# कोहिमा के सभी धार्मिक स्थलों में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच अनिवार्य, आदेश जारी

> कोहिमा जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए रैंप, ब्रेल संकेत और बाधा-मुक्त रास्ते बनाने के निर्देश दिए हैं। आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/kohima-ke-sabhi-dharmika-sthalon-men-divyanga-shraddhaluon-ke-lie-sugama-pahuncha-anivarya-adesha-jari-32920 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोहिमा, नागालैंड, दिव्यांगजन अधिकार, RPwD Act 2016, धार्मिक स्थल, बी हेनोक बुचम

कोहिमा जिले के समस्त धार्मिक संस्थानों और पूजा स्थलों में दिव्यांग जनों के लिए पूर्ण और समान पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है। कोहिमा के उपायुक्त बी हेनोक बुचम ने हाल ही में एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए सभी धार्मिक स्थलों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के दिव्यांग श्रद्धालुओं के प्रति हर प्रकार के भेदभाव को समाप्त करें। यह नया निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि सभी नागरिक बिना किसी बाधा के धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें।

## कानूनी प्रावधान और अधिकार अधिनियम
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने धार्मिक स्थलों पर लोकोमोटर दिव्यांगता से ग्रसित लोगों के साथ होने वाले असमान व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इसी पृष्ठभूमि में कोहिमा प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। उपायुक्त के अनुसार, दिव्यांगजनों के प्रवेश में बाधा डालना या उनके साथ अलग व्यवहार करना दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (RPwD Act) का स्पष्ट उल्लंघन है। यह अधिनियम हर दिव्यांग व्यक्ति को समानता, सम्मानपूर्ण व्यवहार और बाधा-मुक्त वातावरण पाने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है।

## आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुगम सुविधाएं
प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि धार्मिक परिसरों के प्रबंधन को बिना समय गंवाए बुनियादी ढांचे में आवश्यक सुधार करने होंगे। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं

- **रैंप और सुरक्षा रेलिंग:** प्रवेश और निकास मार्गों पर उपयुक्त ढलान वाले रैंप और सहारे के लिए मजबूत हैंडरेल का निर्माण।
- **बाधा रहित आवाजाही:** परिसर के भीतर मौजूद सभी भौतिक रुकावटों को हटाना तथा जहां भी संभव हो सीढ़ी-रहित समतल रास्ते उपलब्ध कराना।
- **दृश्य और श्रव्य सहायता:** दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल लिपि वाले संकेत, टैक्टाइल मैप्स और सुनने में समस्या वाले लोगों के लिए ऑडियो सहायता प्रणालियों की स्थापना।
- **त्योहारों में विशेष व्यवस्था:** धार्मिक मेलों, उत्सवों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले दिनों में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश और ठहरने का प्रबंध करना।

## जागरूकता प्रशिक्षण और दंडात्मक प्रावधान
प्रशासन ने सभी प्रबंधन समितियों, धार्मिक ट्रस्टों, चर्च एसोसिएशनों और पुजारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों तथा कार्यकर्ताओं को आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम के तहत संवेदित करें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं पर आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 की धारा 89 के तहत जुर्माना लगाया जाएगा और अन्य कानूनी धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
इस आदेश से कोहिमा जिले में रहने वाले दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को धार्मिक स्थलों पर जाने के दौरान होने वाली असुविधाओं से मुक्ति मिलेगी और उनके अधिकार सुरक्षित होंगे।

- **भारत भर में:** यह निर्देश देश भर में सार्वजनिक और धार्मिक परिसरों में दिव्यांगजनों के लिए सुगम बुनियादी ढांचा तैयार करने के अभियान को मजबूत करता है। इससे अन्य जिलों को भी ऐसे कदम उठाने की प्रेरणा मिलेगी।
- **कोहिमा में:** कोहिमा के सभी धार्मिक स्थलों पर अब रैंप, ब्रेल संकेत और सहायता तंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय दिव्यांग श्रद्धालुओं को त्यौहारों और आम दिनों में सुचारू प्रवेश मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद कोहिमा प्रशासन ने यह कदम उठाया है, जहां धार्मिक स्थलों पर दिव्यांगजनों से जुड़े भेदभाव की शिकायतें आई थीं।

- **मंत्रालय की चिंताएं:** केंद्रीय मंत्रालय ने धार्मिक परिसरों में लोकोमोटर दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के साथ होने वाले असमान व्यवहार की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
- **कानूनी बाध्यता:** दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर बिना किसी भेदभाव के सुगम पहुंच प्रदान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

## सवाल-जवाब

### 1. कोहिमा प्रशासन ने धार्मिक स्थलों के लिए क्या आदेश दिया है?
कोहिमा जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए रैंप, ब्रेल संकेत और बाधा-मुक्त पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

### 2. यह आदेश किस कानून के तहत जारी किया गया है?
यह आदेश दिव्यांगजन अधिकार (RPwD) अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।

### 3. धार्मिक स्थलों में बुनियादी ढांचे से जुड़े क्या बदलाव करने होंगे?
धार्मिक संस्थानों को रैंप, मजबूत हैंडरेल, ब्रेल लिपि के संकेत, टैक्टाइल मैप्स और ऑडियो सहायता प्रणालियां स्थापित करनी होंगी।

### 4. आदेश का पालन न करने पर क्या परिणाम होंगे?
दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले प्रबंधन समितियों और संस्थानों के खिलाफ RPwD अधिनियम 2016 की धारा 89 के तहत कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

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