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  "type": "article",
  "title": "हॉर्नबिल महोत्सव से पहले नगालैंड ने केंद्र से प्रोटेक्टेड एरिया परमिट पूरी तरह हटाने की उठाई मांग",
  "summary": "नगालैंड सरकार ने पर्यटन, बाहरी निवेश और स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से प्रोटेक्टेड एरिया परमिट व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की अपील की है।",
  "content": "पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करने के इरादे से नगालैंड सरकार ने केंद्र सरकार के सामने प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) व्यवस्था को पूरी तरह वापस लेने की मांग रखी है। राज्य प्रशासन का तर्क है कि इस तरह के कड़े प्रतिबंधों की वजह से विदेशी सैलानियों के राज्य में आने पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में निवेश के नए अवसरों और स्थानीय आर्थिक विकास में बाधा आ रही है। राज्य चाहता है कि आगामी प्रसिद्ध हॉर्नबिल महोत्सव की शुरुआत से पहले इस नियम को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए ताकि बाहरी यात्रियों के आगमन में किसी तरह की अड़चन न रहे।\n\nनई दिल्ली में गृह मंत्री के समक्ष उठाया गया मामला\nपर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने बताया कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने हाल ही में नई दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है। इससे पहले सितंबर महीने में नगालैंड विधानसभा के भीतर भी इस मसले पर गहन विमर्श किया गया था। सरकारी कॉलेज बैंड प्रतियोगिता, कैंपस क्लैश 2026 के उद्घाटन अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने साझा किया कि गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि वह इस पूरे मामले की गहन समीक्षा करेंगे और जल्द से जल्द आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा।\n\nराष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य की प्रबंधन क्षमता\nतेमजेन इम्ना अलोंग ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं, लेकिन राज्य सरकार यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की सुचारु व्यवस्था और प्रबंधन संभालने में पूरी तरह समर्थ है। उन्होंने रेखांकित किया कि नगालैंड लंबे समय से इस परमिट व्यवस्था को पूरी तरह हटाने की मांग कर रहा है ताकि पर्यटन क्षेत्र की क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके। उनके अनुसार, नगालैंड का पर्यटन अब केवल दस दिनों तक चलने वाले वार्षिक हॉर्नबिल महोत्सव तक ही सीमित नहीं रह गया है। राज्य की अनोखी जनजातीय संस्कृति, समृद्ध परंपराएं और अनूठी विरासत अब साल भर दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।\n\nसीमा सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर\nअरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीनी सैन्य गतिविधियों की खबरों और नगालैंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि भारत के सशस्त्र बल सीमाओं से जुड़ी हर चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक संसाधनों से पूरी तरह सुसज्जित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं और प्रोटेक्टेड एरिया परमिट का विषय दो बिल्कुल अलग मामले हैं। उन्होंने शांति और विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि परमिट हटने से विदेशी यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, निजी निवेश आएगा और पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को पर्यटन उद्यम शुरू करने का मौका मिलेगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कों से जुड़ सकेंगे।\n\nहॉर्नबिल महोत्सव 2026 और मोरुंग का रखरखाव अनुदान\nकिसामा स्थित नगा हेरिटेज विलेज में 1 दिसंबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय हॉर्नबिल महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर मंत्री ने बताया कि उद्घाटन समारोह के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए सभी जरूरी प्रशासनिक दस्तावेज और पत्राचार तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की पहली जनजातीय राष्ट्रपति की उपस्थिति राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगी। इसके अलावा, पारंपरिक मोरुंग के रखरखाव के लिए मौजूदा 1.5 लाख रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता को बढ़ाने की जनजातीय संगठनों की मांग पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे संज्ञान में लिया है और हाई पावर कमेटी के जरिए इस पर विचार किया जाएगा।\n\nफ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी विधेयक पर सहमति\nपूर्वी नगालैंड के विकास से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए मंत्री ने फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का स्वागत किया। उन्होंने इस क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकार पूर्वी जिलों को राज्य के बाकी हिस्सों के बराबर समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त किया।\n\nइसका आप पर असर\nप्रोटेक्टेड एरिया परमिट हटने से नगालैंड में विदेशी सैलानियों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।\n\n• भारत में: उत्तर-पूर्व के सीमावर्ती राज्यों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और शोधकर्ताओं के प्रवेश नियमों को सरल बनाने की दिशा में एक नया राष्ट्रीय दृष्टिकोण तैयार हो सकता है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा ऑपरेटरों के लिए पूरे क्षेत्र के टूर पैकेज डिजाइन करना अधिक सुगम हो जाएगा।\n• नगालैंड में: परमिट व्यवस्था समाप्त होने पर विदेशी यात्रियों को जटिल औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी और वे साल भर यहां आ सकेंगे। इसका सीधा लाभ स्थानीय होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों, गाइडों और पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नए उद्यम शुरू करने में मिलेगा।\n• जनजातीय समूहों के लिए: किसामा के हेरिटेज विलेज में पारंपरिक मोरुंग के रखरखाव भत्ते में संभावित वृद्धि से सांस्कृतिक धरोहरों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा। इससे भाग लेने वाली विभिन्न जनजातियां अपनी कला, भोजन और संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित कर सकेंगी।\n• व्यापार और निवेश: राज्य में विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से हॉस्पिटैलिटी और एविएशन क्षेत्र में नए निजी निवेश के रास्ते खुलेंगे। इससे स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनगालैंड सरकार पर्यटन को वर्षभर चलने वाले आर्थिक मॉडल में बदलना चाहती है, जिसमें कड़े परमिट नियम एक बड़ी बाधा बन रहे हैं।\n\n• पर्यटन विस्तार की मांग: राज्य में पर्यटकों का आना अब केवल हॉर्नबिल महोत्सव तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि विदेशी सैलानी साल भर यहां की जनजातीय संस्कृति देखने आ रहे हैं। वर्तमान परमिट नियमों की जटिल प्रक्रियाओं के चलते कई विदेशी यात्री नगालैंड आने की योजना रद्द कर देते हैं।\n• आर्थिक अवसर और रोजगार: राज्य में शिक्षित बेरोजगार युवाओं की बड़ी संख्या है, जिन्हें पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में स्थायी रोजगार व उद्यम स्थापित करने के लिए विदेशी यात्रियों के निरंतर प्रवाह की जरूरत है। प्रतिबंध हटने से निजी निवेश का रास्ता साफ होगा।\n• राजनीतिक और प्रशासनिक पहल: सितंबर में नगालैंड विधानसभा में इस विषय पर गहन चर्चा हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने नई दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष औपचारिक रूप से यह मांग उठाई। केंद्र ने इस मामले की गहन समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नगालैंड सरकार केंद्र से किस व्यवस्था को हटाने की मांग कर रही है?\nनगालैंड सरकार विदेशी पर्यटकों पर लागू प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) व्यवस्था को पूरी तरह हटाने की मांग कर रही है।\n\n2. मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने यह मुद्दा किसके समक्ष उठाया?\nमुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर यह मामला उठाया।\n\n3. हॉर्नबिल महोत्सव 2026 के उद्घाटन के लिए किसे मुख्य अतिथि बनाने की तैयारी है?\nराज्य सरकार 1 दिसंबर को शुरू होने वाले उद्घाटन समारोह के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की प्रक्रिया में है।\n\n4. जनजातीय संगठन पारंपरिक मोरुंग के रखरखाव के लिए क्या मांग कर रहे हैं?\nजनजातीय संगठनों ने किसामा में पारंपरिक मोरुंग के रखरखाव के लिए वर्तमान 1.5 लाख रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता को बढ़ाने की मांग की है।\n\n5. अरुणाचल सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर पर्यटन मंत्री ने क्या कहा?\nमंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और सीमा सुरक्षा तथा परमिट व्यवस्था अलग-अलग विषय हैं।\n\n6. राष्ट्रपति ने हाल ही में किस महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दी है?\nराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) विधेयक को अपनी मंजूरी दी है।",
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