{
  "type": "article",
  "title": "नागालैंड में खराब सड़कों को लेकर एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने जताई चिंता",
  "summary": "नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे के निर्माण में खराब गुणवत्ता और देरी का आरोप लगाते हुए एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग की है। फेडरेशन ने सड़क सुरक्षा और मानसून की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।",
  "content": "नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने नेशनल हाइवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचआईडीसीएल को डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में हटाने की सख्त मांग उठाई है। फेडरेशन ने रविवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा कि इस मार्ग पर घटिया निर्माण कार्य, लंबे समय से चल रही देरी और खराब रखरखाव के कारण यात्रियों की जान खतरे में पड़ रही है। संगठन ने सड़क की बदहाली को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।\n\nमेडजीफेमा-पेडुचा खंड पर बदहाल स्थिति और हादसे\n\nफेडरेशन ने नेशनल हाईवे-29 के मेडजीफेमा से पेडुचा तक के हिस्से की खस्ता हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इस पूरे स्ट्रेच पर सड़क की सतह उखड़ चुकी है, ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है, और साइड स्ट्रक्चर्स तथा स्लोप प्रोटेक्शन का काम बेहद घटिया स्तर का है। इसके अलावा, रुकी हुई मरम्मत के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है।\n\nयात्रियों की सुरक्षा और मानसून के खतरे\n\nसंगठन के अनुसार, खासतौर पर रात के समय और मानसून के दिनों में यात्रियों को जानलेवा परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अपर्याप्त सुरक्षा उपायों और ढलानों को स्थिर करने के नाकाफी इंतजामों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये दुर्घटनाएं मुख्य रूप से पत्थरों के गिरने और सड़क से जुड़ी अन्य आपदाओं की वजह से हुई हैं।\n\nपैकेज-द्वितीय के पूर्णता प्रमाण पत्र पर सवाल\n\nएनएसएफ ने पैकेज-द्वितीय के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब परियोजना के कई अहम घटक अभी भी अधूरे हैं और हाईवे पर समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तब ऐसा प्रमाण पत्र कैसे जारी किया जा सकता है। मंत्रालय को इस पूरे मामले की गहन जांच करनी चाहिए कि किन परिस्थितियों में इस खंड को पूर्ण घोषित किया गया।\n\nडिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड और अन्य परियोजनाओं की स्थिति\n\nपाँच साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड यानी डीएलपी के तहत भी एनएचआईडीसीएल अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा है। साइड की दीवारों का ढहना, जल निकासी का अभाव, और सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढाँचे की कमियों को दूर नहीं किया गया है। संगठन का कहना है कि ये समस्याएँ केवल एक ही मार्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागालैंड की कई अन्य एनएचआईडीसीएल परियोजनाओं में भी ऐसी ही शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कोहिमा बाईपास, कोहिमा-माओ रोड, डिमापुर बाईपास, एनएच-29 के ढलान सुरक्षा कार्य, आकाश ब्रिज-जेसामी रोड यानी एनएच-202, और एनएच-129ए का पेरेन-डिमापुर खंड शामिल हैं।\n\nजिम्मेदारी तय करने और अनुबंध समाप्त करने की माँग\n\nफेडरेशन ने माँग की है कि यदि लापरवाही या घटिया निर्माण साबित होता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, सलाहकारों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य माँग यह है कि राज्य और केंद्र सरकारें डिमापुर-कोहिमा मार्ग के लिए एनएचआईडीसीएल का अनुबंध तुरंत समाप्त करें और इस परियोजना को या तो नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया यानी एनएचएआई या राज्य के लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दें।\n\nकोहिमा और डिमापुर के बीच का यह मार्ग नागालैंड और पड़ोसी राज्यों के लिए एक जीवन रेखा की तरह है, इसलिए संस्थागत प्राथमिकताओं से ऊपर उठकर आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nसड़क के खराब रखरखाव और देरी से नागालैंड के यात्रियों और स्थानीय निवासियों का सफर जोखिम भरा हो गया है।\n\n• भारत में: देश के पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।\n\n• नागालैंड में: डिमापुर और कोहिमा के बीच यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को सड़क के टूटे हुए हिस्सों, चट्टानें गिरने के जोखिम और मानसून के दौरान होने वाली कठिनाइयों से सीधा सामना करना पड़ता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह स्थिति खराब निर्माण मानकों और लचर निगरानी के कारण उत्पन्न हुई है।\n\n• घटिया निर्माण और रखरखाव: समय पर ड्रेनेज रखरखाव, स्लोप स्टेबिलाइजेशन और ढलान सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए जाने से सड़क की स्थिति लगातार खराब हुई है।\n\n• डीएलपी नियमों का पालन न होना: पाँच साल के डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के बावजूद संबंधित एजेंसी द्वारा पहचानी गई कमियों को ठीक करने में कोताही बरती गई।\n\n• अधूरे कार्यों का प्रमाणन: महत्वपूर्ण घटकों के लंबित रहने के बावजूद पैकेज-द्वितीय के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने किस संस्था को हटाने की मांग की है?\nफेडरेशन ने नेशनल हाइवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचआईडीसीएल को हटाने की मांग की है।\n\n2. यह विवाद मुख्य रूप से किस राजमार्ग से जुड़ा है?\nयह विवाद डिमापुर-कोहिमा चार-लेन हाईवे और नेशनल हाईवे-29 के मेडजीफेमा-पेडुचा खंड से जुड़ा हुआ है।\n\n3. फेडरेशन ने किस मंत्रालय से जांच की मांग की है?\nफेडरेशन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से जांच की मांग की है।\n\n4. परियोजना के लिए कौन से वैकल्पिक एजेंसियों के नाम सुझाए गए हैं?\nफेडरेशन ने इस परियोजना को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया या राज्य के लोक निर्माण विभाग को सौंपने की मांग की है।",
  "url": "https://trendkia.com/nagaland/nagaland-men-kharaba-sarakon-ko-lekara-nhidcl-ko-hatane-ki-manga-naga-students-federation-ne-jatai-chinta-32104",
  "category": "नागालैंड",
  "publishedAt": "2026-09-14",
  "tags": [
    "नागालैंड",
    "एनएचआईडीसीएल",
    "एनएसएफ",
    "डिमापुर कोहिमा हाईवे",
    "सड़क सुरक्षा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}