अबू धाबी जा रहे विमान का इंजन आसमान में फेल, कोच्चि लौटी फ्लाइट, एयर इंडिया की मुश्किलें कम नहीं कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 में उड़ान के 50 मिनट बाद इंजन का ऑयल प्रेशर डेंजर जोन में पहुंच गया, जिसके बाद पायलटों ने इंजन बंद कर विमान को वापस कोच्चि उतारा। इससे पहले अहमदाबाद हादसे और फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में कैप्टन के नशे में पाए जाने जैसी घटनाओं ने एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले ही सवाल खड़े कर रखे थे। कोच्चि एयरपोर्ट से उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 के कॉकपिट में अचानक अलार्म बज उठा। करीब 36 हजार से 37 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे इस बोइंग 737 विमान में पायलटों की नजर जैसे ही इंजन 1 के ऑयल प्रेशर पर पड़ी, उनके होश उड़ गए। प्रेशर तेजी से गिरते हुए सीधे डेंजर जोन में जा पहुंचा था। हालात की गंभीरता भांपते हुए क्रू ने बीच हवा में ही इंजन को बंद करने का फैसला किया और विमान को वापस कोच्चि एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया। कुछ ही देर बाद विमान ने सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कर ली, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया। 50 मिनट के भीतर बदल गई पूरी उड़ान दर्जनों यात्रियों को लेकर उड़ान भर चुकी इस फ्लाइट के लिए यह सफर आधे घंटे से भी कम समय में डरावना बन गया। इंजन का ऑयल असामान्य रफ्तार से घटना किसी मामूली गड़बड़ी का संकेत नहीं, बल्कि गंभीर तकनीकी खतरे की चेतावनी थी। पायलटों ने प्रोटोकॉल के मुताबिक तुरंत आकलन किया और खराब इंजन को शटडाउन कर दिया। गनीमत यह रही कि बोइंग 737 जैसे विमान एक इंजन के सहारे भी उड़ान भरने में सक्षम होते हैं, यही वजह रही कि क्रू यू-टर्न लेकर विमान को वापस कोच्चि तक सुरक्षित ला सका। यात्रियों की जान बच गई, लेकिन सवाल यही उठता है कि टेकऑफ से पहले हुई जांच में यह खराबी पकड़ में क्यों नहीं आई। अहमदाबाद से फुकेट तक, यह सिलसिला नया नहीं टाटा समूह के हाथों में जाने के बाद एयर इंडिया की साख को झटका देने वाली यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अहमदाबाद में हुए एक बड़े प्लेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसकी वजह एक तकनीकी खामी बताई गई। इसके अलावा 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में भी बेहद डरावने हालात बने थे। करीब 36 हजार फीट पर उड़ रहे इस विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम मात्र कुछ सेकंड के भीतर ठप हो गए थे। ऑटोपायलट खुद ब खुद डिसकनेक्ट हो गया और विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गिरा। इस झटके के दौरान केबिन की छत और सिर के ऊपर लगे सामान रखने वाले बिन्स तक टूट गए। हादसे में क्रू सहित कुल 24 लोग घायल हुए, जिनमें से 4 यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। टर्बुलेंस नहीं, कैप्टन के खून में मिला नशीला पदार्थ शुरुआत में इस पूरे घटनाक्रम को खराब मौसम और हवा में अचानक बनी अशांति यानी क्लियर एयर टर्बुलेंस से जोड़कर देखा गया। लेकिन एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। लैंडिंग के बाद क्रू के मेडिकल और डोप टेस्ट में उस फ्लाइट के 34 साल के कैप्टन का ब्लड टेस्ट मैरिजुआना यानी गांजे के लिए पॉजिटिव पाया गया। एएआईबी ने इसे यात्रियों की जान के साथ बेहद संगीन लापरवाही बताया। एक ऐसा शख्स जिसके हाथों में सैकड़ों जिंदगियां सुरक्षित होनी चाहिए थीं, वही नशे की हालत में कॉकपिट में बैठा था। इस खुलासे ने एयरलाइन के क्रू सिलेक्शन और फिटनेस जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। टाटा के आने के बाद भी मेंटेनेंस पर भरोसा डगमगाया जब टाटा समूह ने एयर इंडिया की बागडोर संभाली थी, तब उम्मीद जताई जा रही थी कि यह एयरलाइन अपने पुराने रुतबे को दोबारा हासिल कर लेगी। नए विमानों के लिए बड़े ऑर्डर बुक कराए गए, लोगो और रंग-रूप बदला गया और भविष्य की शानदार योजनाओं की बातें भी खूब हुईं। मगर हकीकत में जमीन पर सुरक्षा जांच और आसमान में उड़ान भरने वाले बेड़े की सेहत उतनी नहीं सुधरी जितनी उम्मीद थी। 37 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक इंजन का ऑयल खत्म होने जैसी घटना सीधे तौर पर इशारा करती है कि उड़ान भरने से पहले हुई प्री-फ्लाइट जांच में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई। बुनियादी मेंटेनेंस से लेकर क्रू के फिटनेस टेस्ट तक, हर स्तर पर सख्ती की जरूरत साफ नजर आ रही है। क्या यात्री अब सिर्फ किस्मत के भरोसे सफर करें हवाई यात्रा में सुरक्षा किसी शर्त की तरह नहीं, बल्कि सबसे पहली जरूरत मानी जाती है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर बिठा दिया है। आज एयर इंडिया की टिकट कटाने वाला यात्री सफर के मजे से ज्यादा अपनी सलामती के लिए दुआ करता नजर आता है। अगर एयरलाइन ने समय रहते अपने पूरे बेड़े का सख्त स्ट्रक्चरल और मैकेनिकल ऑडिट नहीं कराया, तो यह ढिलाई किसी दिन ऐसे बड़े हादसे की शक्ल ले सकती है जिसकी भरपाई न कोई मुआवजा कर पाएगा और न कोई माफी। एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी एयरलाइन के लिए सबसे बड़ी पूंजी उसका सुरक्षा रिकॉर्ड होता है, न कि उसके विमानों की संख्या या उनकी साज-सज्जा। बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियां और क्रू से जुड़ी लापरवाहियां बताती हैं कि विस्तार की रफ्तार जितनी तेज रखी जा रही है, सुरक्षा प्रणाली को उतनी ही मजबूत करने की रफ्तार उससे पीछे छूट रही है। नागरिक उड्डयन नियामक और खुद एयरलाइन प्रबंधन के लिए यह घटनाएं एक चेतावनी की तरह हैं कि अगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यात्रियों का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। इसका आप पर असर अगर आपने एयर इंडिया या एयर इंडिया एक्सप्रेस से टिकट बुक कर रखा है या करने वाले हैं, तो इन घटनाओं का सीधा असर आपकी यात्रा की सुरक्षा और मानसिक तसल्ली पर पड़ता है। • टिकट बुकिंग से पहले जांच: बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों के चलते यात्रियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे फ्लाइट चुनते समय एयरलाइन के हालिया सुरक्षा रिकॉर्ड पर भी ध्यान दें। सिर्फ किराया या समय देखकर बुकिंग करना अब पर्याप्त नहीं रह गया है। • नियामकीय जांच तेज होगी: AAIB जैसी संस्थाएं अब हर घटना की गहराई से जांच कर रही हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में एयरलाइन पर सख्त निर्देश और अतिरिक्त सुरक्षा ऑडिट लागू हो सकते हैं। • क्रू फिटनेस पर सख्ती: कैप्टन के नशे में पाए जाने के बाद क्रू के मेडिकल और डोप टेस्ट को लेकर सख्ती बढ़ सकती है, जिसका फायदा अंततः यात्रियों की सुरक्षा को ही मिलेगा। • यात्रा बीमा पर विचार: ऐसी घटनाओं के बाद कई यात्री लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी समझने लगे हैं, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सके। सवाल-जवाब 1. एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 के साथ क्या हुआ? कोच्चि से अबू धाबी जा रही इस फ्लाइट में उड़ान के 50 मिनट बाद इंजन 1 का ऑयल प्रेशर डेंजर जोन में पहुंच गया, जिसके बाद पायलटों ने इंजन बंद कर विमान को वापस कोच्चि उतारा। 2. यह घटना कितनी ऊंचाई पर हुई? यह घटना करीब 36,000 से 37,000 फीट की ऊंचाई पर हुई। 3. क्या विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे? हां, पायलटों ने इंजन शटडाउन कर मिड-एयर से यू-टर्न लिया और विमान को सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। 4. फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में क्या हुआ था? 4 अगस्त को 36,000 फीट की ऊंचाई पर तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गए, ऑटोपायलट डिसकनेक्ट हुआ और विमान करीब 300 फीट नीचे गिर गया, जिसमें 24 लोग घायल हुए और 4 गंभीर रूप से चोटिल हुए। 5. फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन को लेकर क्या खुलासा हुआ? एएआईबी की जांच में सामने आया कि 34 वर्षीय कैप्टन का ब्लड टेस्ट मैरिजुआना के लिए पॉजिटिव था। 6. टाटा ग्रुप के टेकओवर के बावजूद एयर इंडिया में क्या समस्या बनी हुई है? नए विमानों और रीब्रैंडिंग के बावजूद बुनियादी मेंटेनेंस, प्री-फ्लाइट जांच और क्रू फिटनेस स्क्रीनिंग में लापरवाही देखी जा रही है। 7. क्या इससे पहले भी एयर इंडिया से जुड़ा कोई बड़ा हादसा हुआ है? हां, अहमदाबाद में हुए एक प्लेन क्रैश में एक तकनीकी खामी सामने आई थी। https://trendkia.com/national/abu-dhabi-ja-rahe-vimana-ka-injana-asamana-men-phela-kochi-lauti-phlaita-air-india-ki-mushkilen-kama-nahin-29072 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