14 अगस्त को 10 राज्यों के 40 शहरों में भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर से लेकर पहाड़ियों तक मौसम रहेगा खराब मानसून ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने से 14 अगस्त को देश भर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा मंडरा रहा है। देशभर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मानसून ट्रफ रेखा के सक्रिय होने और कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से 14 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में बेहद खराब मौसम रहने की आशंका है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड में स्थिति अधिक नाजुक बनी हुई है। इन राज्यों में भारी जलजमाव, नदियों में उफान और पहाड़ों पर चट्टानें खिसकने यानी भूस्खलन का गंभीर खतरा जताया गया है। इसके अलावा देश के सात प्रमुख महानगरों और बड़े केंद्रों जिनमें नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, देहरादून, शिमला, रायपुर और रांची शामिल हैं, मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर में उमस और बारिश से प्रभावित होगा यातायात राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बादलों का पहरा बना रहेगा और दिनभर नमी का स्तर ऊंचा रहने की संभावना है। अलग-अलग शहरों में मौसम का मिजाज इस प्रकार रहेगा • नई दिल्ली: राजधानी के आसमान में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के वक्त गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बौछारें पड़ सकती हैं। हवा में नमी 80 प्रतिशत से अधिक रहने की वजह से लोगों को तीखी उमस का सामना करना पड़ेगा। • नोएडा और ग्रेटर नोएडा: काली घटाओं की आवाजाही बनी रहेगी। यहां एक या दो बार मध्यम बारिश के दौर आ सकते हैं। मुख्य चौराहों और निचले मार्गों पर पानी भरने के कारण व्यस्त समय में वाहनों की रफ्तार धीमी हो सकती है। • गुरुग्राम: आंधी और गरज के साथ रुक-रुक कर बारिश होने का पूर्वानुमान है। दृश्यता कम होने से हाईवे और संपर्क मार्गों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी होगी। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, लेकिन जलभराव और भारी नमी से सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन और बाढ़ की गंभीर आशंका पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं • देहरादून: शहर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश की वजह से निचले स्थानों में पानी भरेगा और सड़कों पर यातायात बाधित हो सकता है। • हरिद्वार: वर्षा के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे तटीय और निचले मोहल्लों में पानी घुसने का खतरा है। • नैनीताल: पर्वतीय ढलानों पर मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन होने की आशंका है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। • ऋषिकेश: बारिश के कारण नदियों का बहाव काफी तेज रहेगा। संवेदनशील बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। • शिमला: शहर में भारी से अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी हुआ है। भूस्खलन और मुख्य मार्गों के अवरुद्ध होने का जोखिम बना हुआ है। • मनाली: रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने नदी-नालों और उफनते नालों के समीप जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। • धर्मशाला: बादलों की गर्जन के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने का परामर्श दिया गया है। • मंडी: बारिश से पहाड़ियां खिसकने और मुख्य रास्ते बंद होने की समस्या आ सकती है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में फ्लैश फ्लड और वज्रपात की चेतावनी मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से तेज हवाओं के साथ बारिश होगी • रायपुर: भारी वर्षा और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। शहरी इलाकों की मुख्य सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हो सकती है। • बिलासपुर: अति भारी बारिश की चेतावनी के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ेगा और मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। • कोरबा: मूसलाधार बारिश से अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा उत्पन्न हो गया है। निचले इलाकों की कॉलोनियों में पानी भर सकता है। • रायगढ़: तेज बारिश के कारण जनजीवन पर असर पड़ेगा और कई जगहों पर जलजमाव की गंभीर स्थिति बन सकती है। • रांची: आकाशीय बिजली चमकने और मूसलाधार पानी गिरने का अलर्ट है। निचले मोहल्लों में पानी जमा होने से दैनिक काम प्रभावित होंगे। • जमशेदपुर: नदियों के उफान पर आने से तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है। • धनबाद: गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे रास्तों पर पानी भर जाएगा। • हजारीबाग: रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहेगी। प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तटीय चक्रवात का असर समुद्री नमी और चक्रवातीय दबाव के चलते पूर्वी तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं का जोर रहेगा • कोलकाता: तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के बीच मूसलाधार वर्षा होने के आसार हैं। शहरी बस्तियों में पानी भर सकता है। • हावड़ा: भारी बारिश और आंधी चलने की संभावना है। निचले और तटीय इलाकों के लिए पानी भरने की चेतावनी जारी की गई है। • सिलिगुड़ी: मध्यम से भारी वर्षा के साथ पहाड़ों पर लैंडस्लाइड हो सकता है, जिससे उत्तर बंगाल के पहाड़ी संपर्क मार्ग प्रभावित होंगे। • मेदिनीपुर: चक्रवातीय दबाव की वजह से नदियां उफान पर रहेंगी और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। • भुवनेश्वर: 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश के चलते सड़कों पर पानी जमा होगा। • कटक: महानदी के तटीय क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा है। स्थानीय आबादी को सावधान किया गया है। • राउरकेला: मूसलाधार वर्षा के साथ अचानक बाढ़ आने का अंदेशा जताया गया है। • बालासोर: तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश होगी और समंदर में ऊंची लहरें उठेंगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मुंबई का हाल देश के अन्य प्रमुख मैदानी राज्यों और तटीय क्षेत्रों में भी मानसून की स्थिति सक्रिय बनी हुई है • लखनऊ: बादल छाये रहेंगे और गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। • वाराणसी: पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है, जिससे गंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में जलभराव होगा। • कानपुर: तेज बारिश और बिजली चमकने से आवागमन पर असर पड़ने के आसार हैं। • गोरखपुर: मूसलाधार वर्षा से शहरी और देहाती दोनों क्षेत्रों के निचले इलाकों में पानी भर जाएगा। • चंडीगढ़: दिनभर बादल बने रहेंगे और कई दौर की वर्षा हो सकती है। • अमृतसर: भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। • अंबाला: तेज वर्षा से सड़कों पर जलजमाव होगा और दैनिक काम प्रभावित हो सकते हैं। • मुंबई: शहर में बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसका आप पर असर भारत में: 14 अगस्त को कई राज्यों में यात्रा करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को पानी भरने और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में: हिमाचल और उत्तराखंड की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को भूस्खलन और बंद रास्तों के खतरे के कारण सतर्क रहने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. 14 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा? दिल्ली-एनसीआर में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर या शाम को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 80% से अधिक नमी के कारण भारी उमस रहेगी। 2. किन राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा है? हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ का बड़ा खतरा जताया गया है। 3. गुरुग्राम में बारिश को लेकर क्या चेतावनी जारी की गई है? गुरुग्राम में तेज हवाओं और आंधी के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी घटने के कारण ड्राइवरों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। 4. क्या 14 अगस्त को पहाड़ी इलाकों की यात्रा करना सुरक्षित है? नैनीताल, शिमला, मनाली और सिलिगुड़ी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन की आशंका है, इसलिए यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। https://trendkia.com/national/14-agasta-ko-10-rajyon-ke-40-shaharon-men-bhari-barisha-ki-chetavani-delhi-ncr-se-lekara-pahariyon-taka-mausama-rahega-kharaba-16374 TrendKia — Har trend, sabse pehle.