अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले वॉल स्ट्रीट पर मिलाजुला रुख, डाउ जोन्स फ्यूचर्स फिसला फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले अमेरिकी वायदा बाजारों में मिलाजुला कारोबार दिखा, जहां मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत पर बनी हुई है और दरों में ठहराव का अनुमान है। अमेरिकी वित्तीय बाजारों में निवेशक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजे और प्रमुख टेक कंपनियों के वित्तीय नतीजों की प्रतीक्षा में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की यह समीक्षा बैठक 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और इसका अंतिम निर्णय 28 अक्टूबर 2026 को घोषित होना तय है। बाजार के विश्लेषक और निवेशक व्यापक रूप से यह अनुमान लगा रहे हैं कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के नेतृत्व वाली नीति निर्धारण समिति इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगी और मौजूदा दरों पर विराम लगाएगी। हालांकि, अमेरिका में हालिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक के आगामी निर्णयों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक और समय सारणी फेडरल रिजर्व की इस अहम नीति समीक्षा बैठक की घोषणा स्थानीय समयानुसार 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे ईस्टर्न टाइम पर की जाएगी। इसके ठीक आधा घंटे बाद दोपहर 2:30 बजे ईस्टर्न टाइम पर फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे, जहां वे आर्थिक परिदृश्य और मुद्रास्फीति पर बैंक के दृष्टिकोण की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। भारतीय समयानुसार नीतिगत बयान 28 अक्टूबर 2026 की देर रात 11:30 बजे जारी होगा, जबकि चेयरमैन की प्रेस वार्ता 29 अक्टूबर 2026 को मध्यरात्रि 12:00 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक का पूरा आधिकारिक विवरण फेडरल रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण नियामक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल तथा उसके X हैंडल पर भी देखा जा सकता है। मुद्रास्फीति का दबाव और पिछली दरों का इतिहास सितंबर 2026 की नीतिगत बैठक में केंद्रीय बैंक ने तीन साल में पहली बार फेडरल फंड्स दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद नीतिगत दर बढ़कर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में पहुंच गई थी। उस बैठक में उपस्थित सभी 19 नीति निर्माताओं ने सर्वसम्मति से दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया था। ईरान संघर्ष के चलते उपजे ऊर्जा संकट ने महंगाई के दबाव को लगातार बनाए रखा है, जिसके कारण फेडरल रिजर्व को सख्त कदम उठाने पड़े थे। उस दौरान चेयरमैन केविन वार्श ने स्पष्ट किया था कि मुद्रास्फीति बहुत अधिक है और यह लंबे समय से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया था कि समिति का मुख्य ध्यान अपने जनादेश के तहत कीमतों में स्थिरता बहाल करने पर केंद्रित है। पिछली बैठक के बाद से अमेरिका में सीपीआई मुद्रास्फीति सितंबर 2026 में बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि वार्षिक कोर मुद्रास्फीति बढ़कर 2.6 प्रतिशत हो गई। यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के सीपीआई लक्ष्य से काफी अधिक बना हुआ है। अमेरिकी शेयर वायदा बाजारों में हलचल ब्याज दर निर्णय की घोषणा से ठीक पहले अमेरिकी शेयर सूचकांकों के वायदा कारोबार में अलग-अलग रुझान दर्ज किए गए। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में मामूली तेजी देखने को मिली और यह 9 अंक चढ़कर लगभग 7,767 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस मामूली उछाल के पीछे मुख्य वजह यह रही कि निवेशक इस बैठक में दरों में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर, नैस्डैक फ्यूचर्स में 109 अंक अथवा 0.4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई और यह लगभग 29,921.25 पर पहुंच गया, जो इसके दिन के उच्च स्तर 29,989.25 के करीब है। इसके विपरीत, डाउ जोन्स फ्यूचर्स पर दबाव देखा गया और इसमें कम से कम 130 अंक अथवा 0.25 प्रतिशत की गिरावट आई। डाउ जोन्स फ्यूचर्स 52,395 के इंट्राडे निचले स्तर को छूने के बाद लगभग 52,449 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, क्योंकि निवेशकों का सारा ध्यान मौद्रिक नीति के आने वाले फैसले पर केंद्रित हो गया। कॉरपोरेट आय और तकनीकी क्षेत्र पर नजर शेयर बाजार के भागीदारों की नजरें केवल मौद्रिक नीति पर ही नहीं, बल्कि मेगाकैप टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी टिकी हैं। वित्तीय बाजार के बंद होने के बाद अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट अपने आय के आंकड़े जारी करने वाली हैं। इन दोनों दिग्गज कंपनियों के वित्तीय परिणामों का विश्लेषण निवेशक गहनता से करेंगे ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़े व्यापारिक रुझानों और आईटी खर्च की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके। तकनीकी शेयरों में नैस्डैक की मजबूती के पीछे इन परिणामों को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीदें भी एक प्रमुख कारक हैं। हालांकि व्यापक बाजार का मानना है कि अक्टूबर 2026 की नीति के बाद अगले 12 महीनों में फेडरल रिजर्व कम से कम 3 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसे में बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। नीति निर्माताओं में संभावित असहमति और आर्थिक परिदृश्य आईएनजी के अनुसार, यदि केविन वार्श इस बात पर कायम रहते हैं कि मौद्रिक नीति की साख बनाए रखना फेड की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तो कम अवधि की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत बनी रह सकती है और डॉलर इंडेक्स डीएक्सवाई सितंबर की शुरुआत से हासिल की गई अपनी बढ़त को बरकरार रख सकता है। इसके विपरीत, उच्च ऊर्जा कीमतों और फ्रांस में राजनीतिक जोखिमों के कारण यूरो पर दबाव बना हुआ है, जिससे यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 1.11 के वार्षिक निचले स्तर के करीब खिसक सकती है। अमेरिकी आर्थिक परिदृश्य की बात करें तो हालिया रोजगार आंकड़े कमजोर रहे हैं और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्र जैसे रियल एस्टेट व आवास बाजार बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार से बढ़ रही है और मुद्रास्फीति अभी भी लक्ष्य से ऊपर है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए मौद्रिक नीति में और सख्ती की आवश्यकता होगी। नवीनतम सारांश आर्थिक अनुमानों के अनुसार, चार समिति सदस्यों ने चालू वर्ष के अंत तक दरों में 50 आधार अंकों की अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान जताया था। इस पृष्ठभूमि में आज का निर्णय सर्वसम्मत होने की संभावना कम है। इससे पूर्व जुलाई में जब समिति के अधिकांश सदस्य दरों को स्थिर रखना चाहते थे, तब बेथ हैमैक, नील काशकारी और लोरी लोगन ने दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया था। आईएनजी के अनुसार, ये तीनों सदस्य एक बार फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में अपना असहमति का मत दे सकते हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले और मुद्रास्फीति के रुझान का सीधा असर वैश्विक बाजारों और आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में निवेशकों के लिए: अमेरिकी ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार से पूंजी निकासी कर सकते हैं। इसके चलते घरेलू शेयर बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और रुपया डॉलर के मुकाबले दबाव में आ सकता है। • वैश्विक कर्ज और डॉलर पर प्रभाव: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत बने रहने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों और ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। यदि तेल और गैस के आयात बिल ऊंचे रहते हैं, तो विभिन्न देशों में आयातित महंगाई का जोखिम बना रहेगा। • ऋण और ईएमआई की लागत: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने से उधारी की लागत में कमी आने की संभावना टल जाती है। होम लोन, पर्सनल लोन या कॉरपोरेट क्रेडिट पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे उधारकर्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। • तकनीकी शेयरों के खरीदारों के लिए: दिग्गज आईटी कंपनियों अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट के नतीजे यह तय करेंगे कि तकनीकी क्षेत्र में आगे तेजी जारी रहेगी या मुनाफावसूली होगी। नैस्डैक और भारतीय आईटी कंपनियों में निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को आय के नतीजों के बाद सतर्कता बरतनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों पर विचार-विमर्श और बाजार की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से अनियंत्रित मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक तनावों से प्रेरित है। • ऊर्जा संकट और भू-राजनीति: ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में बाधाएं आई हैं, जिससे ईंधन और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इस वैश्विक ऊर्जा संकट ने अमेरिका में लागत आधारित मुद्रास्फीति को 3.7 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा है। • मुद्रास्फीति का लक्ष्य से भटकाव: अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत और कोर मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के अनिवार्य लक्ष्य से काफी अधिक है। मूल्य स्थिरता बहाल करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखने के लिए विवश है। • नीति निर्माताओं के बीच मतभेद: पिछली बैठकों में नीति निर्धारकों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे, जहां चार सदस्यों ने वर्ष के अंत तक 50 आधार अंकों की वृद्धि का संकेत दिया था। बेथ हैमैक, नील काशकारी और लोरी लोगन जैसे सदस्यों का मानना है कि मुद्रास्फीति को दबाने के लिए तत्काल दरों में और बढ़ोतरी जरूरी है। • मजबूत आर्थिक वृद्धि बनाम कमजोर रोजगार: रोजगार सृजन और रियल एस्टेट बाजार में कमजोरी के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की समग्र वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। इस अंतर्विरोध के कारण नीति निर्माता दरों में कटौती करने से बच रहे हैं ताकि अर्थव्यवस्था में महंगाई दोबारा न भड़क जाए। सवाल-जवाब 1. फेडरल रिजर्व की अक्टूबर 2026 की बैठक का परिणाम कब घोषित होगा? नीतिगत निर्णय की घोषणा 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे ईटी (भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे) होगी, जिसके बाद 2:30 बजे ईटी (मध्यरात्रि 12:00 बजे) प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। 2. फेडरल रिजर्व के वर्तमान चेयरमैन कौन हैं? फेडरल रिजर्व के वर्तमान चेयरमैन केविन वार्श हैं। 3. अमेरिकी मुद्रास्फीति की मौजूदा दर कितनी है? सितंबर 2026 में अमेरिकी सीपीआई मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत और कोर मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो 2 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है। 4. शेयर बाजार के वायदा कारोबार में क्या रुझान देखने को मिला? डाउ जोन्स फ्यूचर्स कम से कम 130 अंक टूटकर 52,449 पर आ गया, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स 109 अंक चढ़कर 29,921.25 और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 9 अंक बढ़कर 7,767 पर पहुंच गया। 5. बुधवार को किन प्रमुख टेक कंपनियों के वित्तीय नतीजे आने वाले हैं? अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट बुधवार को बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। 6. सितंबर 2026 की नीति में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया गया था? सितंबर 2026 में फेडरल फंड्स दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में कर दिया गया था, जो तीन साल में पहली बढ़ोतरी थी। https://trendkia.com/money/us-fed-ki-baithaka-se-pahale-wall-street-para-milajula-rukha-dow-jones-futures-phisala-52617 TrendKia — Har trend, sabse pehle.