# नागालैंड पुलिस ने शुरू की ई-चालान और ई-सुरक्षा डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन भरे जाएंगे ट्रैफिक जुर्माने

> नागालैंड में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भरने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए ई-चालान व ई-सुरक्षा प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/nagaland-police-ne-shuru-ki-e-challan-aura-esuraksha-dijitala-sevaen-nalaina-bhare-jaenge-traiphika-jurmane-40450 · **Language:** Hindi
**Tags:** नागालैंड पुलिस, ई-चालान, ई-सुरक्षा, ट्रैफिक चालान, परिवहन पोर्टल, रूपिन शर्मा

नागालैंड में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने और आम जनता की सहूलियत बढ़ाने के मकसद से दो नई डिजिटल प्रणालियों की शुरुआत की गई है। पुलिस महानिदेशक रूपिन शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए ई-चालान और ई-सुरक्षा प्लेटफॉर्म पेश किए जाने की घोषणा की। इन आधुनिक डिजिटल पहलों का मुख्य उद्देश्य पुलिस सेवाओं की पहुंच को अधिक सुगम बनाना, दैनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी करना और विभागीय जवाबदेही को पूरी तरह सुनिश्चित करना है।

## ई-चालान से नकद भुगतान और थानों के चक्कर से निजात
ई-चालान व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का जुर्माना चुकाने के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने या मौके पर नकद लेन-देन करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार की गई है और सीधे भारत सरकार के परिवहन पोर्टल से जुड़ी हुई है। जुर्माने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसमें कई आधुनिक डिजिटल भुगतान विकल्प दिए गए हैं। वाहन चालक क्यूआर कोड स्कैन करके या फोनपे, गूगल पे और भीम जैसे लोकप्रिय यूपीआई माध्यमों से सीधे जुर्माने का भुगतान कर सकेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने अथवा मामलों का निपटारा करने के लिए अधिकृत राज्य के सभी पुलिस कर्मियों को नागालैंड भर में ई-चालान प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है। इस पूरी डिजिटल व्यवस्था में प्रत्येक उल्लंघन का व्यापक ब्योरा दर्ज होगा, जिसमें कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी का नाम, अपराध की तारीख और समय, वाहन का पूरा पंजीकरण विवरण तथा उल्लंघन का प्रकार शामिल रहेगा। वाहन चालकों को कागजी चालान की जगह डिजिटल रसीद और चालान का विवरण एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा, जिसे वे सीधे ऑनलाइन डाउनलोड भी कर सकेंगे।

## लंबित जुर्मानों और वाहन दस्तावेजों पर पुलिस की चेतावनी
डीजीपी रूपिन शर्मा ने सभी वाहन मालिकों को बकाया ट्रैफिक जुर्माने समय पर चुकाने की सख्त सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई जुर्माना बिना भरा रह जाता है, तो उसका स्थायी रिकॉर्ड केंद्रीय परिवहन पोर्टल पर दर्ज रहेगा। इसके चलते भविष्य में जब भी वाहन मालिक अपनी गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति को बेचना या उसका मालिकाना हक ट्रांसफर करना चाहेंगे, तो उन्हें गंभीर प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसके साथ ही वाहन चालकों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके सभी वाहनों का वैध पंजीकरण हो और उनका बीमा कवरेज पूरी तरह सक्रिय रहे। निर्धारित नियमों का पालन न करने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित प्रावधानों के तहत वाहनों को जब्त या इंपाउंड करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

## ई-सुरक्षा के जरिए ऑनलाइन और गुमनाम शिकायत की सुविधा
नागालैंड पुलिस द्वारा पेश किया गया दूसरा प्रमुख प्लेटफॉर्म ई-सुरक्षा है, जिसे आम जनता की शिकायतों और सूचनाओं को सीधे पुलिस तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। इस ऑनलाइन चैनल के माध्यम से लोग किसी भी स्थान से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राज्य से बाहर रहने वाले नागरिक भी यदि नागालैंड के भीतर हुई किसी घटना की रिपोर्ट करना चाहते हैं, तो वे आसानी से इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

इस प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान उजागर करके अथवा पूरी तरह अज्ञात रहकर यानी अनाम तरीके से भी शिकायत दर्ज कराने का विकल्प प्रदान किया गया है। हालांकि, जो नागरिक अपनी पहचान गोपनीय रखने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें शिकायत पर हुई प्रगति या अंतिम परिणाम के संबंध में पुलिस द्वारा कोई नियमित अपडेट नहीं भेजा जा सकेगा। ई-सुरक्षा पोर्टल पर प्रत्येक शिकायत दर्ज होते ही एक विशिष्ट पावती संख्या जारी होगी, जिसकी सहायता से शिकायतकर्ता इंटरनेट के माध्यम से अपनी शिकायत की स्थिति पर लगातार नजर रख सकेंगे।

## सात दिन में प्रारंभिक जांच और निगरानी व्यवस्था
नए आपराधिक कानूनों के संदर्भ में डीजीपी ने रेखांकित किया कि यदि दर्ज शिकायत से किसी संज्ञेय अपराध का पता चलता है, तो पुलिस तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य होगी। जिन मामलों में सीधे एफआईआर के बजाय प्रारंभिक जांच की आवश्यकता होगी, वहां जांच प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से सात दिनों के भीतर पूरा करना होगा। प्रक्रिया में होने वाली किसी भी अनावश्यक देरी की जानकारी सिस्टम के जरिए तुरंत वरिष्ठ निगरानी अधिकारियों को दिखाई देगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहेगी।

## किरायेदार और होटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म पहले से सक्रिय
नागालैंड में करीब एक साल से दो अन्य डिजिटल प्रणालियां भी पहले से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं, जिनमें किरायेदार-मकान मालिक पंजीकरण प्रणाली और होटल ऑक्यूपेंसी पंजीकरण प्लेटफॉर्म शामिल हैं। डीजीपी ने मकान मालिकों और किरायेदारों से अपील की है कि वे निर्धारित पोर्टल पर अपना अनिवार्य पंजीकरण जल्द पूरा करें। इसके अलावा राज्य के सभी होटलों को भी अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक मेहमान का सही और अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

यह सारा डेटा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को संदिग्ध अपराधियों या अपराध पीड़ितों का पता लगाने में बेहद मददगार साबित होता है। साथ ही यह नियम अपराधियों को किराए के परिसरों अथवा होटल के कमरों में छिपकर अपनी पहचान छिपाने से भी रोकता है। इन चारों डिजिटल पहलों को एक साथ जोड़कर नागालैंड में पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और जवाबदेह पुलिसिंग प्रणाली स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
नागालैंड पुलिस द्वारा शुरू किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म से वाहन चालकों और आम नागरिकों को सीधे प्रशासनिक सुविधा मिलेगी।

- **भारत में:** नागालैंड से बाहर रहने वाले नागरिक भी राज्य के भीतर हुई किसी भी घटना की शिकायत घर बैठे ई-सुरक्षा पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। इसके जरिए उन्हें पुलिस शिकायत दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
- **नागालैंड में:** राज्य के वाहन चालकों को ट्रैफिक जुर्माने के भुगतान के लिए थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे फोनपे, गूगल पे या भीम यूपीआई से सीधे भुगतान कर सकेंगे। लंबित चालान परिवहन पोर्टल पर दर्ज रहेंगे, इसलिए जुर्माना समय पर न भरने पर गाड़ी बेचने या नाम ट्रांसफर करने में रुकावट आ सकती है।
- **शिकायतकर्ताओं के लिए:** नागरिक अपनी शिकायतें नाम बताकर या अज्ञात रहकर दर्ज करा सकते हैं और पावती संख्या से ऑनलाइन स्टेटस देख सकते हैं। यदि आप गुमनाम रहकर शिकायत दर्ज कराते हैं, तो पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का अपडेट आपको सीधे नहीं मिल सकेगा।
- **वाहन मालिकों के लिए:** गाड़ियों का वैध पंजीकरण और बीमा होना अनिवार्य है, ऐसा न होने पर वाहन जब्ती की कार्रवाई हो सकती है। अपने सभी वाहन दस्तावेजों की वैधता समय रहते जांच लें ताकि सड़क पर जब्ती या भारी जुर्माने से बचा जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
नागालैंड पुलिस ने यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार घटाने और नागरिकों तक पुलिसिंग सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाया है। पूर्व में नकद जुर्माने और थानों में व्यक्तिगत मौजूदगी की बाध्यता से लोगों को असुविधा होती थी।

- **पारदर्शिता और जवाबदेही:** पारंपरिक नकद चालान और कागजी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और मानवीय गलतियों की आशंका रहती थी। डिजिटल ई-चालान और केंद्रीय परिवहन पोर्टल से जुड़ने के कारण हर उल्लंघन और अधिकारी का पूरा रिकॉर्ड स्वतः दर्ज हो जाता है।
- **शिकायत दर्ज करने में सुगमता:** कई नागरिक पुलिस थानों में व्यक्तिगत रूप से जाने से हिचकिचाते हैं या राज्य से बाहर होने के कारण शिकायत नहीं कर पाते थे। ई-सुरक्षा पोर्टल नागरिकों को घर बैठे पहचान के साथ या गोपनीय रूप से शिकायत करने का मंच देता है।
- **नए कानूनों का क्रियान्वयन:** नए आपराधिक कानूनों के तहत संज्ञेय अपराधों पर तुरंत एफआईआर और जांच में समयबद्धता जरूरी है। ई-सुरक्षा प्रणाली में सात दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच पूरी करने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधी डिजिटल निगरानी की व्यवस्था की गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. नागालैंड में ट्रैफिक जुर्माने का भुगतान ऑनलाइन कैसे किया जा सकता है?
वाहन चालक ई-चालान प्रणाली के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके या फोनपे, गूगल पे और भीम जैसे यूपीआई ऐप्स का उपयोग करके जुर्माने का डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।

### 2. ई-सुरक्षा प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है?
नागरिक ई-सुरक्षा वेबसाइट पर जाकर अपनी पहचान बताकर या अनाम रहकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जहां उन्हें ट्रैकिंग के लिए एक पावती संख्या मिलती है।

### 3. यदि ट्रैफिक जुर्माना समय पर नहीं भरा गया तो क्या परेशानी हो सकती है?
लंबित चालान केंद्रीय परिवहन पोर्टल पर दर्ज रहेगा, जिसके कारण वाहन को बेचने या उसका मालिकाना हक किसी अन्य के नाम ट्रांसफर करने में कानूनी अड़चन आएगी।

### 4. ई-सुरक्षा पर दर्ज शिकायत की प्रारंभिक जांच कितने दिनों में पूरी होनी चाहिए?
यदि किसी शिकायत में प्रारंभिक जांच की आवश्यकता होती है, तो उसे अनिवार्य रूप से सात दिनों के भीतर पूरा किया जाना आवश्यक है।

### 5. क्या नागालैंड से बाहर रहने वाले व्यक्ति भी ई-सुरक्षा पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं?
हां, राज्य के बाहर रहने वाले लोग भी नागालैंड की सीमा के भीतर घटित किसी भी घटना की शिकायत इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दर्ज करा सकते हैं।

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