अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की उठी मांग, दिल्ली पुलिस को मिली लिखित शिकायत फैजल अंसारी ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर दंगा भड़काने की साजिश रचने और देशविरोधी गतिविधियों के समर्थकों को मदद देने का आरोप लगाया गया है। नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों और पुलिस प्रशासन में एक नया मामला सामने आया है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की तत्काल गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ रही है। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस के पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित डीसीपी कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसे फैजल अंसारी नामक व्यक्ति ने सौंपा है। शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि अभिजीत दिपके का सार्वजनिक आचरण और गतिविधियां देश की शांति, कानून व्यवस्था और आपसी सामाजिक सौहार्द के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकती हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन और देशविरोधी तत्वों को समर्थन देने का आरोप शिकायतकर्ता ने अपनी अर्जी में गंभीर आरोप लगाए हैं कि अभिजीत दिपके ने उन लोगों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। इसके अलावा, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किए गए प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों को जुटाने के लिए कथित तौर पर आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई थी ताकि भीड़ जुटाई जा सके। शिकायत में इन सभी गंभीर बिंदुओं की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके और उचित कानूनी कदम उठाए जा सकें। पुणे और औरंगाबाद में हमलों का दावा और सबूत सौंपने की बात मामले को और आगे बढ़ाते हुए फैजल अंसारी ने दावा किया है कि अभिजीत दिपके की शह पर उन पर व्यक्तिगत रूप से भी जानलेवा हमले कराए जा चुके हैं। उनके अनुसार, ऐसा हमला दो अलग-अलग स्थानों पर हुआ, जिसमें एक घटना पुणे शहर में और दूसरी घटना औरंगाबाद में अंजाम दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन दोनों ही हमलों से जुड़े तमाम सबूत और दस्तावेज दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं ताकि पुलिस तकनीकी और तथ्यात्मक आधार पर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा सके। सोनम वांगचुक के मुद्दे पर प्रशासन की सराहना और तीखी चेतावनी घटनाक्रम के दौरान फैजल अंसारी ने मीडिया और प्रशासनिक कदमों की सराहना करते हुए कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की प्रशंसा करते हैं जिन्होंने समय रहते सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया। उनका मानना है कि इस सूझबूझ भरे कदम से राजधानी का माहौल बिगड़ने से पूरी तरह बच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दिपके अपने निजी स्वार्थों के लिए समाज का माहौल खराब कर रहे हैं और चेतावनी दी कि यदि उन्हें शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया, तो देश में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क सकते हैं। पुलिस की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस से पुरजोर अपील की है कि वह इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए त्वरित जांच करे। यदि जांच के दौरान लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया या साक्ष्यों के आधार पर सही पाए जाते हैं, तो बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। हालांकि, इस सनसनीखेज शिकायत के सामने आने के बाद भी दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मामले की आंतरिक प्रक्रिया और छानबीन जारी है। इसका आप पर असर राष्ट्रीय स्तर पर: सार्वजनिक मंचों और प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर पुलिस प्रशासन की चौकसी बढ़ सकती है। दिल्ली में: राजधानी में होने वाले आयोजनों और राजनीतिक प्रदर्शनों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके। सवाल-जवाब 1. अभिजीत दिपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत किसने दर्ज कराई है? फैजल अंसारी नामक व्यक्ति ने पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित डीसीपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। 2. शिकायतकर्ता ने अभिजीत दिपके पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए हैं? शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिपके देशविरोधी गतिविधियों के समर्थकों की मदद करते हैं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को आर्थिक सहायता देकर बुलाते हैं। 3. फैजल अंसारी ने किन जगहों पर हमले होने का दावा किया है? शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उन पर एक बार पुणे में और दूसरी बार औरंगाबाद में हमला कराया गया था। 4. इस मामले पर दिल्ली पुलिस की क्या प्रतिक्रिया रही है? फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और मामले की जांच जारी है। https://trendkia.com/national/abhijeet-dipke-ki-giraftari-ki-uthi-maang-delhi-police-ko-mili-likhit-shikayat-13466 TrendKia — Har trend, sabse pehle.