# दीपावली और गुरुपर्व से पहले दीमापुर पुलिस ने तय किए पटाखे चलाने के सख्त नियम

> दीमापुर पुलिस ने आगामी त्योहारों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत दीमापुर, चुमौकेदिमा और नियूलैंड जिलों में पटाखे चलाने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है और ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-10-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/dimapur-police-enforce-strict-firecracker-regulations-ahead-of-diwali-and-gurpurab-festivities-52667 · **Language:** Hindi
**Tags:** दीमापुर पुलिस, दिवाली पटाखे नियम, गुरुपर्व गाइडलाइन, नागालैंड समाचार, प्रदूषण नियंत्रण

दीमापुर पुलिस ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर पटाखों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत दीमापुर, चुमौकेदिमा और नियूलैंड जिलों में दीपावली और गुरुपर्व के अवसर पर केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे जलाने की अनुमति दी जाएगी।

बुधवार को दीमापुर के पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी इस निर्देश में स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे त्योहारों को जिम्मेदारी से मनाएं और पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाएं ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके। तय नियमों के अनुसार, क्रिसमस की पूर्व संध्या और नए साल की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक ही आतिशबाजी करने की छूट दी गई है।

पुलिस ने अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को साइलेंस जोन घोषित किया है और वहां किसी भी तरह के पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा ऐसे पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी जिनका आवाज स्तर चार मीटर की दूरी से मापने पर 125 डीबीए या 145 डीबीसी पीक से अधिक हो।

ऑनलाइन बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इन तीनों जिलों के भीतर पटाखों के किसी भी ऑर्डर को प्रोसेस न करें और न ही उनकी होम डिलीवरी करें। यदि कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रतिबंधित पटाखों की डिलीवरी करते पाया गया तो उसके खिलाफ प्रासंगिक कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केवल उन्हीं व्यापारियों को अनुमत ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाएगी जिनके पास वैध लाइसेंस और परमिट होंगे। घनी आबादी वाले इलाकों में व्यक्तिगत रूप से पटाखे जलाने की बजाय स्थानीय प्रशासन द्वारा चिह्नित खुले मैदानों में आयोजित होने वाले सामुदायिक आतिशबाजी कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया गया है ताकि प्रदूषण और भीड़भाड़ पर नियंत्रण रखा जा सके।

पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कड़ी नजर रखें, स्थानीय बाजारों का नियमित निरीक्षण करें और इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी और जनता से अपील की गई है कि वे त्योहारों के दौरान जनस्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन के दौरान दीमापुर, चुमौकेदिमा और नियूलैंड जिलों के आम नागरिकों और व्यापारियों पर इन नए नियमों का सीधा और व्यावहारिक असर पड़ेगा।

- **दीमापुर में:** लोगों को दीवाली और गुरुपर्व पर केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी, जिसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इन नियमों का पालन स्थानीय बाजारों और रिहायशी इलाकों के सभी निवासियों को अनिवार्य रूप से करना होगा।
- **व्यापारियों के लिए:** केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारी ही वैध परमिट के साथ ग्रीन पटाखों की बिक्री कर सकेंगे, जबकि ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से पटाखों की डिलीवरी पूरी तरह बंद कर दी गई है।
- **साइलेंस जोन के पास:** अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे इन संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनी रहेगी।
- **सार्वजनिक सुरक्षा:** भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए खुले मैदानों में सामुदायिक आयोजनों में शामिल होना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहरों के दौरान बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

- **प्रदूषण नियंत्रण:** सर्दियों के मौसम में दीवाली और गुरुपर्व के दौरान अत्यधिक आतिशबाजी से हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित होती है, जिसे नियंत्रित करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।
- **कानूनी अनुपालन:** उच्चतम न्यायालय और पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा (125 डीबीए और 145 डीबीसी) का पालन कराना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है।
- **सार्वजनिक स्वास्थ्य:** अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के पास शांति बनाए रखने तथा मरीजों और छात्रों को पटाखों के शोर व धुएं से बचाने के लिए साइलेंस जोन नियम लागू किए गए हैं।
- **ऑनलाइन बिक्री पर रोक:** बिना लाइसेंस के अवैध रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पटाखों की अनियंत्रित आपूर्ति रोकने के लिए ई-कॉमर्स डिलीवरी पर प्रतिबंध लगाया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. दीमापुर पुलिस ने किन जिलों के लिए नए पटाखे के नियम जारी किए हैं?
दीमापुर पुलिस ने दीमापुर, चुमौकेदिमा और नियूलैंड जिलों के लिए ये नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

### 2. दीवाली और गुरुपर्व पर पटाखे चलाने का समय क्या तय किया गया है?
दीवाली और गुरुपर्व के दिन केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी।

### 3. क्रिसमस और नए साल पर पटाखे चलाने के लिए क्या समय तय किया गया है?
क्रिसमस की पूर्व संध्या और नए साल की पूर्व संध्या पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे।

### 4. साइलेंस जोन का दायरा कितना तय किया गया है?
अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों से 100 मीटर के दायरे को साइलेंस जोन माना गया है।

### 5. क्या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पटाखे मंगवाए जा सकते हैं?
नहीं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इन जिलों में पटाखों के ऑर्डर प्रोसेस करने और डिलीवरी करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

### 6. किस तरह के पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है?
केवल वैध लाइसेंस और परमिट धारक व्यापारियों को ही अनुमत ग्रीन पटाखों की बिक्री करने की अनुमति है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._