# 80वें स्वतंत्रता दिवस पर रचा गया इतिहास, लाल किले पर पहली बार बजा 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण

> 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के दौरान पहली बार 'वंदे मातरम' का संपूर्ण संस्करण बजाया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर ज्ञानपथ पर हजारों कैडेट्स ने राष्ट्रगीत की विशेष मानव आकृति भी बनाई।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/80ven-svatntrata-divasa-para-racha-gaya-itihasa-red-fort-para-pahali-bara-baja-vande-mataram-ka-pura-snskarana-16872 · **Language:** Hindi
**Tags:** 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किला, वंदे मातरम, नरेंद्र मोदी, द्रौपदी मुर्मू, ज्ञानपथ, एनसीसी कैडेट्स

80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय समारोह के दौरान एक नया अध्याय जोड़ा गया। शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह की औपचारिक शुरुआत के समय पहली बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का संपूर्ण संस्करण पूरी गरिमा के साथ बजाया गया। राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण गायन और वादन के तुरंत बाद देश का राष्ट्रगान हुआ। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर संपूर्ण राष्ट्र को संबोधित किया। देश के आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पूरे स्वरूप को शामिल किया जाना एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक क्षण रहा।

## 150 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत का जश्न
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्षों के ऐतिहासिक और प्रेरणादायी इतिहास को सम्मान देने के उद्देश्य से इस वर्ष के आयोजन में इसे विशेष प्राथमिकता दी गई। इस महत्वपूर्ण अवसर का उत्सव मनाने के लिए नेशनल कैडेट कोर (NCC) के लगभग 2,500 कैडेट्स और 'मेरा भारत' (My Bharat) अभियान से जुड़े वॉलंटियर्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लाल किले की प्राचीर के ठीक सामने स्थित ज्ञानपथ पर बैठे इन युवाओं ने एक साथ मिलकर 'वंदे मातरम' शब्द के अक्षरों की एक अत्यंत आकर्षक और सुव्यवस्थित मानव आकृति का निर्माण किया।

## 'विकसित भारत @2047' थीम और 5000 विशेष अतिथि
ज्ञानपथ के पूरे परिसर को देश के भावी विजन को दर्शाने वाली 'विकसित भारत @2047' की थीम पर सजाया गया था, जहां इस संकल्प से जुड़े अनेक कट-आउट प्रदर्शित किए गए थे। लाल किले के इस भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह की साक्षी बनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और पेशों से आए लगभग 5,000 खास मेहमानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इन अतिथियों ने प्राचीर के समक्ष उपस्थित रहकर इस गौरवशाली क्षण का अनुभव किया।

## राष्ट्रपति के संबोधन से हुई थी शुरुआत
स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक एक दिन पहले, यानी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भी इस नई परिपाटी की शुरुआत की जा चुकी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए औपचारिक संबोधन के प्रारंभ और समापन, दोनों ही मौकों पर 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण बजाया गया था। यह पहला मौका था जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के किसी भी सरकारी आयोजन में राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण वर्शन को आधिकारिक तौर पर बजाया गया।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर इसके संपूर्ण संस्करण को शामिल करने से देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नया आयाम मिला है।

**दिल्ली में:** लाल किले के ज्ञानपथ पर युवाओं द्वारा निर्मित मानव आकृति और विकसित भारत @2047 की प्रदर्शनी से राजधानी में स्वतंत्रता दिवस उत्सव का भव्य अनुभव देखने को मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में क्या ऐतिहासिक काम हुआ?
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का संपूर्ण संस्करण बजाया गया।

### 2. 'वंदे मातरम' की कौन सी वर्षगांठ मनाई जा रही है?
देश इस समय राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150 साल पुरानी विरासत का जश्न मना रहा है।

### 3. ज्ञानपथ पर कैडेट्स ने क्या खास प्रस्तुति दी?
एनसीसी के लगभग 2,500 कैडेट्स और 'मेरा भारत' के वॉलंटियर्स ने ज्ञानपथ पर बैठकर 'वंदे मातरम' शब्द की भव्य मानव आकृति बनाई।

### 4. राष्ट्रपति के संबोधन में 'वंदे मातरम' कब बजाया गया?
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन के शुरुआत और समापन दोनों मौकों पर इसका पूरा वर्शन बजाया गया।

### 5. इस साल लाल किले पर कितने खास मेहमान शामिल हुए?
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों और पेशों से आए लगभग 5,000 विशेष मेहमानों ने भाग लिया।

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणा और सीख:**

- **सांस्कृतिक गौरव का सम्मान:** अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और प्रतीकों का पूर्ण रूप से सम्मान करना राष्ट्र की पहचान को मजबूत बनाता है।
- **युवाओं की सामूहिक सहभागिता:** एनसीसी कैडेट्स और वॉलंटियर्स द्वारा एकजुट होकर मानव आकृति बनाना अनुशासन और संगठन की ताकत को दर्शाता है।
- **भविष्य का स्पष्ट दृष्टिकोण:** 'विकसित भारत @2047' की थीम देश के युवाओं को भविष्य के लक्ष्यों की ओर प्रेरित करती है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._