# अमेरिकी शेयर बाजार में तकनीकी शेयरों की भारी बिकवाली, नैस्डैक और एसएंडपी 500 में लगातार दूसरे दिन गिरावट

> वॉल स्ट्रीट पर चिपमेकर्स और टेक कंपनियों में भारी बिकवाली के चलते नैस्डैक और एसएंडपी 500 लाल निशान में बंद हुए, जबकि डाउ जोन्स हल्की बढ़त बनाने में सफल रहा।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/us-stock-market-men-takaniki-sheyaron-ki-bhari-bikavali-nasdaq-aura-s-p-500-men-lagatara-dusare-dina-giravata-45092 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी शेयर बाजार, वॉल स्ट्रीट, नैस्डैक कंपोजिट, एसएंडपी 500, डाउ जोन्स, फेडरल रिजर्व, कच्चा तेल, एनवीडिया

अमेरिकी इक्विटी बाजारों में सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहाँ प्रमुख सूचकांकों की दिशा काफी हद तक चिप और तकनीकी कंपनियों में आई कमजोरी से तय हुई। तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में तेज बिकवाली के दबाव ने एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में नुकसान झेलने पर मजबूर कर दिया। इस नकारात्मक रुझान के पीछे सिर्फ कंपनियों के अपने मूल्यांकन ही नहीं, बल्कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख वाली टिप्पणियां और मध्य पूर्व के तनाव से जुड़ी व्यापक भू-राजनीतिक चिंताएं भी शामिल रहीं। हालांकि, इस पूरे सत्र में पारंपरिक उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाला डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज अपनी जमीन बचाने और मामूली बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहा।

## प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों का ताजा लेखा-जोखा
सत्र के समापन पर एसएंडपी 500 इंडेक्स 36.41 अंक अथवा 0.5% फिसलकर 7,765.36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं मेगा-कैप टेक कंपनियों में आए तेज बिकवाली के झोंके ने नैस्डैक कंपोजिट को 345.35 अंक यानी 1.25% नीचे धकेल दिया, जिससे यह सूचकांक 27,193.34 के स्तर पर सिमट गया। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए लगातार दूसरा गिरावट भरा दिन साबित हुआ। इसके विपरीत, पुराने और गैर-तकनीकी उद्योगों में आई मजबूती के सहारे डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 8 अक्टूबर को 51.77 अंक अथवा 0.10% चढ़कर 51,231.64 पर बंद हुआ, जिससे उसने अपने पिछले नुकसान की कुछ भरपाई कर ली।

## वायदा बाजार में सुधार और आने वाले आंकड़े
नियमित सत्र की समाप्ति के बाद 9 अक्टूबर के शुरुआती घंटों में अमेरिकी वायदा बाजारों ने सकारात्मक रुख दिखाया और सुधार के संकेत दिए। डाउ जोन्स फ्यूचर्स 104 अंक या 0.20% की बढ़त के साथ 51,597 पर कारोबार करता दिखा। इसी तरह नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 103.50 अंक या 0.33% मजबूत होकर 31,073 के स्तर पर पहुंच गया। व्यापक बाजार का रुख दर्शाने वाला एसएंडपी 500 फ्यूचर्स भी 20.50 अंक यानी 0.3% बढ़कर 7,836.75 के स्तर पर आ गया। बाजार प्रतिभागियों की नजरें अब यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के शुरुआती उपभोक्ता धारणा आंकड़ों पर टिकी हैं। इसके अतिरिक्त कॉरपोरेट आय के मोर्चे पर डेल्टा एयर लाइन्स इंक (DAL), गोल्डमाइनिंग इंक (GLDG) और न्यू होराइजन एयरक्राफ्ट लिमिटेड (HOVR) के तिमाही नतीजे भी आगामी कारोबारी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

## चिपमेकर्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में बिकवाली
व्यक्तिगत शेयरों की गतिविधियों में सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर निर्माताओं को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। चिप निर्माता माइक्रोन में 4.8% की तेज गिरावट आई, जबकि प्रमुख एआई चिप निर्माता एनवीडिया 2.9% टूट गया। इसी तरह सैंडिस्क में 4.9%, एएमडी में 3.9% और इंटेल में 5.3% की बड़ी कमजोरी दर्ज की गई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में ओपनएआई के सितंबर अंत तक के वार्षिक राजस्व का आंकड़ा 50 अरब डॉलर रहने की बात सामने आई, जो पिछले महीने चर्चा में रहे 68 अरब डॉलर के अनुमान से काफी कम था। इस खबर ने टेक शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं। दूसरी तरफ, स्पेसएक्स ने देशव्यापी स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो हासिल करने के सौदे की घोषणा की, जिसके दम पर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में उसके शेयर में 4% से अधिक का उछाल दर्ज किया गया।

## फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का दबाव
बाजार के माहौल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया बैठकों के मिनट्स का गहरा असर देखा जा रहा है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने मौजूदा परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि फेडरल रिजर्व के मिनट्स और गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर की सख्त टिप्पणियों ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका को हवा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति वैश्विक स्तर पर निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर बनाए हुए है। बॉन्ड बाजार में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.23% के आसपास बनी रही, जो 30-वर्षीय बॉन्ड की सफल नीलामी के बाद अपने 24 साल के उच्चतम स्तर से कुछ नीचे है। वहीं 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.61% पर स्थिर रही। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी आई और यह 102 के करीब कारोबार करता रहा। बाजार अक्टूबर की बैठक में दरें स्थिर रहने की 82% संभावना देख रहा है, जबकि दिसंबर की नीतिगत समीक्षा में दरें बढ़ने की संभावना 81% आंकी जा रही है।

## कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक हालात
कमोडिटी बाजार में कच्चा तेल एक बड़े आर्थिक जोखिम के रूप में बना हुआ है। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 1% गिरकर 90.77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 103.3 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। गल्फ और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर नए हमलों के बीच डब्ल्यूटीआई 91 से 92 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में झूल रहा था। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा आपातकालीन तेल भंडार जारी करने की प्रक्रिया तेज करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद कीमतों में कुछ नरमी आई कि अमेरिका तुरंत ईरान पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ईरान के साथ सार्थक बातचीत कर रहा है और मध्यावधि चुनावों से पहले हमले से बचेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल गुजर रहा है, हालांकि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह लागू रहेगी।

इसके बावजूद बाद की रिपोर्टों में संकेत दिया गया कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल व ड्रोन ठिकानों और ऊर्जा ढांचे पर तीन दिवसीय हमलों की तैयारी की है। इससे पहले होर्मुज में तेहरान द्वारा टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद तेल की कीमतें 5.6% तक उछल गई थीं, जहाँ पिछले सप्ताह नौ जहाजों को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा मेक्सिको की खाड़ी में तूफान इसाइआस के खतरे के चलते उत्पादकों को करीब 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन का उत्पादन बंद करना पड़ा। अन्य कमोडिटीज में हाजिर सोना 1% चढ़कर 4,175 डॉलर प्रति औंस और हाजिर चांदी 2% उछलकर 60.16 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि प्राकृतिक गैस और गैसोलीन की कीमतों में 1% की गिरावट दर्ज की गई।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी इक्विटी और ऊर्जा बाजारों में आई इस उथल-पुथल का सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार, मुद्रा मूल्य और आम उपभोक्ताओं की वित्तीय योजनाओं पर पड़ेगा।

- **शेयर बाजार के निवेशकों पर:** अमेरिकी टेक शेयरों में तेज गिरावट से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वैश्विक जोखिम कम होने से म्यूचुअल फंड और सीधे इक्विटी निवेशकों को अल्पावधि में पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
- **पेट्रोल और ईंधन की कीमतों पर:** ब्रेंट क्रूड के 103 डॉलर के आसपास टिके रहने से भारत में ईंधन की खुदरा कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बना रहेगा। यदि मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधाएं जारी रहीं, तो आयात बिल बढ़ने से मुद्रास्फीति की दर बढ़ सकती है।
- **सोना और चांदी के खरीदारों पर:** वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में 1% और चांदी में 2% की बढ़त दर्ज की गई है। आने वाले त्योहारी और वैवाहिक सीजन में आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
- **ब्याज दरों और मुद्रा पर:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की 81% संभावना से डॉलर मजबूत बना रह सकता है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक पर भी घरेलू नीतिगत दरों को नरम करने में सावधानी बरतने का दबाव रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी इक्विटी बाजार में यह मिश्रित रुझान और टेक शेयरों में तेज बिकवाली तीन प्रमुख कारणों के आपस में टकराने की वजह से पैदा हुई है।

- **आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप कंपनियों के मूल्यांकन पर चिंता:** ओपनएआई का वार्षिक राजस्व 50 अरब डॉलर रहने की रिपोर्ट आई, जो पहले अनुमानित 68 अरब डॉलर से काफी कम थी। इस खुलासे के बाद सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों में ऊंचे मूल्यांकन को लेकर घबराहट फैल गई, जिसके चलते एनवीडिया, इंटेल और माइक्रोन जैसे शेयरों में भारी बिकवाली हुई।
- **फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता:** केंद्रीय बैंक के मिनट्स और गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने स्पष्ट संकेत दिया कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए दरें और बढ़ाई जा सकती हैं। बाजार में दिसंबर नीति में दर वृद्धि की 81% आशंका बनने से जोखिम भरे एसेट्स से पूंजी बाहर निकलने लगी।
- **मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संकट:** होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और अमेरिकी सैन्य तैयारियों की खबरों ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर बनाए रखा। हालांकि आपातकालीन तेल भंडार जारी होने और अस्थायी राहत के बयानों से कच्चे तेल में कुछ गिरावट आई, पर आपूर्ति जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. 8 अक्टूबर के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार का क्या हाल रहा?
सत्र के दौरान एसएंडपी 500 0.5% और नैस्डैक 1.25% गिरकर बंद हुए, जबकि डाउ जोन्स में 0.10% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

### 2. नैस्डैक कंपोजिट में भारी गिरावट का मुख्य कारण क्या था?
चिपमेकर्स और टेक शेयरों में बिकवाली के कारण गिरावट आई, जिसमें इंटेल 5.3%, माइक्रोन 4.8% और एनवीडिया 2.9% टूटे।

### 3. ओपनएआई के राजस्व को लेकर क्या नई जानकारी सामने आई?
रिपोर्ट्स के अनुसार सितंबर के अंत में ओपनएआई का वार्षिक राजस्व 50 अरब डॉलर रहा, जो पिछले महीने के 68 अरब डॉलर के अनुमान से कम है।

### 4. फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दरों को लेकर बाजार की क्या उम्मीदें हैं?
बाजार अक्टूबर में दरें स्थिर रहने की 82% और दिसंबर में दरें बढ़ने की 81% संभावना मान रहा है।

### 5. कच्चे तेल और कीमती धातुओं के भाव किस स्तर पर रहे?
डब्ल्यूटीआई क्रूड 90.77 डॉलर और ब्रेंट 103.3 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जबकि हाजिर सोना 4,175 डॉलर और चांदी 60.16 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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