{
  "type": "article",
  "title": "नागालैंड में मोन मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, 65 फीसदी ढांचा तैयार",
  "summary": "नागालैंड के स्वास्थ्य मंत्री पी पैवांग कोन्याक ने मोन मेडिकल कॉलेज के बाकी बचे निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। परियोजना का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।",
  "content": "नागालैंड सरकार ने मोन जिले में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने की कवायद तेज कर दी है। निर्माण सत्र की शुरुआत होते ही राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पी पैवांग कोन्याक ने संबंधित निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि बची हुई परियोजना को बिना किसी अतिरिक्त विलंब के जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए। मंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारियों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को निर्माण स्थल का जमीनी जायजा लिया।\n\nपरियोजना की प्रगति और जमीनी समीक्षा\nइस निरीक्षण अभियान में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की आयुक्त एवं सचिव केविलिनो अंगामी, सचिव एस तैन्यू खियाम, प्रधान निदेशक डॉ केवेदुई थेयो, संयुक्त निदेशक डॉ कीका लोंगकुमेर और मेडिकल इंजीनियरिंग डिवीजन के कार्यपालक अभियंता ई. थेरूओवितुओ पिएन्यू शामिल रहे। टीम ने परिसर में प्रस्तावित शैक्षणिक ब्लॉकों, आवासीय इकाइयों, हेलीपैड और जल स्रोत से जुड़े बुनियादी ढांचों की विस्तार से जांच की।\n\nजिला अस्पताल को टीचिंग फैसिलिटी के अनुरूप ढालने पर जोर\nसमीक्षा बैठक के दौरान पी पैवांग कोन्याक ने जोर देकर कहा कि मोन जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के संबद्ध शिक्षण अस्पताल के रूप में चिन्हित किया गया है। लिहाजा, अस्पताल परिसर को राष्ट्रीय चिकित्सा मानकों के अनुरूप उन तमाम आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, क्लिनिकल सेवाओं और सहायक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाना अनिवार्य है जिनकी एक पूर्ण शिक्षण संस्थान को दरकार होती है। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी और निर्माण ठेकेदार को भरोसा दिलाया कि समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए राज्य प्रशासन हरसंभव संसाधन व प्रशासनिक सहयोग मुहैया कराएगा।\n\nमौसम की मार से आई रुकावट और नया लक्ष्य\nसमीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता थेरूओवितुओ पिएन्यू ने बताया कि परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत भौतिक निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। शेष कार्यों की समयसीमा पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में सीमित कार्य सत्र, लगातार प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और भूस्खलन की घटनाओं के कारण निर्माण सामग्री की ढुलाई बुरी तरह बाधित हुई, जिससे काम में देरी दर्ज की गई। इसी परिप्रेक्ष्य में निर्माण ठेकेदार ने संपूर्ण कार्य निपटाने के लिए करीब आठ महीने का अतिरिक्त समय मांगा है।\n\nस्थानीय ग्राम परिषद और भूस्वामियों संग संवाद\nनिरीक्षण दल ने कार्यस्थल पर निर्माण की गुणवत्ता और समग्र प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों ने मोन ग्राम परिषद के प्रतिनिधियों, स्थानीय भूस्वामियों और इंजीनियरिंग विंग के तकनीकी सदस्यों के साथ एक संयुक्त समन्वय बैठक की। इस बैठक में स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं के निराकरण और निर्माण को निर्बाध गति से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।\n\nइसका आप पर असर\nमोन मेडिकल कॉलेज के तेजी से पूरा होने से नागालैंड के दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा की उपलब्धता पर गहरा असर पड़ेगा।\n\n• भारत में: पूर्वोत्तर के दुर्गम जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से पूरे देश के क्षेत्रीय चिकित्सा संतुलन को मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर एमबीबीएस सीटों और योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य को भी इससे सीधा सहयोग प्राप्त होगा।\n• नागालैंड में: मोन और आसपास के जिलों के निवासियों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए लंबी और कठिन यात्राएं करने से राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह राज्य में आधुनिक चिकित्सा अध्ययन और क्लिनिकल प्रशिक्षण के अवसर सुलभ होंगे।\n• परियोजना की समयसीमा पर: निर्माण एजेंसी को अगले आठ महीनों में बचा हुआ 35 फीसदी काम पूरा करना होगा। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले सत्रों में जिले को पूरी तरह सुसज्जित शिक्षण अस्पताल मिलने का रास्ता साफ होगा।\n• स्थानीय रोजगार पर: परिसर के निर्माण और बाद में इसके नियमित संचालन से स्थानीय स्तर पर पैरामेडिकल, सपोर्ट स्टाफ और तकनीकी सेवाओं में नए रोजगार सृजित होंगे। इससे क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमोन मेडिकल कॉलेज के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश इसलिए जारी किए गए हैं ताकि अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर पिछली बाधाओं से हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।\n\n• प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौतियां: पहाड़ी जिले में भारी बारिश, लगातार प्रतिकूल मौसम और भूस्खलन के कारण निर्माण सामग्री की ढुलाई में गंभीर बाधाएं आईं। इन प्राकृतिक व्यवधानों ने निर्माण की सामान्य रफ्तार को कई महीनों तक धीमा कर दिया था।\n• सीमित कार्य सत्र: पूर्वोत्तर के इस पहाड़ी इलाके में निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त मौसम की खिड़की सीमित होती है। शुष्क मौसम की शुरुआत होते ही प्रशासनिक स्तर पर कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने की जरूरत महसूस हुई।\n• ठेकेदार द्वारा समय विस्तार की मांग: कार्यपालक अभियंता के अनुसार 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन पिछली देरी के चलते निर्माणकर्ता ने आठ महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। राज्य सरकार ने इस नए लक्ष्य को पूरा कराने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।\n• स्थानीय हितधारकों संग समन्वय: भूमि और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए ग्राम परिषद और जमीन मालिकों के साथ संवाद आवश्यक था। इस बैठक से परियोजना को निर्बाध स्थानीय सहयोग सुनिश्चित करने में मदद मिली है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मोन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अब तक कितना पूरा हुआ है?\nकार्यपालक अभियंता के अनुसार मेडिकल कॉलेज परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।\n\n2. परियोजना के निर्माण में देरी की मुख्य वजह क्या रही?\nसीमित कार्य सत्र, लगातार खराब मौसम और भूस्खलन के चलते निर्माण सामग्री के परिवहन में रुकावट आने से काम में विलंब हुआ।\n\n3. ठेकेदार ने काम पूरा करने के लिए कितना अतिरिक्त समय मांगा है?\nनिर्माण एजेंसी ने परियोजना के बाकी कार्यों को पूरा करने के लिए करीब आठ महीने का अतिरिक्त समय मांगा है।\n\n4. मेडिकल कॉलेज के शिक्षण अस्पताल के रूप में किसे तैयार किया जा रहा है?\nजिले के स्थानीय मोन जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के शिक्षण अस्पताल के तौर पर सभी जरूरी सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।\n\n5. निरीक्षण दल में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी शामिल थे?\nदल में स्वास्थ्य मंत्री पी पैवांग कोन्याक के साथ आयुक्त एवं सचिव केविलिनो अंगामी, सचिव एस तैन्यू खियाम और विभागीय निदेशक व अभियंता शामिल थे।",
  "url": "https://trendkia.com/nagaland/nagaland-men-mon-medical-college-ke-nirmana-men-teji-lane-ke-nirdesha-65-phisadi-dhancha-taiyara-41254",
  "category": "नागालैंड",
  "publishedAt": "2026-10-01",
  "tags": [
    "नागालैंड",
    "मोन मेडिकल कॉलेज",
    "पी पैवांग कोन्याक",
    "स्वास्थ्य विभाग",
    "चिकित्सा शिक्षा",
    "नागालैंड स्वास्थ्य"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}