 दिन तथा 401 से 443 दिन की अवधि के लिए यह दर बढ़कर 6.25 प्रतिशत सालाना हो जाती है। इसके अतिरिक्त, जो ग्राहक 444 दिनों की अवधि चुनते हैं, उन्हें बैंक 6.50 प्रतिशत प्रति वर्ष का आकर्षक ब्याज उपलब्ध करा रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि एक वर्ष के आसपास की छोटी समयावधि में भी निवेशक बेहतर रिटर्न अर्जित कर सकते हैं। 1 वर्ष से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए विस्तृत ब्याज ढांचा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एक वर्ष से लेकर एक दशक तक की लंबी अवधि के लिए पूंजी सुरक्षित करने वाले खाताधारकों के लिए संशोधित ब्याज तालिका काफी विविध विकल्प प्रस्तुत करती है। अलग-अलग समयावधि के लिए निर्धारित दरें इस प्रकार रखी गई हैं • 1 वर्ष से 399 दिन: 6.20 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 400 दिन से 443 दिन: 6.25 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 444 दिन की विशेष जमा योजना: 6.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 445 दिन से 554 दिन: 6.15 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 555 दिन की खास मियादी जमा: 6.55 प्रतिशत की अधिकतम ब्याज दर • 556 दिन से 996 दिन: 6.15 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 997 दिन से 3 वर्ष: 6.10 प्रतिशत सालाना ब्याज दर • 3 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक: 6.00 प्रतिशत सालाना ब्याज दर वरिष्ठ नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बैंक ने विशेष लाभ का प्रावधान भी बरकरार रखा है। सामान्य ग्राहकों की तुलना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्येक स्लैब पर 0.50 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज लाभ मिलता है। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आने वाले अति वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दरों के मुकाबले 0.75 प्रतिशत अधिक ब्याज का भुगतान किया जाएगा। बचत खातों के लिए भी जारी हुआ नया ब्याज स्लैब सावधि जमा के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बचत खातों में रखी राशि पर मिलने वाले ब्याज को भी पुनर्गठित किया है। बचत खातों के लिए यह नई संरचना 10 अगस्त 2026 से लागू की गई है, जिसमें बैलेंस स्लैब के आधार पर प्रति वर्ष मिलने वाले रिटर्न को इस प्रकार तय किया गया है • ₹50 लाख तक का बैलेंस: 2.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर • ₹50 लाख से अधिक और ₹50 करोड़ तक: 2.55 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर • ₹50 करोड़ से अधिक और ₹100 करोड़ तक: 2.60 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर • ₹100 करोड़ से अधिक और ₹500 करोड़ तक: 2.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर • ₹500 करोड़ से अधिक और ₹1000 करोड़ तक: 3.00 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर • ₹3000 करोड़ से अधिक की जमा राशि: 6.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर यदि कोई निवेशक पूरी सुरक्षा के साथ अपने फंड पर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करना चाहता है, तो उसके लिए 555 दिनों वाली खास फिक्स्ड डिपॉजिट योजना सबसे उपयुक्त विकल्प साबित हो सकती है, जहां बैंक 6.55 प्रतिशत का उच्चतम प्रतिफल प्रदान कर रहा है। इसका आप पर असर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के इस कदम से आम खाताधारकों और सावधि जमा में निवेश करने वालों के मासिक व वार्षिक रिटर्न पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: देश भर के जमाकर्ताओं के लिए 555 दिनों की विशेष जमा पर अधिकतम 6.55 प्रतिशत तक सुरक्षित ब्याज प्राप्त करने का अवसर खुल गया है। जो निवेशक अल्पकालिक और मध्यम अवधि के निवेश को प्राथमिकता देते हैं, वे 444 और 555 दिनों के विशेष स्लैब चुनकर अपने पोर्टफोलियो पर अतिरिक्त लाभ कमा सकते हैं। • वरिष्ठ नागरिकों पर प्रभाव: बुजुर्ग निवेशकों को सामान्य दरों की तुलना में 0.50 प्रतिशत और 80 वर्ष से अधिक के अति वरिष्ठ नागरिकों को 0.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलेगा। इससे पेंशनभोगियों और बुजुर्गों को अपनी नियमित आय तथा बचत पर उच्चतर सुरक्षा और नकद प्रवाह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। • बचत खाताधारकों पर असर: ₹50 लाख तक की बचत पर 2.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तय होने से छोटे बचतकर्ताओं का सामान्य ब्याज रिटर्न सीमित रहेगा। बेहतर लाभ के लिए ग्राहकों को अपने अतिरिक्त फंड को चालू या सामान्य बचत खाते में रखने के बजाय उपयुक्त अवधि की सावधि जमा में स्थानांतरित करना अधिक व्यावहारिक होगा। • दीर्घावधि जमाकर्ताओं पर असर: 3 वर्ष से अधिक और 10 वर्ष तक की अवधि पर ब्याज दर 6.00 प्रतिशत रखी गई है। लंबी अवधि के निवेशक अपनी पूंजी लॉक करने से पहले मध्यम अवधि की विशेष योजनाओं के तुलनात्मक लाभ का आकलन कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ बैंक समय-समय पर अपनी परिसंपत्ति और देनदारी प्रबंधन, नकदी की स्थिति और बाजार में फंड की लागत के आधार पर ब्याज दरों की समीक्षा करते हैं। • लागत और नकदी संतुलन: बैंकिंग प्रणाली में नकदी की मांग और उधारी दरों के सामंजस्य को बनाए रखने के लिए जमा दरों में फेरबदल किया जाता है। इससे बैंक को लक्षित अवधियों में आवश्यक फंड जुटाने में सहायता मिलती है। • विशेष अवधियों पर ध्यान: 444 और 555 दिन जैसी चुनिंदा अवधियों में सामान्य से अधिक ब्याज की पेशकश ग्राहकों को तय समय के लिए पूंजी रोकने के लिए प्रेरित करती है। बैंक इस रणनीति का उपयोग खुदरा जमा आधार को तेजी से मजबूत करने के लिए करते हैं। • बचत खाते के स्लैब का पुनर्गठन: बड़े कॉर्पोरेट और संस्थागत फंड को आकर्षित करने के उद्देश्य से ₹3000 करोड़ से अधिक की बचत पर उच्च ब्याज दर रखी गई है। इससे बड़े पैमाने की तरलता का प्रबंधन बैंक की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप सुगम होता है। सवाल-जवाब 1. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट की नई दरें कब से प्रभावी हैं? फिक्स्ड डिपॉजिट की संशोधित ब्याज दरें 4 अगस्त 2026 से लागू की जा चुकी हैं। 2. किस अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट पर सबसे अधिक ब्याज मिल रहा है? 555 दिनों की विशेष अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर बैंक सर्वाधिक 6.55 प्रतिशत प्रति वर्ष का ब्याज दे रहा है। 3. वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों को कितना अतिरिक्त लाभ मिलेगा? वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दरों से 0.50 प्रतिशत और 80 वर्ष से अधिक के अति वरिष्ठ नागरिकों को 0.75 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है। 4. 1 वर्ष से 399 दिन की सावधि जमा पर सामान्य ग्राहकों को क्या दर मिलेगी? 1 वर्ष से 399 दिन की अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को 6.20 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। 5. बचत खाते पर नई दरें किस तारीख से लागू हुई हैं और ₹50 लाख तक क्या ब्याज है? बचत खाते की दरें 10 अगस्त 2026 से प्रभावी हैं और ₹50 लाख तक के बैलेंस पर 2.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तय है। https://trendkia.com/money/union-bank-of-india-ne-taya-ki-savadhi-jama-ki-nai-daren-vishesha-avadhi-para-milega-6-55-pratishata-taka-munapha-36005 TrendKia — Har trend, sabse pehle.