# 190 में से 12 परमाणु हथियार युद्ध के लिए तैयार: SIPRI रिपोर्ट से बौखलाया पाकिस्तान, दुनिया से लगा रहा रोक की गुहार

> स्टॉकहोम की संस्था SIPRI की नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पहली बार अपने 12 परमाणु वॉरहेड को ऑपरेशनल तैनाती में डाला है, जिससे पाकिस्तान घबराकर वैश्विक शक्तियों से दखल की मांग कर रहा है।

**Category:** भारत · **Published:** 2026-06-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/190-men-se-12-paramanu-hathiyara-yuddha-ke-lie-taiyara-sipri-riporta-se-baukhala-213

परमाणु हथियारों की निगरानी करने वाली दुनिया की सबसे भरोसेमंद संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की एक ताजा रिपोर्ट ने इस्लामाबाद की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट का सबसे अहम दावा यह है कि भारत ने अपने इतिहास में पहली बार अपने कुछ परमाणु हथियारों को महज भंडार (स्टॉकपाइल) में बंद रखने के बजाय सीधे युद्ध के लिए तैयार ऑपरेशनल तैनाती में डाल दिया है। इसी रिपोर्ट के सामने आते ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया में साफ बेचैनी दिखी।

## पाकिस्तान ने खुद कबूली भारत की बढ़ी ताकत
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजदूत ताहिर अंद्राबी ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में यह माना कि भारत की परमाणु क्षमता अंतरराष्ट्रीय अनुमानों से कहीं आगे निकल चुकी है। भारत की इसी मारक क्षमता को लेकर पाकिस्तान अब वैश्विक मंचों का रुख कर रहा है और भारत को आधुनिक हथियार देने वाले देशों से अपील कर रहा है कि वे नई दिल्ली को होने वाली सैन्य सप्लाई पर तुरंत रोक लगाएं।

## रिपोर्ट से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- **पहली बार सक्रिय तैनाती:** SIPRI के मुताबिक भारत ने पहली बार अपने परमाणु हथियारों के एक हिस्से को पूरी तरह एक्टिव डिप्लॉयड मोड में रखा है।
- **12 वॉरहेड हमले के लिए तैयार:** माना जाता है कि भारत के पास इस समय करीब 190 परमाणु वॉरहेड हैं, जिनमें से 12 को ऑपरेशनल रूप से तैनात श्रेणी में रखा गया है, यानी किसी भी आपात स्थिति में ये तुरंत दागे जा सकते हैं।
- **कैनिस्टराइजेशन का खौफ:** पाकिस्तान भारत की मिसाइलों के कैनिस्टराइजेशन से सबसे ज्यादा घबराया हुआ है, जिसमें वॉरहेड पहले से मिसाइल के भीतर सील रहता है और बटन दबाते ही बेहद कम समय में हमला हो जाता है।
- **मजबूत न्यूक्लियर ट्रायड:** जमीन और हवा के बाद भारत ने समुद्र में परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों और लंबी दूरी की ICBM के जरिए अपनी न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता को पूरी तरह परिपक्व कर लिया है।
- **वैश्विक मंचों पर अपील:** सीधे मुकाबले में पिछड़ने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नई दिल्ली की सैन्य सप्लाई रोकने को कहा है।

## आखिर पाकिस्तान की बेचैनी की असली वजह क्या है?
पाकिस्तान की इस घबराहट के पीछे दो बड़ी तकनीकी और रणनीतिक वजहें हैं। पहली है कैनिस्टराइजेशन तकनीक। पहले भारत के परमाणु हथियार और मिसाइलें अलग-अलग रखी जाती थीं, इसलिए हमले की तैयारी में वक्त लगता था। लेकिन अब अग्नि-5 जैसी कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों में वॉरहेड हमेशा मिसाइल के भीतर ही फिट रहता है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत की युद्ध की तैयारी अब दिनों या घंटों की नहीं, बल्कि सिर्फ कुछ मिनटों की रह गई है।

## जमीन, हवा और समंदर — तीनों से जवाबी ताकत
दूसरी बड़ी वजह भारत का लगातार मजबूत होता न्यूक्लियर ट्रायड है, यानी जमीन, हवा और समंदर तीनों जगहों से परमाणु हमला करने की क्षमता। अरिहंत क्लास की परमाणु पनडुब्बियों की वजह से भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता — पहला हमला झेलकर भी पलटवार करने की ताकत — अब पूरी तरह सुरक्षित है। पाकिस्तान इस समय गहरे आर्थिक संकट में फंसा है और उसका रक्षा बजट भारत के मुकाबले कहीं नहीं ठहरता, इसलिए वह इस तकनीकी बढ़त का मुकाबला करने की हालत में नहीं है। यही हताशा छिपाने के लिए वह वैश्विक मंचों पर रणनीतिक संतुलन बिगड़ने का रोना रो रहा है, जबकि भारत अपनी 'नो फर्स्ट यूज' यानी पहले परमाणु हमला न करने की नीति पर कायम रहते हुए सिर्फ अपनी संप्रभुता को अभेद्य बना रहा है।

## ICBM का हवाला देकर दुनिया को डरा रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मजहर जमील ने दावा किया कि भारत का लंबी दूरी का मिसाइल कार्यक्रम दक्षिण एशिया से कहीं आगे वैश्विक महाशक्तियों और पश्चिमी देशों की राजधानियों तक को निशाना बनाने की महत्वाकांक्षा रखता है। उन्होंने वैश्विक शक्तियों से इस पर ध्यान देने की अपील की। भारत के पास इस समय अग्नि-5 जैसी ताकतवर इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 से 8,000 किलोमीटर तक है। इसके अलावा परमाणु क्षमता से लैस अग्नि-4 और समंदर से मार करने वाली के-4 तथा के-5 मिसाइलें भारत को एक अचूक न्यूक्लियर ट्रायड वाली महाशक्ति बनाती हैं।

## सवाल-जवाब में समझें पूरी बात

### SIPRI रिपोर्ट में भारत के परमाणु हथियारों को लेकर सबसे बड़ा खुलासा क्या है?
रिपोर्ट में पहली बार बताया गया है कि भारत ने अपने कुल करीब 190 परमाणु वॉरहेड में से 12 को सिर्फ भंडार में रखने के बजाय 'ऑपरेशनल रूप से तैनात' श्रेणी में डाल दिया है। यह भारतीय परमाणु इतिहास में सैन्य तैयारियों के लिहाज से एक बहुत बड़ा रणनीतिक बदलाव है।

### कैनिस्टराइजेशन तकनीक क्या है और पाकिस्तान इससे इतना क्यों डरा है?
यह एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें वॉरहेड को पहले से मिसाइल के भीतर सील और फिट कर दिया जाता है। इससे संकट के समय मिसाइल को असेंबल करने में वक्त बर्बाद नहीं होता और उसे बेहद कम समय में दागा जा सकता है। पाकिस्तान को डर है कि इस तकनीक की वजह से भारत की जवाबी हमले की रफ्तार अब और घातक हो चुकी है।

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