# दीमापुर में रिंग वेल की सफाई के दौरान दो लोगों की संदिग्ध गैस विषाक्तता से मौत

> नागालैंड के दीमापुर स्थित ओरिएंटल कॉलोनी में रिंग वेल साफ करने उतरे दो लोग संदिग्ध मीथेन गैस के रिसाव के चलते बेहोश हो गए, जिसके बाद एसडीआरएफ ने दोनों के शव बाहर निकाले।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/dimapur-men-ringa-vela-ki-saphai-ke-daurana-do-logon-ki-sndigdha-gaisa-vishaktata-se-mauta-44410 · **Language:** Hindi
**Tags:** दीमापुर, नागालैंड, एसडीआरएफ, रिंग वेल हादसा, मीथेन गैस, गैस विषाक्तता

नागालैंड के दीमापुर स्थित ओरिएंटल कॉलोनी में मंगलवार को एक पड़ोसी के आवास पर बने रिंग वेल की सफाई करने उतरे दो व्यक्तियों की जान चली गई। प्राथमिक आशंका के अनुसार, दोनों लोगों की मौत कुएं के भीतर जहरीली गैस की चपेट में आने की वजह से हुई। यह घटना उस समय पेश आई जब दोनों सफाई कार्य के सिलसिले में कुएं के भीतर दाखिल हुए और अचानक अचेत होकर वहीं गिर पड़े।

## बचाव अभियान और शवों की बरामदगी
घटना की जानकारी मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को दोपहर के समय सतर्क किया गया। एसडीआरएफ दल के कमांडर हवलदार येवुखु स्वू ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान 48 वर्षीय तोंगपांगकुमजुक और 26 वर्षीय पंगलोंग के रूप में की गई है।

कुएं की बनावट गहरी और संकरी होने के कारण बचाव कर्मियों को भीतर जाने और शवों को बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 2 बजे अपना राहत अभियान पूरा किया। आवश्यक पुलिस प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों शव संबंधित परिवारों को सौंप दिए गए।

## ऑक्सीजन की कमी और मीथेन गैस का खतरा
इस हादसे में जान गंवाने का प्राथमिक कारण मीथेन गैस के संपर्क में आना माना जा रहा है। मामले की जानकारी देते हुए हवलदार येवुखु स्वू ने समझाया कि किसी भी रिंग वेल की गहराई बढ़ने के साथ-साथ उसके भीतर ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने लगता है। ऐसी परिस्थितियों में गहरा और संकरा स्थान जानलेवा साबित हो जाता है, जिससे सफाई कार्य में जुटे लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जहरीली गैसों का शिकार बन जाते हैं।

## इसका आप पर असर
गहरे कुओं और बंद भूमिगत गड्ढों की बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई करना जानलेवा साबित हो सकता है।

- **नागालैंड में:** दीमापुर और आसपास के क्षेत्रों में कुएं या भूमिगत टैंक साफ कराने वाले परिवारों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि बिना उचित वेंटिलेशन या आपातकालीन सुरक्षा उपायों के किसी भी संकरे कुएं में न उतरें।
- **भारत भर में:** संकरे व गहरे कुओं में दम घुटने और मीथेन गैस के जमाव के मामलों से बचाव के लिए सुरक्षा नियम जरूरी हैं। ऐसे सीमित स्थानों में प्रवेश करने से पहले जहरीली गैस की जांच और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य होना चाहिए।
- **स्थानीय सफाईकर्मियों के लिए:** घरेलू स्तर पर गहरे कुओं में उतरने वाले कामगारों को बुनियादी सुरक्षा गियर और गैस टेस्टिंग का उपयोग करना चाहिए। सुरक्षित उपकरणों के अभाव में सफाई कार्य करने से तत्काल इनकार करना चाहिए।
- **आपातकालीन प्रतिक्रिया:** इस तरह की दुर्घटना की स्थिति में तुरंत स्थानीय आपदा राहत दल को सूचित करें। अप्रशिक्षित लोगों को बिना ऑक्सीजन मास्क के बचाव के लिए अंदर नहीं कूदना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
दीमापुर में यह दुखद हादसा गहरे रिंग वेल के भीतर प्राकृतिक रूप से जमा होने वाली जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण हुआ। संकरे व बंद स्थानों में हवा का प्रवाह न होने से यह स्थिति बनी।

- **सीधे कारण:** कुएं के भीतर मौजूद मीथेन गैस के संपर्क में आने से दोनों व्यक्ति अचेत हो गए। ऑक्सीजन की अचानक कमी होने के कारण वे समय रहते बाहर नहीं निकल सके।
- **भौगोलिक व संरचनात्मक स्थिति:** कुआं अत्यधिक गहरा और संकरा था, जिससे वहां ताजी हवा का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध था। एसडीआरएफ कमांडर के अनुसार गहराई बढ़ने से प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो जाता है।
- **सुरक्षा जांच का अभाव:** कुएं में उतरने से पहले वायु गुणवत्ता की कोई पूर्व जांच या जहरीली गैसों की उपस्थिति का परीक्षण नहीं किया गया था। बिना सुरक्षा उपकरणों के संकरी जगह में दाखिल होना जानलेवा साबित हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. दीमापुर में यह हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा नागालैंड के दीमापुर स्थित ओरिएंटल कॉलोनी में मंगलवार को एक पड़ोसी के आवास पर बने रिंग वेल में हुआ।

### 2. इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्तियों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान 48 वर्षीय तोंगपांगकुमजुक और 26 वर्षीय पंगलोंग के रूप में हुई है।

### 3. मृत्यु का प्राथमिक कारण क्या बताया गया है?
उनकी मौत का कारण कुएं के भीतर ऑक्सीजन की कमी और संदिग्ध मीथेन गैस के संपर्क में आने से दम घुटना माना गया है।

### 4. बचाव अभियान कब शुरू हुआ और कब समाप्त हुआ?
एसडीआरएफ की टीम को दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली और बचाव अभियान दोपहर 2 बजे तक पूरा हुआ।

### 5. बचाव दल को किस चुनौती का सामना करना पड़ा?
कुआं काफी गहरा और संकरा था, जिसके कारण राहत कर्मियों को शवों को बाहर निकालने में भारी कठिनाई हुई।

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