# 60 की उम्र में मैसूर दशहरे के कप्तान अभिमन्यु की विदाई, इस बार 4 नए दावेदार उठाएंगे 750 किलो का हौदा

> मैसूर दशहरे में लगातार 6 साल तक 750 किलो का गोल्डन हौदा उठाने वाले 60 वर्षीय हाथी अभिमन्यु को रिटायर कर दिया गया है। वन विभाग ने जंबू सवारी के लिए 12 हाथियों का चयन किया है, जिसमें हौदा उठाने के लिए 4 नए दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/60-ki-umra-men-mysore-dasara-ke-kaptana-abhimanyu-ki-vidai-isa-bara-4-nae-davedara-uthaenge-750-kilo-ka-hauda-18524 · **Language:** Hindi
**Tags:** मैसूर दशहरा, अभिमन्यु हाथी, जंबू सवारी, गोल्डन हौदा, कर्नाटक वन विभाग, गजपायन

कर्नाटक के ऐतिहासिक मैसूर दशहरे की प्रसिद्ध जंबू सवारी शोभायात्रा में एक युग का अंत होने जा रहा है। पिछले छह वर्षों से लगातार 750 किलो का वजनदार गोल्डन हौदा अपने विशाल कंधों पर उठाने वाले दिग्गज हाथी अभिमन्यु को 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर सरकारी नियमों के तहत दशहरा जिम्मेदारियों से सेवानिवृत्त कर दिया गया है। वर्ष 2020 से 2025 तक मैसूर दशहरे के सबसे प्रमुख आकर्षण रहे अभिमन्यु की जगह अब इस वर्ष नए हाथी को हौदा उठाने का सौभाग्य मिलेगा। हालांकि मैसूर के भव्य आयोजन के इतिहास में अभिमन्यु का योगदान हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा।

 

## गोल्डन हौदा के लिए 4 दावेदार शॉर्टलिस्ट, 26 अगस्त से शुरू होगा गजपायन
 दशहरा उत्सव की तैयारियों को लेकर राज्य के वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भव्य जंबू सवारी के लिए कुल 12 हाथियों के दल को अंतिम रूप दिया गया। इस बार 750 किलो का पारंपरिक गोल्डन हौदा उठाने के लिए चार प्रमुख हाथियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें धनंजय, प्रशांत, सुग्रीव और महेंद्र शामिल हैं। इनमें से किसी एक बलशाली हाथी को इस वर्ष हौदा ले जाने का मुख्य दायित्व सौंपा जाएगा।

 मैसूर की ओर हाथियों की पारंपरिक यात्रा, जिसे स्थानीय भाषा में **गजपायन** कहा जाता है, उसकी शुरुआत 26 अगस्त को होगी। यह यात्रा नागरहोल टाइगर रिजर्व के वीरनहोसाहल्ली गेट के पास से प्रारंभ होगी। पहले चरण में विभिन्न वन्यजीव शिविरों से हाथियों को मैसूर लाया जाएगा

  - **दुबारे कैंप:** यहां से धनंजय, गोपी, श्रीराम, सुग्रीव और कावेरी मैसूर के लिए रवाना होंगे।
 - **बल्ले कैंप:** इस शिविर से महेंद्र और लक्ष्मी को दल में शामिल किया गया है।
 - **माथिगोडु कैंप:** यहां से एकलव्य को मैसूर लाया जाएगा।

 

## जंगलों के असली हीरो: 300 से अधिक हाथियों और 80 बाघों का सफल रेस्क्यू
 अभिमन्यु केवल मैसूर दशहरे की शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण ही नहीं था, बल्कि उसने देश के जंगलों में भी अद्वितीय पराक्रम दिखाया है। माथिगोडु कैंप के **लीड कुमकी हाथी** के रूप में कार्य करते हुए अभिमन्यु ने मानव-वन्यजीव संघर्षों को नियंत्रित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। कुमकी हाथी उन विशेष प्रशिक्षित हाथियों को कहा जाता है, जिनका उपयोग हिंसक या अनियंत्रित जंगली हाथियों को पकड़ने और शांत करने के अभियानों में किया जाता है।

 अभिमन्यु के नाम पूरे भारत में 300 से भी अधिक भटके हुए या आक्रामक हाथियों को पकड़ने का रिकॉर्ड दर्ज है। इसके अतिरिक्त, उसने विभिन्न कठिन अभियानों के दौरान 80 से अधिक बाघों को ट्रैनकुलाइज करने और सुरक्षित रूप से पकड़ने के ऑपरेशनों में वन विभाग की टीम का नेतृत्व किया है। संकट की स्थितियों में उसकी समझ और साहस के कारण ही उसे जंगलों का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता रहा है।

 

## 26 वर्षीय हाथी भिमा क्यों हुआ इस बार की सवारी से बाहर?
 इस वर्ष जंबू सवारी में एक और अनुभवी हाथी भिमा भी हिस्सा नहीं ले पाएगा। 26 वर्ष का भिमा वर्तमान में **मस्त** (Musth) अवस्था से गुजर रहा है। हाथियों में मस्त अवस्था एक ऐसी प्राकृतिक जैविक स्थिति होती है, जब उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है। इस दौरान हाथियों के व्यवहार में अचानक आक्रामकता या अनिश्चित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 सार्वजनिक सुरक्षा और उत्सव के शांतिपूर्ण आयोजन को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने भिमा को मुख्य सवारी में शामिल न करने का निर्णय लिया है। हालांकि, उसे आपातकालीन बैकअप के तौर पर रिजर्व दल में रखा गया है। अभिमन्यु के रिटायरमेंट और भिमा के अनुपस्थित रहने से इस बार मैसूर दशहरे की जंबू सवारी एक नए स्वरूप और नए नेतृत्व के साथ सड़कों पर उतरेगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह फैसला वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक उत्सवों में बुजुर्ग हाथियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश देता है।

**मैसूर/कर्नाटक में:** इस वर्ष मैसूर दशहरे की प्रसिद्ध जंबू सवारी में दर्शकों को एक नए मुख्य हाथी के नेतृत्व में 750 किलो का गोल्डन हौदा देखने को मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. अभिमन्यु हाथी क्यों रिटायर हुआ है?
अभिमन्यु हाथी ने इस महीने 60 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। सरकारी नियमों के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे मैसूर दशहरे की जिम्मेदारियों से सेवानिवृत्त किया गया है।

### 2. अभिमन्यु ने कितनी बार 750 किलो का गोल्डन हौदा उठाया था?
अभिमन्यु ने वर्ष 2020 से 2025 तक लगातार 6 बार मैसूर दशहरे की जंबू सवारी में 750 किलो का गोल्डन हौदा उठाया था।

### 3. अभिमन्यु की जगह गोल्डन हौदा उठाने के लिए किन हाथियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है?
गोल्डन हौदा उठाने के लिए चार हाथियों- धनंजय, प्रशांत, सुग्रीव और महेंद्र को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

### 4. रेस्क्यू ऑपरेशनों में अभिमन्यु का क्या रिकॉर्ड रहा है?
माथिगोडु कैंप के लीड कुमकी हाथी के रूप में अभिमन्यु ने भारत भर में 300 से अधिक जंगली हाथियों और 80 से अधिक बाघों को पकड़ने के अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

### 5. 26 वर्षीय हाथी भिमा को जंबू सवारी से बाहर क्यों रखा गया?
हाथी भिमा वर्तमान में 'मस्त' (Musth) अवस्था में है, जिससे उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आ सकते हैं। सुरक्षा कारणों से उसे मुख्य सवारी से बाहर रखकर रिजर्व में रखा गया है।

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