नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने विधानसभा तक निकाला मार्च, वंदे मातरम के अनिवार्य गान का किया विरोध नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने नागालैंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वंदे मातरम के अनिवार्य गान के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। संगठन का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और अंतरात्मा के खिलाफ है। नगालैंड की राजधानी कोहिमा में नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन के सदस्यों ने राज्य विधानसभा की ओर एक कड़ा मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के अनिवार्य गान और गायन के खिलाफ एक स्पष्ट प्रस्ताव पारित करने की मांग करना था। ईसाई बहुसंख्यक इस राज्य में मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्र संगठन ने नागा सॉलिडैरिटी पार्क से अपनी इस विरोध यात्रा की शुरुआत की और विधानसभा परिसर तक पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान का हवाला संगठन के अध्यक्ष एमटीसुडिंग ने स्पष्ट किया कि नगा समुदाय के धार्मिक विश्वासों और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज या अन्य आधिकारिक राष्ट्रीय प्रतीकों से उनका कोई विरोध नहीं है, बल्कि आपत्ति केवल वंदे मातरम को अनिवार्य रूप से थोपे जाने को लेकर है। छात्र निकाय का तर्क है कि इस गीत में मौजूद धार्मिक बिंब गैर-हिंदू समुदायों के नागरिकों की आस्था और अंतरात्मा को प्रभावित कर सकते हैं। संवैधानिक सुरक्षा और विशेष प्रावधान फेडरेशन ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371ए का विशेष रूप से उल्लेख किया है, जो नगालैंड को विशेष संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करता है। संगठन का कहना है कि नगा लोगों की सामाजिक और धार्मिक परंपराओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सरकारी नीति या निर्देश को इन संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में ही परखा जाना चाहिए। इससे पहले भी छात्र समूहों ने आधिकारिक कार्यक्रमों में शांतिपूर्ण तरीके से असहयोग कर अपना विरोध दर्ज कराया है, जिसमें नागालैंड विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम शामिल हैं। विधानसभा में रिपोर्ट पेश करने की मांग छात्र संगठन ने राज्य सरकार से यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए नागालैंड विधानसभा द्वारा गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट को बिना किसी देरी के सदन के पटल पर रखा जाए। अपने ज्ञापन के माध्यम से फेडरेशन ने आग्रह किया है कि इस गंभीर विषय पर विधानसभा के भीतर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और विधायकों को ऐसा कोई प्रस्ताव पारित करना चाहिए जो किसी की भी धार्मिक आस्था या अंतरात्मा के विरुद्ध हो। इसके साथ ही, यह भी मांग की गई है कि अपनी अंतरात्मा के अधिकार का शांतिपूर्ण उपयोग करने वाले किसी भी छात्र, कर्मचारी या नागरिक के खिलाफ कोई भी प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसका आप पर असर यह विरोध प्रदर्शन नागालैंड में सरकारी आयोजनों और प्रशासनिक नीतियों के संचालन के तरीके को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। • भारत में: देश भर में आधिकारिक कार्यक्रमों में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल और सांस्कृतिक अनुपालन के तौर-तरीकों पर बहस तेज हो सकती है। • कोहिमा में: स्थानीय नागरिकों, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को आगामी आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के गान से जुड़ी नई प्रशासनिक या विधायी गाइडलाइंस का सामना करना पड़ सकता है। • छात्रों और युवाओं के लिए: शैक्षणिक संस्थानों और आधिकारिक आयोजनों में छात्रों की उपस्थिति और भागीदारी के नियमों पर स्पष्टता आ सकती है। • प्रशासनिक स्तर पर: राज्य सरकार और विधानसभा पर इस मुद्दे पर औपचारिक चर्चा करने तथा सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पेश करने का दबाव बढ़ गया है। सवाल-जवाब 1. नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने कोहिमा में क्या विरोध प्रदर्शन किया? फेडरेशन ने आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के अनिवार्य गान के खिलाफ नागालैंड विधानसभा तक मार्च निकाला। 2. इस विरोध प्रदर्शन के पीछे संगठन का मुख्य तर्क क्या है? संगठन का तर्क है कि अनिवार्य गान धार्मिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत अंतरात्मा और नगा लोगों के विश्वासों के खिलाफ है। 3. क्या संगठन का विरोध राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय ध्वज के खिलाफ है? नहीं, छात्र निकाय ने स्पष्ट किया है कि उनकी आपत्ति केवल वंदे मातरम तक सीमित है और वे राष्ट्रीय गान या ध्वज का अनादर नहीं करते हैं। 4. फेडरेशन ने संविधान के किस अनुच्छेद का हवाला दिया है? संगठन ने नगालैंड के विशेष सुरक्षा प्रावधानों से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 371ए का हवाला दिया है। 5. छात्र संगठन की राज्य सरकार से क्या प्रमुख मांग है? संगठन ने विधानसभा द्वारा गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट को सदन में तुरंत पेश करने और इस पर चर्चा कराने की मांग की है। https://trendkia.com/nagaland/naga-studentsa-phedareshana-ne-nagaland-vidhanasabha-taka-nikala-marcha-vnde-matarama-ke-anivarya-gana-ka-kiya-virodha-25554 TrendKia — Har trend, sabse pehle.