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  "type": "article",
  "title": "विदेश में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, जाली सीबीआई अफसर बनकर घूम रहा तरुण लक्ष्मणदास रामनानी दीमापुर में गिरफ्तार",
  "summary": "नागालैंड की दीमापुर ईस्ट पुलिस ने लक्समबर्ग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.5 लाख रुपये ठगने वाले 62 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से जाली सीबीआई आईडी कार्ड और फर्जी नियुक्ति पत्र भी बरामद हुआ है।",
  "content": "नागालैंड के दीमापुर में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक 62 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तार किया गया है। दीमापुर ईस्ट पुलिस ने आरोपी तरुण लक्ष्मणदास रामनानी को 5 सितंबर को गिरफ्तार किया। आरोपी पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं व केंद्रीय जांच एजेंसियों का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने का गंभीर आरोप है।\n\nलक्समबर्ग में नौकरी का झांसा और पैसों की वसूली\nमामले के विवरण के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित व्यक्ति से संपर्क साधते हुए खुद को 'दीमापुर ईस्ट नागालैंड एंटी-करप्शन (ओआरजी)' का जिला अध्यक्ष बताया था। इसके बाद उसने पीड़ित को यूरोप के देश लक्समबर्ग में आकर्षक रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया। ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट की प्रक्रिया पूरी करने और कागजी कार्रवाई के नाम पर आरोपी ने 15 जनवरी 2026 को पीड़ित से 1.5 लाख रुपये वसूल लिए।\n\nपीड़ित का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने 'मामा शेल्टर लक्समबर्ग' के नाम से एक फर्जी एम्प्लॉयमेंट सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। इसके बाद, प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और नौकरी पक्की कराने का दावा करते हुए आरोपी ने पीड़ित से 1 लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की।\n\nबरामद हुआ फर्जी सीबीआई पहचान पत्र\nगिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से संदिग्ध दस्तावेज और एक जाली पहचान पत्र बरामद किया। यह पहचान पत्र 'सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस)' के नाम से जारी किया गया था, जिसमें तरुण लक्ष्मणदास रामनानी को इस संस्था का 'नागालैंड राज्य निदेशक' दर्शाया गया था। आरोपी ऐसे उच्च पदों का झूठा रौब दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।\n\nकानूनी धाराएं और पुलिस की अपील\nदीमापुर पुलिस के डीसीपी (क्राइम) और पीआरओ के अनुसार, इस पूरे मामले में दीमापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में मुकदमा संख्या 191/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी, धारा 319(2) यानी भेष बदलकर धोखाधड़ी और धारा 351(2) यानी आपराधिक धमकी देने के तहत केस दर्ज किया है।\n\nइस बीच, दीमापुर पुलिस ने जनता से विशेष अपील जारी की है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी तरुण लक्ष्मणदास रामनानी के झांसे में आया है, ठगी का शिकार हुआ है या उसके पास आरोपी से जुड़ी कोई जानकारी या शिकायत है, तो वह तुरंत दीमापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराए।\n\nइसका आप पर असर\nयह मामला विदेशों में नौकरी दिलाने वाले एजेंटों और फर्जी अधिकारियों की प्रामाणिकता जांचने की सख्त आवश्यकता को रेखांकित करता है।\n\n• भारत में: विदेश में रोजगार तलाश रहे युवाओं को किसी भी अनधिकृत एजेंट या संस्था को पैसे देने से पहले सरकारी एम्प्लॉयमेंट पोर्टल पर सत्यापन करना होगा। फर्जी सीबीआई या सरकारी आईडी दिखाकर भरोसा जीतने वाले ठगों से सावधान रहकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवाने से बच सकते हैं।\n• नागालैंड और दीमापुर में: स्थानीय निवासियों को सतर्क किया गया है कि यदि तरुण लक्ष्मणदास रामनानी ने उनसे संपर्क किया था तो वे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। दीमापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने से अन्य पीड़ितों को न्याय पाने और अपनी ठगी गई रकम की रिकवरी में मदद मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nविदेश में फर्जी नौकरी का यह घोटाला पीड़ित की विदेश जाने की चाहत और आरोपी द्वारा फर्जी प्रशासनिक पदों का सहारा लेने के कारण हुआ।\n\n• फर्जी पदों का इस्तेमाल: आरोपी ने खुद को एंटी-करप्शन संगठन का जिला अध्यक्ष और सीबीआई का राज्य निदेशक बताकर पीड़ित का भरोसा जीता।\n• विदेश में नौकरी का झांसा: आरोपी ने लक्समबर्ग में रोजगार दिलाने का दावा कर कागजी कार्रवाई के नाम पर 1.5 लाख रुपये ऐंठ लिए।\n• जाली दस्तावेजों से भ्रम: 'मामा शेल्टर लक्समबर्ग' के नाम पर फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर देकर आरोपी ने अतिरिक्त 1 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दीमापुर में गिरफ्तार आरोपी की पहचान क्या है?\nगिरफ्तार आरोपी की पहचान 62 वर्षीय तरुण लक्ष्मणदास रामनानी के रूप में हुई है।\n\n2. आरोपी पर किस देश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप है?\nआरोपी ने पीड़ित को लक्समबर्ग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.5 लाख रुपये ठगे थे।\n\n3. आरोपी के पास से कौन सा फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ?\nपुलिस ने आरोपी के पास से 'सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस)' का एक फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया, जिसमें उसे नागालैंड का स्टेट डायरेक्टर दिखाया गया था।\n\n4. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?\nआरोपी के खिलाफ दीमापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में केस नंबर 191/26 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और 351(2) में मामला दर्ज किया गया है।\n\n5. दीमापुर पुलिस ने आम जनता से क्या अपील की है?\nदीमापुर पुलिस ने रामनानी से ठगे गए या संपर्क में आए अन्य पीड़ितों से दीमापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।",
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  "category": "नागालैंड",
  "publishedAt": "2026-09-09",
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    "दीमापुर क्राइम",
    "नागालैंड पुलिस",
    "नौकरी घोटाला",
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    "लक्समबर्ग जॉब फ्रॉड",
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