# 2 अक्टूबर को नो UPI डे की पुकार पर कारोबारी बंटे, CTI करेगा विरोध तो कैट ने बनाई दूरी

> मर्चेंट डिस्काउंट रेट के विरोध में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने 2 अक्टूबर को नो UPI डे मनाने का फैसला किया है, जबकि कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने इस मुहिम से खुद को अलग रखा है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/2-aktubara-ko-no-upi-day-ki-pukara-para-karobari-bnte-cti-karega-virodha-to-cait-ne-banai-duri-41294 · **Language:** Hindi
**Tags:** नो यूपीआई डे, एमडीआर, सीटीआई, कैट, डिजिटल पेमेंट, गांधी जयंती, व्यापारी संगठन, खुदरा व्यापार

डिजिटल पेमेंट पर निर्भर रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR के विरोध में कारोबारियों के एक समूह ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर नो UPI डे आयोजित करने की योजना बनाई है। हालांकि, देश भर के व्यापारिक मंच इस मसले पर एकजुट नहीं हैं। जहां चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI ने इस सांकेतिक बहिष्कार को आगे बढ़ाने का पक्का मन बना लिया है, वहीं खुदरा व्यापारियों के बड़े संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट ने इस प्रदर्शन में भागीदार बनने से साफ इनकार कर दिया है।

## व्यापारियों के विरोध और काली पट्टी बांधने की अपील
व्यापारिक समुदाय में चल रहा यह असंतोष मुख्य रूप से UPI भुगतान पर प्रस्तावित MDR शुल्क को लेकर भड़का है। CTI की दलील है कि 2,000 रुपये से अधिक की राशि के UPI लेनदेन पर अगर शुल्क थोपा गया, तो इसका सीधा आर्थिक भार दुकानदारों की जेब पर पड़ेगा। संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों के व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान का समर्थन करें और नो UPI डे में बढ़-चढ़कर भाग लें। इसके साथ ही एक अनोखे विरोध के तहत दुकानदारों से अपनी UPI क्यूआर और साउंडबॉक्स मशीनों पर काली पट्टी बांधकर असंतोष दर्ज कराने का आह्वान भी किया गया है।

## व्यापारिक संगठनों में खींचतान और अलग रुख
इस पूरे मामले ने देश के दो प्रमुख कारोबारी संगठनों के बीच की आंतरिक दरार को उजागर कर दिया है। कैट ने इस बहिष्कार से बाहर रहने का निर्णय लेकर कई लोगों को हैरान किया है, जबकि CTI अपने तय कार्यक्रम से एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखाई दे रहा। CTI के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे अपने निर्णय पर अडिग रहेंगे और उन्हें पूरा भरोसा है कि जमीनी स्तर पर दुकानदारों का व्यापक समर्थन हासिल होगा। दोनों संगठनों की अलग-अलग सोच के कारण बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

## लेनदेन में 50 फीसदी तक गिरावट की आशंका
CTI की ओर से जारी आकलन में दावा किया गया है कि 2,000 रुपये से ऊपर के भुगतानों पर MDR व्यवस्था लागू होते ही लोग डिजिटल माध्यम से कन्नी काटने लगेंगे। संगठन के अनुसार इससे UPI आधारित लेनदेनों की संख्या में करीब 50 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा होने पर देश में एक बार फिर नकदी यानी कैश के लेन-देन में तेजी आने की संभावना जताई गई है। बाजार में चर्चा के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी की दर से MDR लगाने की बात सामने आई है।

## फ्लैट रेट मॉडल और पेट्रोल पंप के नियम
प्रस्तावित नियमों के तहत सभी प्रकार के भुगतानों पर एक समान प्रतिशत शुल्क लागू नहीं होगा। व्यवस्था में एक फ्लैट रेट श्रेणी भी रखी गई है। उदाहरण के लिए पेट्रोल पंपों पर होने वाले चुनिंदा लेनदेनों के लिए एक तयशुदा फिक्स्ड MDR निर्धारित करने की बात कही गई है। इस खास श्रेणी के तहत ट्रांजैक्शन चार्ज के तौर पर 5 रुपये की राशि तय की गई है, ताकि उच्च मूल्य के ईंधन भुगतानों पर अनिश्चित भार न पड़े।

## 1 लाख रुपये तक के दायरे वाले व्यापारियों को राहत
शुल्क के इन प्रस्तावों के बीच छोटे व्यवसायियों को सुरक्षा कवच देने का प्रावधान भी शामिल है। नियमों के मुताबिक 1 लाख रुपये तक के लेनदेन वाले व्यापारियों को शून्य MDR श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ यह है कि इस न्यूनतम सीमा के अंतर्गत आने वाले छोटे दुकानदारों से कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट नहीं वसूला जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 2 अक्टूबर को नो UPI डे की इस अपील का खुदरा बाजारों पर कितना व्यापक असर पड़ता है और आम खरीदारों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ती है।

## इसका आप पर असर
2 अक्टूबर को नो UPI डे के आह्वान से खरीदारी के दौरान कैशलेस भुगतान करने वाले आम नागरिकों को असुविधा हो सकती है।

- **दुकानों पर नकद भुगतान:** विरोध करने वाले व्यापारी उस दिन डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से मना कर सकते हैं। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक खरीदारी के लिए अपने पास पर्याप्त नकदी रखें।
- **2,000 रुपये से अधिक के बिल:** प्रस्तावित 0.4 फीसदी शुल्क 2,000 रुपये से बड़े भुगतानों पर लगने की बात कही गई है। इससे बड़े सामान या किराना की थोक खरीदारी करने वालों के लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं।
- **पेट्रोल पंप पर तय शुल्क:** ईंधन भराने वाले ग्राहकों के लिए 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लागू होने की संभावना है। वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल भरवाते समय इस फ्लैट दर का ध्यान रखना होगा।
- **छोटे दुकानदारों पर असर नहीं:** 1 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों पर शून्य MDR लागू रहेगा। स्थानीय फल-सब्जी और चाय विक्रेताओं के पास सामान्य रूप से डिजिटल भुगतान जारी रह सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
व्यापारियों द्वारा यह कदम UPI आधारित बड़े लेन-देन पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाए जाने के विरोध में उठाया जा रहा है। शुल्क लागू होने से दुकानदारों को अपने मुनाफे में सेंध लगने का डर है।

- **2,000 रुपये से ऊपर शुल्क की आशंका:** CTI का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लगने से दुकानदारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसी वजह से कारोबारियों ने गांधी जयंती के दिन सांकेतिक विरोध का रास्ता चुना है।
- **नकदी की ओर लौटने का डर:** शुल्क लागू होने से डिजिटल लेन-देन में 50 फीसदी तक की कमी आने और कैश का उपयोग दोबारा बढ़ने की आशंका जताई गई है। व्यापारियों का मानना है कि इससे डिजिटल लेनदेन की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी।
- **व्यापारी संगठनों में मतभेद:** जहां CTI कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहता है, वहीं कैट जैसे प्रमुख खुदरा संगठन ने हड़ताल से खुद को अलग कर लिया है। इस दोतरफा रुख के कारण बाजार में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. नो UPI डे किस तारीख को आयोजित करने का ऐलान किया गया है?
व्यापारी संगठन CTI ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर नो UPI डे मनाने का फैसला किया है।

### 2. व्यापारी संगठन नो UPI डे का आयोजन क्यों कर रहे हैं?
यह विरोध 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शुल्क लगाने के खिलाफ किया जा रहा है।

### 3. क्या सभी बड़े व्यापारी संगठन इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं?
नहीं, व्यापारी संगठनों में मतभेद है और कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट ने इस प्रदर्शन से अलग रहने का फैसला किया है।

### 4. 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर कितना शुल्क लगने की बात सामने आई है?
सामने आई जानकारी के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR लगाने की बात कही गई है।

### 5. पेट्रोल पंप के भुगतानों के लिए क्या नियम तय किया गया है?
पेट्रोल पंप जैसे कुछ ट्रांजैक्शन पर फ्लैट-रेट मॉडल के तहत 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लागू करने की बात कही गई है।

### 6. किन व्यापारियों को MDR शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है?
1 लाख रुपये तक के पेमेंट वाले व्यापारियों को शून्य MDR श्रेणी में राहत दी गई है।

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