# नागालैंड में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत, पुलिस ने 3,000 बोतलें कीं जब्त

> नागालैंड के मोकोकचुंग और ट्यूएनसांग जिलों में संदिग्ध अवैध शराब पीने से 19 लोगों की जान चली गई है। पुलिस ने मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार कर करीब 3,000 शराब की बोतलें बरामद की हैं और एसआईटी जांच बैठा दी है।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/19-dead-in-nagaland-after-consuming-suspected-illicit-liquor-3-000-bottles-seized-38977 · **Language:** Hindi
**Tags:** नागालैंड शराब कांड, मोकोकचुंग, ट्यूएनसांग, नागालैंड पुलिस, अवैध शराब, शराबबंदी

नागालैंड के दो अलग-अलग जिलों में कथित तौर पर जहरीली या मिलावटी शराब पीने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद राज्य के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में हड़कंप मच गया है, जिसके चलते पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और जब्ती अभियान चलाया है। पिछले दो दिनों के भीतर हुई इन मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, और प्रशासन अब इस अवैध धंधे की तह तक जाने की कोशिश में जुटा हुआ है।

## जिलों के आंकड़े और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोकोकचुंग जिले में इस त्रासद घटना की वजह से कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि ट्यूएनसांग जिले में सबसे ज्यादा 11 लोगों की जान गई है। शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति से निपटने और पूरे मामले की तहकीकात करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने अब तक इस सिलसिले में 19 लोगों को हिरासत में लिया है और छापेमारी के दौरान लगभग 3,000 शराब की बोतलें जब्त की हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में अवैध शराब का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जिसे तोड़ने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हो गई हैं।

## विशेष जांच दल का गठन और फोरेंसिक जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है। इस एसआईटी की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आई बुंगलंग चांग को सौंपी गई है, जो इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि यह संदिग्ध और जहरीली शराब आखिर कहां से बनकर आई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वेसुप्रा केजो ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं। इसके अलावा, मौतों के असली कारणों का वैज्ञानिक और पुख्ता प्रमाण जुटाने के लिए शराब के नमूनों को गुवाहाटी स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

## कानूनी स्थिति और सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी

नागालैंड में साल 1990 से ही पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, जिसके बावजूद इस तरह की अवैध शराब की मौजूदगी और इतनी बड़ी तबाही ने कानून के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इन तमाम घटनाक्रमों के बीच एक सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऐसी शराब का सेवन करने से पूरी तरह बचें जो बिना लेबल की हो, जिसकी पहचान न हो सके या जिसके अवैध होने का जरा भी संदेह हो।

अधिकारियों ने लोगों को यह भी आगाह किया है कि शराब पीने के बाद यदि चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में तकलीफ होना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सहायता लें। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, हालांकि अभी विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक करना जल्दबाजी होगी।

## इसका आप पर असर
इस घटना का सीधा असर नागालैंड के आम नागरिकों और खासकर ग्रामीण व शहरी इलाकों में अवैध शराब के सेवन करने वालों पर पड़ा है, जिससे सख्त प्रशासनिक पाबंदियां और स्वास्थ्य चेतावनियां लागू हो गई हैं।

- **भारत में:** देश भर में पूर्ण शराबबंदी वाले राज्यों में अवैध शराब के कारोबार और उसकी सुरक्षा को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। सरकारें ऐसे मामलों के बाद जहरीली शराब के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियानों और निगरानी को तेज कर देती हैं।

- **नागालैंड में:** मोकोकचुंग और ट्यूएनसांग जिलों के स्थानीय निवासियों को अचानक कड़ी पुलिस छापेमारी और प्रशासनिक जांच का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता को किसी भी अज्ञात या संदिग्ध पेय पदार्थ से दूर रहने के लिए सख्त हिदायत दी गई है।

- **स्वास्थ्य सुरक्षा:** जिन लोगों ने हाल ही में किसी भी संदेहास्पद या बिना लेबल वाली शराब का सेवन किया है, उन्हें चक्कर आने या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा।

- **स्थानीय व्यापार:** अवैध शराब के सप्लायरों और तस्करों पर पुलिस की एसआईटी द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे राज्य में कालाबाजारी का नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

- **कानूनी शिकंजा:** पुलिस ने इस मामले में पहले ही 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
इस भीषण त्रासदी के पीछे का मुख्य कारण संदिग्ध और मिलावटी शराब का सेवन है, जिसने इतने कम समय में दो जिलों में कई जानें ले लीं। राज्य में लंबे समय से लागू शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार और उसकी घटिया गुणवत्ता ने इस स्थिति को जन्म दिया।

- **अवैध शराब का सेवन:** प्रारंभिक जांच के अनुसार पीड़ितों ने ऐसी शराब का सेवन किया था जो मिलावटी या जहरीली थी और बिना किसी मानक के तैयार की गई थी।

- **सप्लाई चेन की विफलता:** राज्य में साल 1990 से शराबबंदी लागू होने के बावजूद भूमिगत नेटवर्क के जरिए अवैध शराब की निरंतर आपूर्ति इस आपदा का एक बड़ा कारण बनी।

- **फोरेंसिक विश्लेषण:** मौत के सटीक और वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जब्त किए गए नमूनों को गुवाहाटी प्रयोगशाला में भेजा है, जिसकी रिपोर्ट से जहर के प्रकार का खुलासा होगा।

- **जांच और छापे:** पुलिस और विशेष जांच दल द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी से इस बात की परतें खुल रही हैं कि अवैध शराब का यह स्टॉक कहां से और कैसे आया था।

## सवाल-जवाब

### 1. नागालैंड में जहरीली शराब पीने से कुल कितने लोगों की मौत हुई है?
मोकोकचुंग और ट्यूएनसांग जिलों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कुल 19 लोगों की मौत हुई है।

### 2. किस जिले में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं?
ट्यूएनसांग जिले में सबसे ज्यादा 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि मोकोकचुंग में आठ लोगों की जान गई है।

### 3. इस मामले में पुलिस ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

### 4. छापेमारी के दौरान पुलिस ने कितनी शराब जब्त की है?
पुलिस ने विभिन्न छापों के दौरान लगभग 3,000 शराब की बोतलें जब्त की हैं।

### 5. इस पूरी घटना की जांच के लिए किसका गठन किया गया है?
इस घटना की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आई बुंगलंग चांग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।

### 6. जब्त की गई शराब के नमूनों को जांच के लिए कहां भेजा गया है?
शराब के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजा गया है ताकि मौतों का सटीक कारण पता चल सके।

### 7. नागालैंड में शराबबंदी का कानून कब से लागू है?
नागालैंड में साल 1990 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है।

### 8. पुलिस ने जनता के लिए क्या चेतावनी जारी की है?
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात, बिना लेबल वाली या संदिग्ध शराब का सेवन करने से बचें।

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