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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, डाउ जोन्स और नैस्डैक फ्यूचर्स टूटे",
  "summary": "मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के रुख के कारण अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। 31 अगस्त से 4 सितंबर के सप्ताह के लिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।",
  "content": "अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसकी मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रही। सप्ताहांत के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया, जिससे भू-राजनीतिक चिंताएं बढ़ गईं और तेल की कीमतों में उछाल आया। इसके अलावा, जैक्सन होल बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के आक्रामक रुख ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया। इसके चलते डाउ जोन्स और नैस्डैक फ्यूचर्स में 180 अंकों से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में भी खासी सुस्ती देखी गई।\n\nसाप्ताहिक प्रदर्शन और पिछले आंकड़े\nसमीक्षाधीन अवधि के दौरान डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 53,559.99 पर बंद हुआ था, जिसमें मामूली गिरावट आई थी। एसएंडपी 500 इंडेक्स भी लाल निशान में 7,711.76 पर बंद हुआ और इसे 19.23 अंकों का नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 138.93 अंकों यानी 0.52 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और यह 26,402.42 पर बंद हुआ। इसके बावजूद, वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख सूचकांकों ने पिछले सप्ताह के दौरान कुल मिलाकर बढ़त दर्ज की थी, जिसमें नैस्डैक ने अन्य सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। 24 से 29 अगस्त के बीच डाउ जोन्स में लगभग 298.04 अंकों या 0.6 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त आई थी और एसएंडपी 500 इंडेक्स 48.38 अंकों या 0.63 प्रतिशत चढ़ा था, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 337.10 अंकों यानी 1.3 प्रतिशत का उछाल आया था।\n\nविशेषज्ञों की राय और इस सप्ताह का आउटलुक\nचार्ल्स श्वाब में डेरिवेटिव रिसर्च के निदेशक नाथन पीटरसन के अनुसार, गर्मियों के मौसम के दौरान आमतौर पर दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम हल्का रहता है और सूचकांकों का दायरा सीमित होता है। इस पूरे हफ्ते का ध्यान मुख्य रूप से एनवीआईडीए के नतीजों और जैक्सन होल के भाषण पर केंद्रित रहा। आगामी कारोबारी सत्रों के लिए सतर्क रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि जैक्सन होल के भाषण के बाद बाजार में रिकवरी भी देखने को मिल सकती है, जो एफओएमसी बैठक के बाद आम बात है। इसके अलावा, यदि आगामी शुक्रवार को नॉनफार्म पेरोल की रिपोर्ट कमजोर आती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताएं कम हो सकती हैं और शेयरों में तेजी का रुख बन सकता है।\n\nइस सप्ताह के प्रमुख आर्थिक कार्यक्रम और बैठकें\nसोमवार और मंगलवार को जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इसके साथ ही, मंगलवार और बुधवार को जी20 इनोवेशन मिनिस्ट्रियल बैठक होगी, जिसमें एनवीआईडीए के सीईओ जेनसेन ह्वांग और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन मुख्य भाषण देंगे। शुक्रवार को देश की मासिक रोजगार रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सितंबर का महीना ऐतिहासिक रूप से एसएंडपी 500 इंडेक्स के लिए सबसे खराब प्रदर्शन वाला महीना माना जाता है, जिस पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।\n\nकंपनियों के तिमाही नतीजे और आर्थिक आंकड़े\nइस सप्ताह कई बड़ी कंपनियों के वित्तीय परिणाम जारी होने वाले हैं। मंगलवार को साइंस एप्लीकेशंस इंटरनेशनल कॉर्प और सो-यंग इंटरनेशनल के अलावा क्रेडो टेक्नोलॉजी ग्रुप होल्डिंग, डेल टेक्नोलॉजीज, गिटलैब, मेडट्रॉनिक, मिनीमेड ग्रुप, मोंगॉजब, एनआईओ और पालो आल्टो नेटवर्क्स जैसी कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी। इसके अलावा बुधवार को एडीपी एम्प्लॉयमेंट चेंज, बिजनेस इन्वेंटरीज और ईआईए क्रूड ऑयल इन्वेंटरीज जैसे आंकड़े आएंगे, जबकि एयरोवायरमेंट, ब्रॉडकॉम, फाइव बिलो, हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज और स्नोफ्लेक जैसी कंपनियों के परिणाम आएंगे। गुरुवार और शुक्रवार को भी कई श्रम बाजार और उत्पादकता से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिन पर बाजार की दिशा तय होगी।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बाजारों की इस बड़ी गिरावट का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और निवेशकों की धारणा पर सीधा पड़ेगा।\n\n• भारत में: वैश्विक बाजारों में सुस्ती और बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी और सेंसेक्स) की शुरुआत पर भी नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। निवेशकों को इस सप्ताह सतर्क रहने और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।\n• निवेशकों के लिए: तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में गिरावट क्यों आई?\nमध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के आक्रामक बयानों के कारण फ्यूचर्स में गिरावट आई।\n\n2. जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक कब शुरू होगी?\nजी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की दो दिवसीय बैठक 31 अगस्त 2026 से शुरू होगी।\n\n3. इस सप्ताह किन प्रमुख कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं?\nडेल टेक्नोलॉजीज, गिटलैब, मोंगॉजब, पालो आल्टो नेटवर्क्स और ब्रॉडकॉम जैसी कई कंपनियां इस सप्ताह अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगी।\n\n4. सितंबर महीने को लेकर ऐतिहासिक रूप से बाजार का क्या रुख रहता है?\nसितंबर का महीना ऐतिहासिक रूप से एसएंडपी 500 इंडेक्स के लिए सबसे खराब प्रदर्शन वाला महीना माना जाता है।",
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  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-08-31",
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