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  "title": "50 साल बाद सुलझा मिर्जापुर के एक गांव का जमीनी विवाद, अब किसानों को मिलेगी योजनाओं की सौगात",
  "summary": "मिर्जापुर के डांगरखेड़ी गांव में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर 50 साल पुराना राजस्व विवाद सुलझा, अब गांव के किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के डांगरखेड़ी गांव में जमीन से जुड़ा एक ऐसा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है, जो पूरे पचास साल से लटका हुआ था। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की पहल पर प्रशासन ने गांव के राजस्व अभिलेखों की खामियां दूर कराईं, जिसके बाद अब यहां के किसानों को कई सरकारी योजनाओं का सीधा फायदा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।\n\nपचास साल से क्यों अटका था मामला\nसाल 1979 के बाद से डांगरखेड़ी गांव के राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ियां बनी हुई थीं। इसी वजह से गांव में जमीन का बैनामा यानी रजिस्ट्री का काम अटका रहता था, मालिकाना हक बदलने पर नामांतरण नहीं हो पाता था और खातेदारों के वारिसों तक का नाम रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पा रहा था। कागजात दुरुस्त न होने का सीधा असर किसानों पर पड़ता था, क्योंकि वे सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करते तो भी अभिलेखों में गड़बड़ी के कारण उनके फॉर्म निरस्त कर दिए जाते थे। जमीन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाता था।\n\nजिलाधिकारी तक पहुंची शिकायत, एसडीएम को मिली जिम्मेदारी\nजब जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पदभार संभाला, तो उनके पास डांगरखेड़ी गांव के राजस्व अभिलेखों में खामियों की शिकायत पहुंची। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एसडीएम गुलाबचंद को नामित अधिकारी बनाया और पूरे प्रकरण को सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी।\n\n50 दिन तक चला सर्वे, फिर लगा जन चौपाल\nएसडीएम गुलाबचंद ने राजस्व टीम के साथ मिलकर गांव में करीब 50 दिनों तक सर्वे किया। इस दौरान अभिलेखों की एक-एक प्रविष्टि की बारीकी से जांच की गई और जहां-जहां त्रुटियां मिलीं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से ठीक कराया गया। सर्वे पूरा होने के बाद गांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहां एसडीएम ने खुद अभिलेखों में दर्ज हर खातेदार का नाम पढ़कर सुनाया, ताकि किसी को कोई आपत्ति या समस्या हो तो उसका निस्तारण मौके पर ही किया जा सके। इस पूरी कवायद से गांव के अभिलेख पूरी तरह दुरुस्त हो गए।\n\nअब किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ\nराजस्व अभिलेखों की त्रुटियां दूर होने के बाद अब डांगरखेड़ी गांव के किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि योजना सहित कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पहले कागजी अड़चनों के चलते आवेदन के बावजूद फॉर्म निरस्त हो जाते थे, लेकिन अब यह दिक्कत पूरी तरह खत्म हो गई है। जमीन से जुड़े मामलों के लिए ग्रामीणों को अब बार-बार मुख्यालय जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। पचास साल पुरानी उलझन सुलझने के बाद गांव में खुशी का माहौल देखा जा रहा है और ग्रामीण प्रशासन की इस पहल से राहत महसूस कर रहे हैं।\n\nजिलाधिकारी ने क्या कहा\nजिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि डांगरखेड़ी गांव के राजस्व अभिलेखों में खामियों की शिकायत मिलने के बाद एसडीएम को नामित अधिकारी बनाया गया था, जिन्होंने गांव में 50 दिनों तक सर्वे चलाकर अभिलेखों को दुरुस्त कराया। उनका कहना था कि अभिलेखों की इन्हीं गड़बड़ियों की वजह से अब तक लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब खामियां दूर होने के बाद किसानों को इन योजनाओं का पूरा फायदा मिलेगा।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह मामला दिखाता है कि दशकों पुरानी राजस्व अभिलेखों की खामियां किसानों को किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से वंचित कर सकती हैं, इसलिए अपने गांव के अभिलेख समय-समय पर जांचना जरूरी है।\n• मिर्जापुर में: डांगरखेड़ी गांव के किसानों को अब फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि योजना का सीधा लाभ मिलेगा और जमीन के मामलों के लिए बार-बार मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डांगरखेड़ी गांव में कितने साल पुराना विवाद खत्म हुआ?\nगांव में जमीन से जुड़ा करीब 50 साल पुराना राजस्व विवाद खत्म हुआ है।\n\n2. यह विवाद किस वजह से था?\nसाल 1979 के बाद से राजस्व अभिलेखों में गड़बड़ियों के कारण बैनामा, नामांतरण और वारिसों का नाम दर्ज नहीं हो पा रहा था।\n\n3. इस विवाद को सुलझाने की पहल किसने की?\nमिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शिकायत मिलने पर इसकी पहल की।\n\n4. सर्वे किसने और कितने दिन तक किया?\nएसडीएम गुलाबचंद ने राजस्व टीम के साथ करीब 50 दिनों तक सर्वे किया।\n\n5. सर्वे पूरा होने के बाद गांव में क्या हुआ?\nगांव में जन चौपाल लगाई गई, जहां एसडीएम ने अभिलेखों में दर्ज हर खातेदार का नाम खुद पढ़कर सुनाया।\n\n6. अब गांव के किसानों को किन योजनाओं का लाभ मिलेगा?\nअब किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड और किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।\n\n7. यह गांव कहां स्थित है?\nडांगरखेड़ी गांव उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-07-19",
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