उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर 600 रुपये तक की भारी छूट ग्रामीण उत्तर प्रदेश के कुछ बाजारों में मांग घटने और अतिरिक्त स्टॉक जमा होने से एजेंसियां आधिकारिक दर से 200 से 600 रुपये कम में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर बेच रही हैं। वहीं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का समय घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री को लेकर एक अनोखा चलन देखने में आ रहा है। कई ग्रामीण बाजारों में गैस वितरक 19 किलोग्राम वाले नीले कमर्शियल सिलेंडरों को निर्धारित आधिकारिक दर से काफी कम कीमत पर बेच रहे हैं। यह स्थिति उन इलाकों में पैदा हुई है जहां व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से गैस की मांग बेहद सुस्त बनी हुई है और एजेंसियों के गोदामों में भरा हुआ स्टॉक जमा हो गया है। कुशीनगर और आसपास के बाजारों में कीमत का भारी अंतर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का आधिकारिक तय रेट लगभग 2,946 रुपये है। इसके विपरीत, स्थानीय स्तर पर कुछ गैस एजेंसियों से ग्राहकों को यही सिलेंडर 2,400 रुपये से लेकर 2,700 रुपये तक में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि निर्धारित सरकारी भाव के मुकाबले प्रति सिलेंडर लगभग 200 रुपये से 600 रुपये तक की छूट दी जा रही है। यह ध्यान देना आवश्यक है कि यह मूल्य कटौती तेल विपणन कंपनियों की तरफ से देशव्यापी स्तर पर की गई कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। तेल कंपनियों ने आधिकारिक दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, बल्कि चुनिंदा ग्रामीण कस्बों और व्यक्तिगत एजेंसियों के स्तर पर स्टॉक निकालने के लिए यह स्थानीय रियायत दी जा रही है। मांग में कमी और गोदामों में जमा स्टॉक बनी वजह ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में वाणिज्यिक गतिविधियों का दायरा सीमित होना इस बड़े मूल्य अंतर की मुख्य वजह माना जा रहा है। आमतौर पर 19 किलोग्राम वाले बड़े सिलेंडरों का प्रमुख उपभोग होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई की दुकानों, ढाबों, चाय के खोखों और खानपान व केटरिंग के काम से जुड़े कारोबारी करते हैं। बड़े शहरों की तुलना में ग्रामीण बाजारों और छोटे कस्बों में इस तरह के प्रतिष्ठानों की संख्या सीमित होती है, जिससे गैस की दैनिक खपत भी बहुत ज्यादा नहीं रहती। कमर्शियल खरीदारों की संख्या कम रहने से कई गैस एजेंसियों के पास जरूरत से ज्यादा भरे हुए सिलेंडरों का इन्वेंट्री जमा हो गया है। सिलेंडरों को बिना बिके गोदामों में रखने के बजाय डिस्ट्रीब्यूटर उन्हें थोड़ी कम कीमत पर बेचकर अपनी कार्यशील पूंजी निकालने और स्टॉक खाली करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए दरें जस की तस कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर मिल रही इस अनौपचारिक छूट का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के दाम भी घट गए हैं। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के रेट अपनी जगह स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 942 रुपये है, जबकि वहां 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर का आधिकारिक रेट 2,747.50 रुपये है। वहीं कुशीनगर में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर लगभग 1,014 रुपये के भाव पर मिल रहा है, जिसके मुकाबले वहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का आधिकारिक मूल्य करीब 2,946 रुपये है। कुशीनगर के कुछ हिस्सों में जो 2,400 से 2,700 रुपये का रेट चल रहा है, वह पूरी तरह से केवल कुछ एजेंसियों द्वारा बेचे जा रहे 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडरों पर ही लागू होता है। घरेलू उपभोक्ताओं को अपने सिलेंडर के लिए निर्धारित सरकारी दर ही चुकानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रिफिल बुकिंग चक्र घटकर हुआ 25 दिन गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुधरने के साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए एक और बड़ा राहत भरा बदलाव हुआ है। ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर दोबारा बुक करने यानी रिफिल बुकिंग का चक्र अब पहले से काफी कम कर दिया गया है। ग्रामीण उपभोक्ता अब 25 दिन बीतने के बाद ही अपने अगले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग करा सकते हैं, जबकि पहले इसके लिए 45 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने ग्रामीण अंचलों में यह संशोधित बुकिंग अवधि लागू कर दी है। पहले आपूर्ति संबंधी दिक्कतें और बैकलॉग रहने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग अवधि 45 दिन रखी गई थी। अब स्थिति में सुधार आने के बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी शहरी उपभोक्ताओं जैसी सुलभ बुकिंग सुविधा देने के उद्देश्य से यह समय अंतराल घटाकर 25 दिन किया गया है। छोटे कारोबारियों को राहत, लेकिन नहीं है एकसमान नियम कमर्शियल गैस पर मिल रही इस अनौपचारिक छूट से उन छोटे दुकानदारों को सीधी मदद मिल रही है जो हर दिन अपनी आजीविका के लिए कमर्शियल गैस का इस्तेमाल करते हैं। चाय की दुकानें, छोटे ढाबे, हलवाई और शादी-विवाह में केटरिंग का काम करने वाली इकाइयों का ईंधन खर्च 200 से 600 रुपये प्रति सिलेंडर तक घट रहा है। ऐसे छोटे व्यवसायों के लिए यह बचत सीधे उनके मुनाफे में जुड़ती है। हालांकि यह लाभ पूरे क्षेत्र में एक समान लागू नहीं है। किसी भी एजेंसी पर मिलने वाला डिस्काउंट पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि उस एजेंसी के पास कितना पुराना स्टॉक बचा हुआ है, वहां स्थानीय मांग कैसी है और नई सप्लाई की खेप किस रफ्तार से आ रही है। जिस एजेंसी के पास स्टॉक सामान्य है, वह आधिकारिक दर पर ही बिक्री कर रही है। सस्ते सिलेंडर की खरीदारी के दौरान बरतें सावधानी कम दाम पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर खरीदने वाले कारोबारियों और ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गैस किसी अधिकृत एलपीजी वितरक से ही खरीदी जा रही हो। सिलेंडर लेते समय उसकी सील सही सलामत हो, सुरक्षा कैप लगी हो, डिस्ट्रीब्यूटर की जानकारी दर्ज हो और सिलेंडर का पूरा वजन जांचा गया हो। इसके अलावा हर खरीद का पक्का बिल लेना जरूरी है, खासकर तब जब भुगतान आधिकारिक सूची से कम कीमत पर किया जा रहा हो। इसका आप पर असर कमर्शियल एलपीजी पर मिलने वाली इस अनौपचारिक छूट से छोटे दुकानदारों और खानपान कारोबारियों की परिचालन लागत में सीधी बचत होगी, जबकि ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को गैस रिफिल के लिए अब कम इंतजार करना पड़ेगा। • उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में: ढाबों, हलवाई की दुकानों और चाय विक्रेताओं को 19 किलो का सिलेंडर 200 से 600 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। इससे छोटे व्यापारियों का दैनिक खर्च घट रहा है और वे 2,400 से 2,700 रुपये में सिलेंडर ले पा रहे हैं। • भारत भर के ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए: इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू रिफिल बुकिंग की समयसीमा 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी है। ग्रामीण परिवारों को अब शहरी ग्राहकों की तरह समय पर दूसरा सिलेंडर बुक करने की सुविधा मिलेगी। • घरेलू उपभोक्ताओं के बजट पर: घरेलू 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है। कुशीनगर में घरेलू सिलेंडर लगभग 1,014 रुपये और दिल्ली में करीब 942 रुपये की तय दर पर ही मिलेगा। • सुरक्षा और बिलिंग के स्तर पर: सस्ती दरों पर कमर्शियल गैस खरीदने वाले ग्राहकों को वजन और सील की जांच अनिवार्य रूप से करनी होगी। साथ ही अधिकृत एजेंसी से पक्का बिल लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी से बचा जा सके। ऐसा क्यों हुआ ग्रामीण उत्तर प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में यह गिरावट तेल कंपनियों की किसी नीति के कारण नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर मांग की कमी और गोदामों में जमा स्टॉक को खाली करने की मजबूरी की वजह से हुई है। • मांग में भारी कमी: ग्रामीण अंचलों और छोटे कस्बों में बड़े होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यावसायिक ढाबों की संख्या काफी कम होती है। इस वजह से 19 किलोग्राम वाले भारी व्यावसायिक सिलेंडरों की नियमित खपत सीमित बनी हुई है। • गोदामों में अतिरिक्त स्टॉक का दबाव: मांग कम रहने से गैस वितरण एजेंसियों के पास भरे हुए सिलेंडरों की संख्या सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ गई। पूंजी ब्लॉक होने और गोदाम भरे रहने के कारण डिस्ट्रीब्यूटर्स ने स्टॉक निकालने के लिए कीमतें घटाईं। • स्थानीय स्तर पर स्टॉक क्लीयरेंस: यह कोई सरकारी या आधिकारिक मूल्य कटौती नहीं है, बल्कि चुनिंदा एजेंसियों द्वारा नकदी प्रवाह बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम है। मांग सामान्य होने या नया स्टॉक व्यवस्थित होने पर दरें दोबारा आधिकारिक स्तर पर आ सकती हैं। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर किस भाव पर मिल रहा है? कुशीनगर जैसे ग्रामीण इलाकों में कुछ एजेंसियों पर 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर आधिकारिक दर 2,946 रुपये के बजाय 2,400 से 2,700 रुपये में मिल रहा है। 2. क्या कमर्शियल सिलेंडर पर मिलने वाली यह छूट पूरे देश में लागू है? नहीं, यह तेल कंपनियों द्वारा की गई आधिकारिक कटौती नहीं है, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश की कुछ चुनिंदा एजेंसियों द्वारा स्टॉक खाली करने के लिए दी जा रही स्थानीय छूट है। 3. क्या घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कोई कमी हुई है? नहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और दिल्ली में यह लगभग 942 रुपये तथा कुशीनगर में करीब 1,014 रुपये का ही मिल रहा है। 4. ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस रिफिल बुकिंग के नियमों में क्या बदलाव हुआ है? ग्रामीण ग्राहक अब 25 दिन के अंतराल पर घरेलू रिफिल बुक कर सकते हैं, जबकि पहले इसके लिए 45 दिन का अनिवार्य इंतजार करना पड़ता था। 5. सस्ते कमर्शियल सिलेंडर खरीदते समय ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? ग्राहकों को सिलेंडर का वजन, सील, अधिकृत वितरक की जानकारी जांचनी चाहिए और लेन-देन का पक्का बिल अवश्य लेना चाहिए। https://trendkia.com/money/uttar-pradesh-ke-gramina-ilakon-men-19-kilograma-vale-kamarshiyala-lpg-silendara-para-600-rupaye-taka-ki-bhari-chhuta-36554 TrendKia — Har trend, sabse pehle.