# उत्तर प्रदेश में बेटियों के जन्म से कॉलेज तक मिलेंगे 25,000 रुपये, छह चरणों में सीधे खाते में आएगी रकम

> उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं को कुल 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है, जिसे जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है.

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/uttar-pradesh-men-betiyon-ke-janma-se-koleja-taka-milenge-25-000-rupaye-chhaha-charanon-men-sidhe-khate-men-aegi-rakama-40132 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश योजना, बेटी बचाओ योजना, कन्या सुमंगला किस्त, बालिका शिक्षा सहायता, महिला एवं बाल विकास विभाग

बालिकाओं की बेहतर परवरिश, नियमित टीकाकरण और उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एक विशेष वित्तीय प्रोत्साहन कार्यक्रम संचालित कर रही है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना नामक इस पहल के जरिए नवजात बेटी के आगमन से लेकर उसके डिग्री या डिप्लोमा में दाखिले तक सरकार कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराती है. पहले इस योजना के तहत मिलने वाली कुल राशि 15,000 रुपये थी, जिसे राज्य प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. यह पूरी धनराशि किसी भी मध्यस्थ के बिना सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से भेजी जाती है.

## योजना की पृष्ठभूमि और प्रमुख सामाजिक उद्देश्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की औपचारिक शुरुआत अक्टूबर 2019 में की थी. इस कार्यक्रम की रूपरेखा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने, लैंगिक असमानता मिटाने और बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए तैयार की गई है. इसका दूसरा बड़ा उद्देश्य स्कूल छोड़ने वाली बालिकाओं की दर को घटाना और परिवारों को अपनी बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए नियमित वित्तीय संबल देना है. सरकार यह आर्थिक मदद एकमुश्त देने के बजाय बालिका की उम्र, स्वास्थ्य देखभाल और शैक्षणिक प्रगति के आधार पर छह अलग-अलग किस्तों में देती है.

## छह चरणों में मिलने वाली 25,000 रुपये की किस्तें
योजना के संशोधित ढांचे के अनुसार, कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि को बालिका के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जोड़ा गया है

- **पहला चरण (जन्म के समय):** बच्ची के जन्म लेने पर परिवार को पहली सहायता राशि के रूप में 5,000 रुपये बैंक खाते में दिए जाते हैं.
- **दूसरा चरण (टीकाकरण पूर्ण होने पर):** बेटी की उम्र एक वर्ष पूरी होने और उसके सभी जरूरी टीके लगने के बाद 2,000 रुपये की दूसरी किस्त जारी की जाती है.
- **तीसरा चरण (कक्षा 1 में प्रवेश):** प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत के तहत जब बालिका पहली कक्षा में दाखिला लेती है, तब 3,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है.
- **चौथा चरण (कक्षा 6 में प्रवेश):** उच्च प्राथमिक स्तर पर निरंतरता बनाए रखने के लिए कक्षा 6 में प्रवेश लेते समय परिवार को फिर से 3,000 रुपये मिलते हैं.
- **पांचवां चरण (कक्षा 9 में प्रवेश):** माध्यमिक विद्यालय स्तर पर पढ़ाई के खर्चों में सहयोग के लिए 9वीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं.
- **छठा चरण (उच्च शिक्षा या डिप्लोमा):** 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज, स्नातक डिग्री कोर्स या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लेने पर अंतिम किस्त के रूप में 7,000 रुपये दिए जाते हैं.

## पात्रता की शर्तें और पारिवारिक सीमा के नियम
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. आर्थिक मापदंड के तौर पर परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम निर्धारित की गई है. सामान्य नियमों के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना का लाभ उठाने की पात्र हैं. हालांकि, नियमों में कुछ विशेष छूट भी शामिल हैं. यदि किसी परिवार में दूसरे प्रसव के दौरान जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं, तो परिवार की तीनों बेटियों को योजना के तहत लाभ दिया जा सकता है. इसके अलावा, यदि किसी परिवार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करके किसी अनाथ बालिका को गोद लिया है, तो जैविक और दत्तक बेटियों को मिलाकर अधिकतम दो बालिकाओं को योजना से जोड़ा जा सकता है.

## आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन
ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आवेदकों को सभी आवश्यक कागजात डिजिटल प्रारूप में तैयार रखने चाहिए. प्रमुख दस्तावेजों में पूरे परिवार का राशन कार्ड, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परिवार का आय प्रमाण पत्र, बालिका और माता-पिता दोनों का आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक की फोटोकॉपी तथा बालिका की हालिया पासपोर्ट साइज फोटो शामिल है. यदि बच्ची को कानूनी रूप से गोद लिया गया है, तो विधिवत गोदनामा या कानूनी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. इसके अतिरिक्त, संबंधित शैक्षणिक चरण में प्रवेश का प्रमाण पत्र या टीकाकरण कार्ड भी सत्यापन के दौरान संलग्न करना होता है.

## ऑनलाइन आवेदन और किस्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन की पूरी व्यवस्था पारदर्शी और ऑनलाइन रखी गई है. इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध सिटिजन सर्विस पोर्टल के जरिए पंजीकरण करना होता है. नए उपयोगकर्ताओं को आधार कार्ड और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करके अकाउंट बनाना होता है. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी सत्यापन पूरा होते ही आवेदक को एक यूजर आईडी और पासवर्ड मिल जाता है. इसके बाद पोर्टल पर लॉगिन करके बालिका का व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाता और संबंधित चरण के दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं. विभागीय अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच और मंजूरी के बाद निर्धारित किस्त सीधे पंजीकृत बैंक खाते में भेज दी जाती है.

## इसका आप पर असर
यह योजना उत्तर प्रदेश के सीमित आय वाले परिवारों को अपनी बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक सुनिश्चित वित्तीय आधार प्रदान करती है.

- **भारत में:** बालिकाओं के सशक्तिकरण और डीबीटी आधारित कल्याणकारी नीतियों के तहत कन्या सुमंगला जैसी योजनाएं अन्य राज्यों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मॉडल पेश करती हैं. इससे देश भर में कन्या भ्रूण हत्या रोकने और प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक लड़कियों के ठहराव को बढ़ावा मिलता है.
- **उत्तर प्रदेश में:** 3 लाख रुपये या कम वार्षिक आय वाले राज्य के स्थायी निवासी परिवार अपनी बेटियों के लिए कुल 25,000 रुपये की मदद पा सकते हैं. पात्र अभिभावक महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करके जन्म, टीकाकरण और स्कूल दाखिले के अनुसार छह अलग-अलग किस्तों का लाभ उठा सकते हैं.
- **शिक्षा और दाखिला:** 12वीं पास करने के बाद दो वर्षीय डिप्लोमा या डिग्री कोर्स में दाखिला लेने पर 7,000 रुपये की बड़ी किस्त मिलती है. इससे आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाली छात्राओं को तुरंत मदद मिलती है.
- **स्वास्थ्य और टीकाकरण:** एक साल की उम्र तक सभी अनिवार्य टीके पूरे कराने पर सरकार 2,000 रुपये की किस्त जारी करती है. इससे शिशुओं में समय पर टीकाकरण और संस्थागत स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ती है.

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तर प्रदेश सरकार ने कन्या सुमंगला योजना की सहायता राशि में बढ़ोतरी और इसके चरणों का विस्तार राज्य में बालिकाओं की समग्र स्थिति सुधारने के लिए किया है.

- **आर्थिक सुरक्षा की जरूरत:** कई ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों में अतिरिक्त खर्चों के डर से बेटियों की पढ़ाई बीच में ही छुड़ा दी जाती थी. विभिन्न शैक्षणिक पड़ावों पर नकद किस्तें जोड़कर सरकार ने परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है.
- **राशि में संशोधन की पृष्ठभूमि:** वित्तीय वर्ष 2024-25 से पहले योजना के तहत कुल 15,000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ती महंगाई और शैक्षणिक खर्चों को देखते हुए बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया. इस कदम का मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा और जन्म के समय मिलने वाली मदद को अधिक प्रभावी बनाना था.
- **सामाजिक समस्याओं की रोकथाम:** बाल विवाह की कुप्रथा और जन्म के समय लिंगानुपात की विषमता से निपटने के लिए अक्टूबर 2019 में इस योजना की नींव रखी गई थी. बालिकाओं के नाम पर नियमित धनराशि मिलने से समाज में बेटियों की सामाजिक और पारिवारिक स्वीकार्यता मजबूत हुई है.

## सवाल-जवाब

### 1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में कुल कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता छह अलग-अलग किस्तों में दी जाती है.

### 2. पहले इस योजना में कितनी राशि दी जाती थी और यह बदलाव कब से लागू हुआ?
पहले योजना के अंतर्गत कुल 15,000 रुपये मिलते थे, जिसे वित्त वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है.

### 3. योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय कितनी होनी चाहिए?
आवेदक परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए.

### 4. एक परिवार की कितनी बेटियां इस योजना के तहत पात्र हो सकती हैं?
सामान्य तौर पर अधिकतम दो बेटियां लाभ ले सकती हैं, लेकिन दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चियां होने पर तीनों बेटियों को लाभ मिलता है.

### 5. कक्षा 12वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कितनी किस्त मिलती है?
12वीं के बाद किसी कॉलेज डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये की किस्त मिलती है.

### 6. योजना के लिए आवेदन कहां और कैसे किया जा सकता है?
महिला एवं बाल विकास विभाग के सिटिजन सर्विस पोर्टल पर जाकर आधार और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करके ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._