# नागालैंड के किफ़िरे में तिमखिर और यिमखियुंग समुदाय आपस में भिड़े, गोलीबारी में एक की मौत

> नागालैंड के किफ़िरे जिले में त्योहार मनाने को लेकर दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कई घरों में आग लगा दी गई।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/nagaland-ke-kiphire-men-tikhir-aura-yimkhiung-samudaya-apasa-men-bhire-golibari-men-eka-ki-mauta-46377 · **Language:** Hindi
**Tags:** नागालैंड, किफ़िरे, तिमखिर जनजाति, यिमखियुंग जनजाति, कानून व्यवस्था, ईएनपीओ

नागालैंड के किफ़िरे जिले में तिमखिर और यिमखियुंग समुदायों के बीच गंभीर हिंसक झड़प सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। इस टकराव के दौरान कई रिहायशी मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी नए उपद्रव को समय रहते रोका जा सके।

## त्योहार के आयोजन को लेकर उपजा विवाद
जिले के उन गांवों में तनाव अचानक भड़क उठा जहां दोनों समुदाय साथ मिलकर रहते हैं। विवाद की मुख्य वजह तिमखिर समुदाय के सदस्यों द्वारा एक पारंपरिक त्योहार का आयोजन करना रहा। इस उत्सव को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। शनिवार को लोंगत्सुंगर इलाके में दोनों गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें एक शख्स ने अपनी जान गंवा दी और दूसरा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इसके अलावा, जाओंगर गांव में संपत्तियों और मकानों को जलाए जाने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

## पुंगरो सब-डिवीजन में निषेधाज्ञा लागू
हिंसा के और अधिक फैलने तथा शांति व्यवस्था पूरी तरह भंग होने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। किफ़िरे जिला प्रशासन ने पुंगरो सब-डिवीजन के संवेदनशील हिस्सों में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत लोगों के एक जगह जुटने और गैर-कानूनी गतिविधियों पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

## शांति बहाली और बातचीत की अपील
नागालैंड के उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन, जिनके पास गृह विभाग का प्रभार भी है, ने दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के मतभेदों को केवल शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।

क्षेत्र की शीर्ष आदिवासी संस्था ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) ने भी सभी जनजातियों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। ईएनपीओ के अध्यक्ष चिंगमाक चांग ने यिमखियुंग और तिमखिर दोनों जनजातीय परिषदों से तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया, ताकि हिंसा को फौरन रोककर क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

## इसका आप पर असर
किफ़िरे जिले के प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा और आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है।

- **किफ़िरे और पुंगरो में:** पुंगरो सब-डिवीजन के संवेदनशील क्षेत्रों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने से सभाओं और खुले आवागमन पर पाबंदी रहेगी। स्थानीय निवासियों को घरों में रहने और प्रशासन के अगले निर्देशों तक अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह है।
- **भारत में:** सीमावर्ती और जनजातीय इलाकों में अंतर-सामुदायिक तनाव के मद्देनजर प्रशासन सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर अलर्ट पर है। पूर्वोत्तर में यात्रा या काम के सिलसिले में जाने वाले लोगों को संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय सुरक्षा परामर्श पर नजर रखनी चाहिए।
- **प्रभावित ग्रामीणों के लिए:** आगजनी में कई मकान जलने के कारण विस्थापित परिवारों के लिए आश्रय और राहत व्यवस्था तत्काल चुनौती बनेगी। दोनों जनजातीय परिषदों की आगामी बैठकों से ही सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी।
- **कानून व्यवस्था की स्थिति:** संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि से बचने के लिए नागरिकों से अपील की गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
किफ़िरे जिले के मिश्रित आबादी वाले गांवों में एक त्योहार के आयोजन को लेकर दोनों समुदायों के बीच असहमति पैदा हुई, जिसने हिंसक रूप ले लिया।

- **विवाद का तात्कालिक कारण:** साझा गांवों में तिमखिर समुदाय द्वारा एक त्योहार मनाए जाने को लेकर यिमखियुंग और तिमखिर गुटों के बीच मतभेद शुरू हुआ। यह विवाद संवाद से सुलझने के बजाय दोनों पक्षों में झड़प और गोलीबारी में तब्दील हो गया।
- **हिंसा का फैलाव:** शनिवार को लोंगत्सुंगर में हुई गोलीबारी के बाद तनाव जाओंगर गांव तक फैल गया, जहां कई घरों में आगजनी की गई। एक व्यक्ति की मौत और संपत्ति के नुकसान के बाद स्थिति और गंभीर हो गई।
- **प्रशासनिक हस्तक्षेप:** आगे और टकराव न भड़के, इसके लिए पुंगरो सब-डिवीजन में निषेधाज्ञा लागू की गई और अतिरिक्त बल भेजा गया। जनजातीय नेताओं और सरकार ने अब वार्ता के जरिए शांति बहाली पर जोर दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. नागालैंड के किस जिले में यह हिंसक झड़प हुई?
यह झड़प नागालैंड के किफ़िरे जिले में तिमखिर और यिमखियुंग समुदायों के बीच हुई।

### 2. इस हिंसा में कितने लोगों की जान गई और कितने घायल हुए?
गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है।

### 3. हिंसा किस विवाद की वजह से शुरू हुई?
दोनों समुदायों के साझे गांवों में तिमखिर समुदाय द्वारा एक त्योहार मनाने को लेकर उपजे विवाद के कारण हिंसा भड़की।

### 4. प्रशासन ने किन क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लगाई है?
किफ़िरे जिला प्रशासन ने पुंगरो सब-डिवीजन के संवेदनशील हिस्सों में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू की हैं।

### 5. गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने क्या अपील की?
उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने, पुलिस प्रशासन का सहयोग करने और शांतिपूर्ण बातचीत से मसले हल करने की अपील की।

### 6. ईएनपीओ के अध्यक्ष चिंगमाक चांग ने क्या कदम उठाने को कहा?
उन्होंने यिमखियुंग और तिमखिर जनजातीय परिषदों से हिंसा को तत्काल रोकने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया।

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