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  "type": "article",
  "title": "अग्निपथ योजना में बड़े बदलाव की तैयारी, अग्निवीरों को मिल सकता है 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार",
  "summary": "भारतीय सशस्त्र बलों में चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। नौसेना के पहले बैच का कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस नई व्यवस्था की घोषणा संभव है।",
  "content": "भारतीय सशस्त्र बलों के भर्ती ढांचे में एक बड़ा और अहम बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी करने वाले सैनिकों को दो अतिरिक्त वर्षों के लिए सेवा विस्तार देने की योजना पर विचार चल रहा है। भारतीय नौसेना के अग्निवीरों के पहले समूह का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर से पूरा होने जा रहा है, जिससे पहले इस नए सेवा विस्तार प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना बनी हुई है।\n\nसशस्त्र बलों में तीन अलग-अलग श्रेणियां बनने की संभावना\nवर्तमान व्यवस्था के मुताबिक, चार वर्षों की सेवा पूरी होने पर कुल बैच के 25 प्रतिशत सैनिकों को नियमित संवर्ग में स्थायी नियुक्ति दी जाती है, जबकि शेष 75 प्रतिशत जवानों को सेवामुक्त कर दिया जाता है। विचाराधीन नए प्रस्ताव के अमल में आने के बाद सेवामुक्त होने वाले 75 प्रतिशत जवानों में से भी एक तय हिस्से को दो और वर्षों तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिल सकेगा। यदि इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति मिलती है, तो थल सेना, नौसेना और वायु सेना में सैनिकों के तीन अलग-अलग वर्ग तैयार होंगे। इनमें शुरुआती चार साल के नियमित अग्निवीर, दो वर्ष के अतिरिक्त विस्तार पर रहने वाले अग्निवीर और 25 प्रतिशत कोटे से चुने गए स्थायी सैनिक शामिल होंगे।\n\nपहले बैच के जवानों की सेवामुक्ति की तिथियां\nअग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए शुरुआती बैच के जवानों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने की प्रक्रिया अब बेहद नजदीक आ चुकी है। तीनों अंगों के शुरुआती बैच अलग-अलग समय पर अपना निर्धारित समय पूरा कर रहे हैं\n\n• भारतीय नौसेना: नौसेना से जुड़े अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर को अपनी चार वर्ष की सेवा पूरी कर रहा है।\n• भारतीय वायु सेना: वायु सेना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 21 दिसंबर को समाप्त होगा।\n• भारतीय थल सेना: थल सेना के शुरुआती बैच के जवान 31 दिसंबर को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेंगे।\n\nदो वर्ष के सेवा विस्तार से होने वाले संभावित बदलाव\nयदि इस दो वर्षीय सेवा विस्तार योजना को आधिकारिक मंजूरी मिलती है, तो इससे सशस्त्र बलों और सेवा देने वाले जवानों दोनों को सीधा फायदा पहुंचेगा। चार साल के कठोर प्रशिक्षण और तैनाती के बाद जवान सैन्य अभियानों, तकनीकी जिम्मेदारियों और रणनीतिक कार्यों में पूरी तरह परिपक्व हो जाते हैं। अतिरिक्त दो वर्ष मिलने से सेना को अनुभवी कर्मियों की निरंतरता हासिल होगी, जिससे अभियानों की दक्षता और अनुभव का ढांचा मजबूत रहेगा।\n\nइसके अलावा जवानों के वेतनमान में भी सुधार देखने को मिलेगा। वर्तमान ढांचे में चौथे वर्ष के दौरान अग्निवीरों को कुल 40,000 रुपये का मासिक पैकेज मिलता है, जिसमें से हाथ में आने वाला वेतन 28,000 रुपये रहता है। पांचवें और छठे साल के विस्तार के दौरान जवानों का वेतन और भत्ते नियमित सैनिकों के वेतन स्तर के बेहद करीब पहुंच सकते हैं। साथ ही जवानों को अपने भविष्य के पुनर्वास के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। लगभग 23 से 24 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने से उन्हें नागरिक सेवाओं, अर्द्धसैनिक बलों या अन्य करियर विकल्पों की तैयारी के लिए बेहतर अवसर और आर्थिक स्थिरता मिल सकेगी।\n\nमौजूदा नियम, सेवा निधि और अन्य लाभ\nरक्षा मंत्रालय ने 14 जून 2022 को इस भर्ती व्यवस्था की शुरुआत की थी। मौजूदा नियमों के तहत चार वर्ष का सेवाकाल सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रत्येक अग्निवीर को सेवा निधि पैकेज के रूप में ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रुपये की एकमुश्त कर-मुक्त राशि दी जाती है। सेवा के दौरान जवानों को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है और सेवामुक्ति के वक्त उनके पेशेवर कौशल को प्रमाणित करने वाला स्किल सर्टिफिकेट सौंपा जाता है। हालांकि वर्तमान व्यवस्था में इन जवानों को नियमित पेंशन या ग्रेच्युटी की सुविधा नहीं दी जाती है।\n\nइसका आप पर असर\nअग्निपथ योजना में दो साल के संभावित विस्तार से सेवा दे रहे जवानों और सैन्य करियर की तैयारी कर रहे युवाओं के करियर विकल्पों पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• करियर सुरक्षा पर: चार साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को बाहर होने के बजाय दो और साल काम करने का विकल्प मिल सकता है। इससे जवानों को 23 से 24 साल की उम्र तक नियमित आय और आर्थिक स्थिरता मिलती रहेगी।\n• वेतन और भत्तों पर: चौथे वर्ष में मिलने वाले 40,000 रुपये के पैकेज और 28,000 रुपये इन-हैंड वेतन के मुकाबले पांचवें और छठे साल में नियमित सैनिकों जैसे भत्ते मिल सकते हैं। इससे सेवा विस्तार पाने वाले जवानों की मासिक बचत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।\n• पुनर्वास और नई नौकरियों पर: सेवाकाल बढ़ने से जवानों को अर्द्धसैनिक बलों या नागरिक नौकरियों में जाने के लिए तैयारी का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। इससे सेना से बाहर आने के बाद नई नौकरी पाने की संभावना और मजबूत होगी।\n• सशस्त्र बलों की क्षमता पर: चार साल प्रशिक्षित हो चुके जवानों के रुकने से सेना को तुरंत नई भर्तियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे सैन्य अभियानों में अनुभवी कर्मियों का सीधा लाभ मिलता रहेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह प्रस्ताव सशस्त्र बलों के भीतर चार साल के बाद अनुभवी कर्मियों की कमी से बचने और सेवामुक्त होने वाले जवानों के करियर को अधिक स्थिरता देने की जरूरत के तहत सामने आया है।\n\n• अनुभवी जनशक्ति की जरूरत: चार वर्ष का प्रशिक्षण और तैनाती पूरी करने के बाद जवान सैन्य अभियानों और तकनीकी दायित्वों में पूरी तरह पारंगत हो जाते हैं। उन्हें तुरंत बाहर करने से सैन्य इकाइयों में अनुभव की कमी का जोखिम पैदा होता है।\n• पहले बैच का समय पूरा होना: भारतीय नौसेना के पहले अग्निवीर समूह का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर को पूरा होने जा रहा है। ऐसे में नीतिगत स्तर पर जवानों के भविष्य और इकाई संतुलन को बनाए रखने के लिए समय रहते निर्णय जरूरी माना जा रहा है।\n• सैनिकों की निरंतरता और तीन श्रेणियां: मौजूदा 25 प्रतिशत स्थायी और 75 प्रतिशत सेवामुक्ति के कड़े विभाजन के बीच एक मध्यवर्ती विकल्प की आवश्यकता महसूस की गई। इसके तहत नियमित अग्निवीर, सेवा विस्तार वाले जवान और स्थायी सैनिक की त्रिस्तरीय व्यवस्था तैयार करने पर विचार हुआ।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अग्निवीरों के लिए किस नए प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है?\nचार साल का सेवाकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।\n\n2. वर्तमान नियमों के तहत कितने प्रतिशत अग्निवीर स्थायी होते हैं?\nमौजूदा नियमों के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में स्थायी किया जाता है और 75 प्रतिशत को सेवामुक्त कर दिया जाता है।\n\n3. पहले बैच के नौसेना अग्निवीरों का कार्यकाल कब पूरा हो रहा है?\nभारतीय नौसेना के पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर को पूरा हो रहा है।\n\n4. वायु सेना और थल सेना के शुरुआती बैच कब रिटायर होंगे?\nवायु सेना का पहला बैच 21 दिसंबर को और थल सेना का पहला बैच 31 दिसंबर को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेगा।\n\n5. चार साल पूरे होने पर सेवा निधि पैकेज में कितनी राशि मिलती है?\nचार साल की सेवा पूरी होने पर प्रत्येक अग्निवीर को ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रुपये का कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलता है।\n\n6. अग्निपथ योजना की शुरुआत कब हुई थी?\nरक्षा मंत्रालय ने अग्निपथ योजना की आधिकारिक शुरुआत 14 जून 2022 को की थी।",
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  "publishedAt": "2026-11-02",
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