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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले सोना और चांदी धड़ाम, वायदा बाजार में भारी गिरावट",
  "summary": "महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच सोना और चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है।",
  "content": "अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों के जारी होने से ठीक पहले वैश्विक और घरेलू कमोडिटी बाजारों में कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारतीय वायदा बाजार तक सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की मांग में कमी आई है।\n\nघरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी के ताजा भाव\nमल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में तीव्र बिकवाली देखी गई। एमसीएक्स पर 10 ग्राम सोने का भाव टूटकर 1,51,800 रुपये के स्तर पर आ गया। कारोबारी सत्र के शुरुआती दौर में सोना 1,50,695 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक चला गया था, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,52,341 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस प्रकार सोने में एक हजार रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली।\n\nदूसरी ओर, चांदी के भाव में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी 2,30,270 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद कुछ सुधरकर 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर के ऊपर कारोबार करती दिखी। चांदी के दामों में करीब 2,100 रुपये से अधिक की तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।\n\nअंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर कीमतों की स्थिति\nवैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलकर 4,330 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष कर रहा है। इससे पिछले सत्र में भी सोने की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी। चालू सप्ताह में सोना 2 प्रतिशत से अधिक के नुकसान की ओर अग्रसर है, जो इसकी लगातार तीसरी साप्ताहिक गिरावट का संकेत दे रहा है।\n\nहाजिर चांदी में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान 5 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद यह 64 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे लुढ़ककर 63.5 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। चांदी में आई इस तेज गिरावट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों से हटता दिखाई दिया है।\n\nफेडरल रिजर्व की नीति और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर\nकीमती धातुओं में इस मंदी का मुख्य कारण अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई में आई तेजी और उसके बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी है। अगस्त महीने में अमेरिका के थोक ऊर्जा दामों में आई उछाल के कारण पीपीआई के आंकड़ों में मजबूती दर्ज की गई थी। इसके चलते वित्तीय बाजारों में फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी सप्ताह 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना बढ़कर लगभग 71 प्रतिशत हो गई है, जो पीपीआई डेटा आने से पहले 61 प्रतिशत आंकी जा रही थी।\n\nइसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के पहले विस्तारित पुनर्खरीद अभियान के दौरान अपेक्षा से कम खरीदारी होने के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल आया। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी होने से सोना जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियां कमजोर प्रदर्शन करती हैं, क्योंकि निवेशक यील्ड देने वाले सुरक्षित विकल्पों की तरफ रुख करने लगते हैं।\n\nऊर्जा बाजार और अन्य कमोडिटीज का रुख\nअमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम और गहरा गया है। तेल बाजार में मजबूत तेजी के बाद हल्का सुधार जरूर दिखा है, लेकिन कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जबकि ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही गैसोलीन और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।\n\nकमोडिटी बाजार के अन्य क्षेत्रों पर नजर डालें तो एमसीएक्स पर सोना, चांदी और लेड सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली धातुओं में शामिल रहे। इसके विपरीत, बेस मेटल्स वर्ग में जिंक और कॉपर की कीमतों में जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जबकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस में भी तेजी का रुझान बना रहा। आगामी अमेरिकी सीपीआई डेटा से यह स्पष्ट होगा कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कितना सख्त रुख अपनाता है।\n\nइसका आप पर असर\nसोने और चांदी के भाव में आई इस तेज गिरावट का सीधा असर खुदरा आभूषण खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों पर पड़ेगा।\n\n• खुदरा खरीदारों के लिए: स्थानीय सराफा बाजारों में आभूषणों की कीमतों में तात्कालिक राहत मिलेगी। त्योहारी और शादियों के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए प्रति 10 ग्राम सोने पर कम खर्च करना होगा।\n• कमोडिटी निवेशकों के लिए: वायदा बाजार में लंबी अवधि के सोने के सौदों पर मार्जिन दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के फैसले तक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।\n• मुद्रास्फीति का दबाव: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से आने वाले दिनों में ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ सकती है। यह आम उपभोक्ता की मासिक बचत और रोजमर्रा के बजट को प्रभावित कर सकता है।\n• फिक्स्ड इनकम विकल्प: बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से सरकारी बॉन्ड्स और फिक्स्ड रिटर्न योजनाओं में निवेश का आकर्षण बढ़ रहा है। सोने में पैसा लगाने वाले निवेशक यील्ड आधारित उत्पादों में पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने और चांदी में तेज गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंका और बॉन्ड यील्ड में आई तेजी है।\n\n• मजबूत पीपीआई आंकड़े: अमेरिका में अगस्त महीने के उत्पादक मूल्य सूचकांक में थोक ऊर्जा लागत बढ़ने के कारण उछाल आया, जिसने महंगाई की चिंता फिर से बढ़ा दी।\n• फेड दर वृद्धि की 71% संभावना: मजबूत मुद्रास्फीति डेटा के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठक में 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की संभावना 61% से बढ़कर 71% हो गई।\n• ट्रेजरी यील्ड में उछाल: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के बायबैक ऑपरेशन में कम खरीदारी के चलते बॉन्ड यील्ड बढ़ गई, जिससे गैर-ब्याज वाले सोने की मांग कमजोर हुई।\n• कच्चे तेल में तेजी का दबाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार रहने से वैश्विक मुद्रास्फीति और सख्त मौद्रिक नीतियों का खतरा बढ़ गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एमसीएक्स पर सोने और चांदी के भाव में कितनी गिरावट आई?\nएमसीएक्स पर 10 ग्राम सोना टूटकर 1,51,800 रुपये पर आ गया जो 1,50,695 रुपये के निचले स्तर तक गया था, जबकि चांदी 2,30,270 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर तक लुढ़क गई।\n\n2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं?\nहाजिर सोना 4,330 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष कर रहा है, जबकि हाजिर चांदी 64 डॉलर के स्तर से नीचे 63.5 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही है।\n\n3. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना है?\nपीपीआई डेटा आने के बाद बाजारों में फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना 61 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 71 प्रतिशत हो गई है।\n\n4. कच्चे तेल की कीमतों की क्या स्थिति है?\nअमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।",
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  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-09-11",
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