713 किलोमीटर के नए हाईवे से इंदौर-हैदराबाद की दूरी घटकर आधी हो जाएगी, सफर सिमटकर 10 घंटे का रह जाएगा इंदौर और हैदराबाद के बीच बन रहे 713 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच का सफर 21 घंटे से घटकर सिर्फ 10 घंटे का रह जाएगा, प्रोजेक्ट के दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है। देशभर में जिस रफ्तार से एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, उससे शहरों के बीच सड़क यात्रा का पूरा गणित बदल रहा है। ऐसा ही एक बड़ा बदलाव इंदौर और हैदराबाद के बीच होने जा रहा है, जहां नया हाई-स्पीड कॉरिडोर तैयार होते ही दोनों शहरों के बीच का सफर लगभग आधे समय में सिमट जाएगा। यानी जो दूरी अभी 21 घंटे में तय होती है, वह आगे चलकर सिर्फ 10 घंटे में पूरी हो सकेगी। 713 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, तीन राज्यों को जोड़ेगा एनएचएआई यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इंदौर और हैदराबाद के दरमियान लगभग 713 किलोमीटर का यह हाई-स्पीड कॉरिडोर बना रहा है। यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना, इन तीन राज्यों से गुजरेगा और रास्ते में खंडवा, जलगांव, नांदेड़, वाशिम और हिंगोली जैसे शहरों को आपस में जोड़ते हुए हैदराबाद पहुंचेगा। महाराष्ट्र और तेलंगाना वाले हिस्सों में निर्माण का बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश वाले हिस्से पर अभी भी काम जारी है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूरा प्रोजेक्ट दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद तीनों राज्यों को इसका सीधा फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। अभी 21 घंटे का सफर, ट्रेन से भी ज्यादा वक्त इंदौर और हैदराबाद के बीच फिलहाल सड़क के रास्ते करीब 850 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है, जिसमें 20 से 21 घंटे का वक्त लग जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी दूरी ट्रेन से तय करने में सड़क मार्ग से भी ज्यादा वक्त लगता है, यानी करीब 25 घंटे। नया एक्सप्रेसवे सिर्फ 713 किलोमीटर का होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 150 किलोमीटर तक घट जाएगी। इस चार लेन वाली सड़क पर गाड़ियां 100 की रफ्तार से दौड़ सकेंगी, जिससे पूरा सफर महज 10 घंटे में सिमट जाएगा। यानी दूरी भी कम होगी और रफ्तार भी बढ़ेगी, इसलिए समय की बचत लगभग दोगुनी हो जाएगी। मध्य प्रदेश से निकलकर तेलंगाना तक का रास्ता यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से निकलेगा और खंडवा-बुरहानपुर के इलाकों को पार करते हुए महाराष्ट्र में दाखिल होगा। महाराष्ट्र में इसकी एंट्री अकोला शहर से होगी, जिसके बाद यह वाशिम, हिंगोली और नांदेड़ होते हुए तेलंगाना पहुंचेगा। तेलंगाना में हैदराबाद तक पहुंचने से पहले यह कामारेड्डी, मेडक और संगारेड्डी जैसे शहरों से भी होकर गुजरेगा। इस तरह इस कॉरिडोर से तीनों राज्यों के लगभग 10 शहरों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे इन इलाकों में आवाजाही के साथ व्यापार और उद्योग को भी रफ्तार मिल सकती है। पहाड़ी हिस्से को पार करने के लिए तीन सुरंगें इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे मुश्किल काम इंदौर के आसपास का इलाका माना जा रहा है। तेजाजी नगर से आगे खरगोन ज़िले और बलवाड़ा के दरमियान तकरीबन 33 किलोमीटर का पहाड़ी व घाटों वाला हिस्सा पड़ता है, जहां सामान्य तरीके से सड़क बनाना बेहद मुश्किल है। इस चुनौती से निपटने के लिए एनएचएआई ने भेरूघाट और चोरलघाट के पास तीन आधुनिक सुरंगें बनाने का फैसला किया है। इन सुरंगों के तैयार होने के बाद घाट वाले हिस्से का खतरनाक सफर पूरी तरह खत्म हो जाएगा, और यात्री महज आधे घंटे में ही इस पूरे पहाड़ी हिस्से को सुरक्षित तरीके से पार कर सकेंगे। इससे न सिर्फ वक्त बचेगा, बल्कि हादसों का खतरा भी काफी कम हो जाएगा। इसका आप पर असर इस एक्सप्रेसवे के बनने से इंदौर-हैदराबाद के बीच सफर करने वालों का समय और खर्च दोनों घटेंगे। • भारत में: यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से दूर-दूर के शहरों के बीच सड़क यात्रा ट्रेन से भी तेज होने लगी है। इससे लंबी दूरी के लिए निजी वाहन और बस से सफर करने वालों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। • मध्य प्रदेश में: इंदौर से जुड़ने वाला यह कॉरिडोर खंडवा और बुरहानपुर जैसे इलाकों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ेगा। इससे इन इलाकों में व्यापार और आवाजाही, दोनों को फायदा मिल सकता है। • यात्रा में बचत: जो सफर अभी 20-21 घंटे में पूरा होता है, वह घटकर सिर्फ 10 घंटे का रह जाएगा। इससे एक ही दिन में इंदौर से हैदराबाद पहुंचना संभव हो जाएगा। • सुरक्षित सफर: तेजाजी नगर के पास बनने वाली तीन सुरंगों से घाट वाले खतरनाक हिस्से पर हादसों का खतरा कम होगा। यात्री इस पहाड़ी हिस्से को सिर्फ आधे घंटे में सुरक्षित पार कर सकेंगे। • प्लानिंग: प्रोजेक्ट के दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है, इसलिए इस रूट पर बार-बार सफर करने वाले लोग अपनी यात्रा योजना उसी हिसाब से बना सकते हैं। सवाल-जवाब 1. इंदौर से हैदराबाद के बीच नया एक्सप्रेसवे कितना लंबा है? यह एक्सप्रेसवे लगभग 713 किलोमीटर लंबा है। 2. अभी इंदौर से हैदराबाद जाने में कितना समय लगता है? अभी सड़क मार्ग से इस सफर में 20-21 घंटे लगते हैं, जबकि ट्रेन से करीब 25 घंटे लगते हैं। 3. एक्सप्रेसवे बनने के बाद कितना समय लगेगा? एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यह सफर सिर्फ 10 घंटे में पूरा हो सकेगा। 4. यह एक्सप्रेसवे किन राज्यों से गुजरेगा? यह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना, तीन राज्यों से गुजरेगा। 5. एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट क्या होगी? यह चार लेन का एक्सप्रेसवे है, जिस पर वाहन 100 की रफ्तार से चल सकेंगे। 6. एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दूरी में कितनी कमी आएगी? मौजूदा 850 किलोमीटर की तुलना में नई दूरी घटकर लगभग 150 किलोमीटर कम हो जाएगी। 7. इस प्रोजेक्ट में सुरंगें क्यों बनाई जा रही हैं? इंदौर के पास तेजाजी नगर से खरगोन और बलवाड़ा के बीच 33 किलोमीटर का पहाड़ी इलाका है, जहां सड़क बनाना मुश्किल है, इसलिए भेरूघाट और चोरलघाट के पास तीन सुरंगें बनाई जा रही हैं। 8. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होने की उम्मीद है? प्रोजेक्ट के दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। https://trendkia.com/national/713-kilomitara-ke-nae-haive-se-indore-hyderabad-ki-duri-ghatakara-adhi-ho-jaegi-saphara-simatakara-10-ghnte-ka-raha-jaega-28690 TrendKia — Har trend, sabse pehle.