# ऑपरेशन सद्भावना के तहत नागालैंड के छात्र 10 दिवसीय सीमा दर्शन यात्रा पर रवाना हुए

> कोहिमा के रुसोमा स्थित सरकारी स्कूल के 20 छात्र असम और अरुणाचल प्रदेश की 10 दिवसीय सीमा दर्शन यात्रा पर निकले हैं। असम राइफल्स के स्पीयर कॉर्प्स द्वारा आयोजित यह दौरा छात्रों को सीमावर्ती क्षेत्रों और सेना की भूमिका से रूबरू कराएगा।

**Type:** article · **Category:** नागालैंड · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/nagaland/pareshana-sadbhavana-ke-tahata-nagaland-ke-chhatra-10-divasiya-seema-darshan-yatra-para-ravana-hue-34311 · **Language:** Hindi
**Tags:** नागालैंड, असम राइफल्स, स्पीयर कॉर्प्स, ऑपरेशन सद्भावना, सीमा दर्शन, अरुणाचल प्रदेश, भारतीय सेना

नागालैंड के दूरदराज इलाकों में रहने वाले स्कूली छात्रों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामरिक सीमावर्ती क्षेत्रों से परिचित कराने के लिए एक विशेष शैक्षिक यात्रा की शुरुआत हुई है। असम राइफल्स के स्पीयर कॉर्प्स ने ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत 'सीमा दर्शन टूर' का आयोजन किया है, जिसमें कोहिमा जिले के रुसोमा स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के 20 विद्यार्थी और 2 शिक्षक शामिल हैं। यह 10 दिवसीय शैक्षिक दल असम और अरुणाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर 28 सितंबर को वापस कोहिमा लौटेगा।

## पूर्वोत्तर के रणनीतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा
इस अध्ययन दल के यात्रा कार्यक्रम में गुवाहाटी, टेंगा, तवांग और तेजपुर जैसे प्रमुख स्थान शामिल किए गए हैं। अरुणाचल प्रदेश में स्थित टेंगा और तवांग भारत की उत्तरी सीमा पर अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखते हैं और साथ ही अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के लिए जाने जाते हैं। वहीं असम के तेजपुर में सेना की चौथी कोर (गजराज कॉर्प्स) का मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा तेजपुर में भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख लड़ाकू एयरबेस भी है, जहाँ से सुखोई Su-30 MKI जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान संचालित किए जाते हैं।

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## सैन्य अधिकारियों और स्थानीय नेतृत्व से संवाद
इस पूरे दौरे के दौरान छात्रों के लिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। स्पीयर कॉर्प्स ने X पर लिखा कि इस यात्रा का मुख्य मकसद युवाओं को देश की विभिन्न संस्कृतियों, सरहदी इलाकों और देश की रक्षा में सुरक्षाबलों की भूमिका से प्रत्यक्ष तौर पर जोड़ना है। सेना के अनुसार, इस प्रकार के जमीनी संवाद राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने और युवा पीढ़ी को नए अवसरों के प्रति जागरूक कर सशक्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

## नागालैंड के छात्रों के लिए इस साल की दूसरी बड़ी पहल
नागालैंड के विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष आयोजित होने वाला यह दूसरा बड़ा शैक्षिक दौरा है। इससे पहले मार्च महीने में वोखा जिले के भंडारी से 20 छात्रों और 3 शिक्षकों का एक दल गुवाहाटी और कोलकाता के अध्ययन दौरे पर गया था, जहाँ उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखा था। इसके अलावा पिछले वर्ष किफिर जिले के यांग्फी स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट हाई स्कूल के छात्र और शिक्षक दिल्ली तथा आगरा के भ्रमण पर पहुंचे थे। उस दल ने लाल किला और ताजमहल देखने के साथ-साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की थी।

## दूरदराज के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति
ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत चलाई जा रही इन योजनाओं के माध्यम से सेना दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को अपने गृह क्षेत्र से बाहर निकलने और देश के व्यापक भूगोल को समझने का मौका देती है। विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों के कामकाज को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिलता है, जिससे उनका सामान्य ज्ञान बढ़ता है और देश सेवा तथा करियर निर्माण के प्रति उनका दृष्टिकोण भी व्यापक होता है।

## इसका आप पर असर
यह शैक्षिक दौरा दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के दृष्टिकोण को बदलने और उन्हें राष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने का काम करता है।

- **नागालैंड के छात्रों के लिए:** ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को राज्य से बाहर निकलकर उन्नत शिक्षण और रक्षा संस्थानों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिल रहा है। इससे उनके सामान्य ज्ञान में वृद्धि होती है और भविष्य में उच्च शिक्षा या सेना में करियर चुनने के लिए नया आत्मविश्वास पैदा होता है।
- **पूर्वोत्तर में राष्ट्रीय एकीकरण:** सीमावर्ती राज्यों के युवाओं का मुख्यधारा के बड़े शहरों और ऐतिहासिक स्थानों से परिचय राष्ट्रीय जुड़ाव को मजबूत करता है। विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं से रूबरू होने से छात्रों में विविधता की समझ और सामाजिक सामंजस्य गहरा होता है।
- **सामरिक जागरूकता का प्रसार:** युवा पीढ़ी को सीमावर्ती सुरक्षा और वायुसेना एवं थलसेना के बुनियादी ढांचे की जमीनी जानकारी मिलती है। इससे नागरिकों में सुरक्षाबलों के त्याग और सीमाओं की संवेदनशीलता के प्रति सम्मान बढ़ता है।
- **शैक्षिक संस्थानों की पहुंच:** सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी बाहर के शैक्षणिक मॉडल और ऐतिहासिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है। वे इस व्यावहारिक ज्ञान को अपने स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा कर सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स द्वारा आयोजित 'सीमा दर्शन' यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य पूर्वोत्तर के सीमावर्ती इलाकों के विद्यार्थियों को देश की विविधता और राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे से परिचित कराना है।

- **ऑपरेशन सद्भावना की प्रतिबद्धता:** सेना अपनी नागरिक कल्याण योजना 'ऑपरेशन सद्भावना' के माध्यम से दूरदराज के युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों और राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास करती है। यह पहल सीमांत आबादी और सुरक्षाबलों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने का कार्य करती है।
- **सामरिक और सांस्कृतिक समझ की आवश्यकता:** तवांग, टेंगा और तेजपुर जैसे स्थान रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध हैं। इन स्थलों का भ्रमण विद्यार्थियों को भूगोल और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों की व्यावहारिक समझ प्रदान करता है।
- **पूर्व अनुभवों की निरंतरता:** इससे पहले भी वोखा और किफिर जिले के स्कूली बच्चों को कोलकाता, दिल्ली और आगरा जैसी जगहों पर ले जाया गया था। उन दौरों की सफलता को देखते हुए इस वर्ष रुसोमा के विद्यार्थियों के लिए इस दूसरे अध्ययन दौरे की रूपरेखा तैयार की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. यह सीमा दर्शन यात्रा किसके द्वारा और किस अभियान के तहत आयोजित की जा रही है?
यह यात्रा असम राइफल्स की स्पीयर कॉर्प्स द्वारा भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सद्भावना' के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।

### 2. इस अध्ययन दल में कौन-कौन शामिल हैं और वे कहाँ से हैं?
इस दल में नागालैंड के कोहिमा जिले में स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल रुसोमा के 20 विद्यार्थी और 2 शिक्षक शामिल हैं।

### 3. यह शैक्षिक यात्रा कितने दिनों की है और किन स्थानों को कवर करेगी?
यह 10 दिवसीय यात्रा असम और अरुणाचल प्रदेश में गुवाहाटी, टेंगा, तवांग और तेजपुर को कवर करेगी और दल 28 सितंबर को वापस लौटेगा।

### 4. तेजपुर में छात्र किस प्रकार के सैन्य बुनियादी ढांचे से परिचित होंगे?
तेजपुर में सेना की चौथी कोर (गजराज कॉर्प्स) का मुख्यालय और भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमानों का एयरबेस स्थित है।

### 5. क्या नागालैंड के छात्रों के लिए इस साल ऐसा कोई और दौरा भी हुआ है?
हाँ, इसी वर्ष मार्च में वोखा जिले के भंडारी से 20 छात्रों और 3 शिक्षकों ने गुवाहाटी और कोलकाता का शैक्षिक भ्रमण किया था।

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