# वैश्विक तनाव और मंदी की आहट से सहमा घरेलू बाजार, भारी बिकवाली में 500 शेयरों ने छुआ निचला स्तर

> सेंसेक्स में 2200 अंकों से अधिक और निफ्टी में 700 अंकों के करीब भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि भय का पैमाना इंडिया विक्स नौ वर्षों के सबसे तेज एकदिवसीय उछाल के साथ 20 के पार चला गया।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/vaishvika-tanava-aura-mndi-ki-ahata-se-sahama-gharelu-bajara-bhari-bikavali-men-500-sheyaron-ne-chhua-nichala-stara-49599 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेयर बाजार, सेंसेक्स गिरावट, निफ्टी 50, इंडिया विक्स, लोअर सर्किट, मिडकैप स्मॉलकैप, यूएस फेड, ग्लोबल मार्केट

घरेलू इक्विटी बाजारों में सोमवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल और घबराहट से भरा साबित हुआ। वैश्विक बाजारों में फैली तेज बिकवाली की लहर ने भारतीय बाजार को भी अपनी चपेट में ले लिया। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में आई जोरदार गिरावट के दबाव में प्रमुख घरेलू सूचकांक ताश के पत्तों की तरह बिखरते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक सेंसेक्स 2200 अंकों से अधिक का गोता लगा गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी लगभग 700 अंकों के तीव्र नुकसान के साथ बंद हुआ। विदेशी पूंजी की संभावित निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने पूरे दिन दलाल स्ट्रीट पर भयंकर मंदी का माहौल बनाए रखा।

## इंडिया विक्स में 2015 के बाद का सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल
बाजार में घबराहट और अस्थिरता को मापने वाले पैमाने इंडिया विक्स में अप्रत्याशित तेजी दर्ज की गई। डर का मीटर कहे जाने वाले इस सूचकांक में एक ही दिन के भीतर 52 प्रतिशत का विशाल उछाल देखा गया, जिसके साथ यह 20 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। अगस्त 2015 के बाद से यह इस इंडिकेटर की सबसे बड़ी दैनिक छलांग है। सामान्य तौर पर जब विक्स का स्तर नीचे रहता है, तो उसे बाजार के स्थिर अथवा सकारात्मक रहने का संकेत माना जाता है, जबकि इसमें अचानक तेज बढ़त भारी गिरावट की आशंका को पुख्ता करती है। गौर करने वाली बात यह रही कि कोरोना महामारी के चरम दौर में भी दैनिक आधार पर विक्स में ऐसा भयंकर उछाल दर्ज नहीं हुआ था।

## ग्लोबल मंदी की आशंका और मिडल ईस्ट में जंग का खतरा
दलाल स्ट्रीट पर इस महाखौफ की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते संकट रहे। पश्चिम एशिया यानी मिडल ईस्ट के इलाके में युद्ध भड़कने की बढ़ती आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से दूर कर दिया। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी केंद्रीय बैंक यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती टालने की संभावनाओं ने मंदी के डर को और हवा दे दी। अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का मानना है कि दर कटौती में देरी से अमेरिका गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकता है, जिसके चलते दुनिया भर के उभरते बाजारों से विदेशी फंड्स की तेज निकासी शुरू हो सकती है। इसी अंदेशे ने संस्थागत निवेशकों को भारी बिकवाली करने पर मजबूर किया।

## 500 कंपनियों में लगा लोअर सर्किट, विशेषज्ञ की रणनीति
बिकवाली का दायरा इतना व्यापक था कि व्यापक बाजार के लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में डूब गए। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में 4 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करीब 500 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग के दौरान निचला सर्किट लग गया, जिससे उनमें आगे खरीद-बिक्री थम गई। लोअर सर्किट छूने वाले प्रमुख शेयरों में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और स्वान एनर्जी लिमिटेड जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल रहीं।

बाजार के मौजूदा हालात पर बाजार विशेषज्ञ प्रकाश दीवान ने कहा, “यह सप्ताह कठिन रहने वाला है. और वैश्विक बाजार हमें बता रहे हैं कि हमारे बाजारों के भीतर स्टॉक स्पेसिफिक एक्टीविटीज पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर होगा.” विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा माहौल में व्यापक इंडेक्स पर दांव लगाने के बजाय व्यक्तिगत कंपनियों के बुनियादी आधार को परखना अधिक समझदारी भरा कदम होगा।

## इसका आप पर असर
बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो पर तत्काल असर पड़ा है और अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।

- **खुदरा पोर्टफोलियो पर:** मिडकैप और स्मॉलकैप में 4 प्रतिशत तक की गिरावट से छोटे निवेशकों के निवेश मूल्य में भारी सेंध लगी है। जिन निवेशकों ने हाल ही में खरीदारी की थी, उन्हें अपने पोर्टफोलियो की रिकवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
- **ट्रेडिंग जोखिम पर:** 500 शेयरों में लोअर सर्किट लगने से ऐसे स्टॉक्स में लिक्विडिटी पूरी तरह सूख गई है। इसका मतलब है कि अगर आपके पास ये शेयर हैं, तो खरीदार न होने के कारण आप तुरंत इनसे बाहर नहीं निकल पाएंगे।
- **बाजार की वोलैटिलिटी पर:** इंडिया विक्स के 20 के पार निकलने से आने वाले दिनों में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। ट्रेडर्स को किसी भी पोजीशन पर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
- **नई खरीदारी की योजना पर:** मंदी और युद्ध की आहट के चलते विशेषज्ञ इंडेक्स के बजाय सिर्फ चुनिंदा मजबूत स्टॉक्स पर ही नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। जल्दबाजी में भारी पूंजी लगाने के बजाय गिरावट थमने और बाजार स्थिर होने की प्रतीक्षा करना बेहतर रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
घरेलू बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे विदेशी बाजारों में जारी बिकवाली, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक नीतियां प्रमुख कारण रहीं।

- **मिडल ईस्ट में युद्ध की आशंका:** पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के डर ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की धारणा को गंभीर रूप से आहत किया। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर इक्विटी जैसे जोखिम भरे निवेश से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला गया।
- **यूएस फेड और मंदी का खतरा:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती में संभावित देरी को लेकर गहरी चिंताएं पैदा हो गई हैं। विश्लेषकों को डर है कि लंबे समय तक उच्च दरें रहने से अमेरिका में मंदी आ सकती है, जिससे विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी समेटने लगे।
- **वैश्विक बाजारों में मंदी की लहर:** यूरोप और एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में सुबह से ही जोरदार बिकवाली हावी रही। दुनिया भर के वित्तीय केंद्रों से मिले कमजोर रुझानों के चलते भारतीय बाजार भी विदेशी दबाव से खुद को अलग नहीं रख पाए।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 2200 अंकों से अधिक तथा निफ्टी 50 में लगभग 700 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।

### 2. इंडिया विक्स में कितनी बढ़ोतरी हुई और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इंडिया विक्स 52 प्रतिशत उछलकर 20 के पार पहुंच गया, जो अगस्त 2015 के बाद का सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल है और बाजार में अत्यधिक भय का संकेत देता है।

### 3. बाजार में भारी गिरावट के प्रमुख कारण क्या थे?
मिडल ईस्ट में युद्ध छिड़ने की आशंका, यूएस फेड द्वारा दर कटौती में देरी और अमेरिका में मंदी का खतरा इस गिरावट के मुख्य कारण रहे।

### 4. कितने शेयरों में लोअर सर्किट लगा और उनमें कौन से प्रमुख नाम शामिल थे?
बीएसई के लगभग 500 शेयरों में लोअर सर्किट लगा, जिनमें रिलायंस पावर, कोचीन शिपयार्ड, जयप्रकाश पावर, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, वारी रिन्यूएबल और स्वान एनर्जी शामिल हैं।

### 5. बाजार विशेषज्ञ प्रकाश दीवान ने निवेशकों को क्या सलाह दी?
प्रकाश दीवान ने कहा कि यह सप्ताह कठिन रहेगा और वैश्विक संकेतों को देखते हुए घरेलू बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक गतिविधियों पर ध्यान देना बेहतर होगा।

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